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भारत का 600वां टेस्ट कल, गिल के सामने WTC में वापसी की चुनौती
स्पोर्ट्स डेस्क
गॉल में श्रीलंका से पहला मुकाबला, कप्तान गिल बोले- फाइनल की रेस में बने रहने के लिए 7 टेस्ट जीतना जरूरी
भारत 15 अगस्त को टेस्ट क्रिकेट में एक ऐतिहासिक पड़ाव छूने जा रहा है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला पहला टेस्ट भारतीय टीम का 600वां मुकाबला होगा। मैच सुबह 10 बजे शुरू होगा और संयोग यह भी है कि टीम इंडिया अपना यह बड़ा आंकड़ा स्वतंत्रता दिवस के दिन हासिल करेगी। भारत इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद 600 टेस्ट खेलने वाली दुनिया की तीसरी टीम बनने जा रहा है। शुभमन गिल के लिए भी यह मुकाबला खास है, क्योंकि वह बतौर कप्तान भारत के इस ऐतिहासिक टेस्ट में टीम की अगुआई करेंगे। गिल ने मैच से पहले साफ किया कि टीम की नजर सिर्फ इस एक मुकाबले पर नहीं है, बल्कि पूरा फोकस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ पर है। भारत फिलहाल WTC तालिका में पांचवें स्थान पर है और उसके सामने बचे मैचों में लगातार जीत दर्ज करने का दबाव है। गिल के मुताबिक भारत को फाइनल में जगह बनाने के लिए अगले नौ में से करीब सात टेस्ट जीतने की जरूरत है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज की शुरुआत टीम के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
गॉल की परिस्थितियां भारत के सामने अलग तरह की परीक्षा रखेंगी। यहां पिच मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों की मदद करती है और श्रीलंका के स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर खेलना होगा। हाल के समय में स्पिन के सामने भारतीय बल्लेबाजी को लेकर सवाल भी उठे हैं। टीम ने अपनी तैयारियों में इसी पहलू पर काफी काम किया है। नेट्स में बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई परिस्थितियों जैसी गेंदबाजी का सामना किया, टर्न और उछाल को पढ़ने पर ध्यान दिया गया। गिल ने भी माना है कि विदेशी परिस्थितियों में तुरंत ढलना आसान नहीं होता और एक सप्ताह से 10 दिन की तैयारी काफी मदद करती है। टीम के लिए तेज गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी बड़ा झटका है। उनकी जगह उपलब्ध विकल्पों में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पर जिम्मेदारी बढ़ेगी। गिल ने प्रसिद्ध कृष्णा और युवा गनूर ब्रार के बीच चयन को मुश्किल फैसला बताया है। वहीं स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार को लेकर चर्चा है। गॉल की पिच को देखते हुए भारत तीन स्पिनरों के साथ उतर सकता है।
भारत और श्रीलंका दोनों के लिए यह सीरीज WTC अभियान में महत्वपूर्ण है। भारत पिछली बार 2017 में श्रीलंका के दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलने गया था और तब उसने 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। इस बार परिस्थितियां थोड़ी अलग हैं। भारतीय टीम में बदलाव का दौर चल रहा है और गिल के नेतृत्व में टेस्ट टीम का नया अध्याय भी शुरू हो रहा है। दूसरी तरफ श्रीलंका अपने घरेलू मैदान पर स्पिन और परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगा। भारत को अपने बल्लेबाजों से लंबी पारियों की जरूरत होगी, क्योंकि गॉल में मैच के आगे बढ़ने के साथ गेंद का व्यवहार बदल सकता है। श्रीलंकाई टीम भी WTC में अंक जुटाने के लिए इस सीरीज को हल्के में नहीं ले रही है। भारत के लिए पहला लक्ष्य सीरीज जीतकर जरूरी अंक हासिल करना होगा, लेकिन उसके सामने चोटों और टीम संयोजन की चुनौती भी है। साई सुदर्शन भी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि बुमराह की अनुपस्थिति से गेंदबाजी आक्रमण का संतुलन बदल सकता है। गिल खुद भी अभ्यास मैच के दौरान उंगली की चोट से उबरकर फिट घोषित हुए हैं और पहले टेस्ट में कप्तानी करने के लिए तैयार हैं।
भारत के 600वें टेस्ट का रिकॉर्ड वाला पहलू भी कम दिलचस्प नहीं है। जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट के बाद भारत के खाते में 599 टेस्ट हो चुके थे, जिनमें 186 जीत दर्ज हैं। श्रीलंका के खिलाफ जीत मिलते ही भारत टेस्ट क्रिकेट में अपनी जीत की संख्या 187 कर लेगा। हालांकि वेस्टइंडीज की टेस्ट जीतों का आंकड़ा अलग-अलग स्रोतों में अपडेट के हिसाब से बदलता दिखता है, इसलिए इस मैच को लेकर मुख्य ऐतिहासिक उपलब्धि भारत के 600 टेस्ट पूरे करने की है। यह मुकाबला एक तरफ भारतीय क्रिकेट के लंबे सफर का पड़ाव है, वहीं दूसरी तरफ गिल की टीम के लिए WTC की मुश्किल राह का अगला पड़ाव भी है। गॉल में टॉस, पिच और शुरुआती सत्र का खेल काफी अहम रहने वाला है। श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ भारत के बल्लेबाज किस तरह शुरुआत करते हैं, इस पर भी मैच की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है।
भारत का 600वां टेस्ट कल, गिल के सामने WTC में वापसी की चुनौती
स्पोर्ट्स डेस्क
भारत 15 अगस्त को टेस्ट क्रिकेट में एक ऐतिहासिक पड़ाव छूने जा रहा है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला पहला टेस्ट भारतीय टीम का 600वां मुकाबला होगा। मैच सुबह 10 बजे शुरू होगा और संयोग यह भी है कि टीम इंडिया अपना यह बड़ा आंकड़ा स्वतंत्रता दिवस के दिन हासिल करेगी। भारत इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद 600 टेस्ट खेलने वाली दुनिया की तीसरी टीम बनने जा रहा है। शुभमन गिल के लिए भी यह मुकाबला खास है, क्योंकि वह बतौर कप्तान भारत के इस ऐतिहासिक टेस्ट में टीम की अगुआई करेंगे। गिल ने मैच से पहले साफ किया कि टीम की नजर सिर्फ इस एक मुकाबले पर नहीं है, बल्कि पूरा फोकस वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ पर है। भारत फिलहाल WTC तालिका में पांचवें स्थान पर है और उसके सामने बचे मैचों में लगातार जीत दर्ज करने का दबाव है। गिल के मुताबिक भारत को फाइनल में जगह बनाने के लिए अगले नौ में से करीब सात टेस्ट जीतने की जरूरत है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज की शुरुआत टीम के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
गॉल की परिस्थितियां भारत के सामने अलग तरह की परीक्षा रखेंगी। यहां पिच मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों की मदद करती है और श्रीलंका के स्पिनरों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को संभलकर खेलना होगा। हाल के समय में स्पिन के सामने भारतीय बल्लेबाजी को लेकर सवाल भी उठे हैं। टीम ने अपनी तैयारियों में इसी पहलू पर काफी काम किया है। नेट्स में बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई परिस्थितियों जैसी गेंदबाजी का सामना किया, टर्न और उछाल को पढ़ने पर ध्यान दिया गया। गिल ने भी माना है कि विदेशी परिस्थितियों में तुरंत ढलना आसान नहीं होता और एक सप्ताह से 10 दिन की तैयारी काफी मदद करती है। टीम के लिए तेज गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी बड़ा झटका है। उनकी जगह उपलब्ध विकल्पों में मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा पर जिम्मेदारी बढ़ेगी। गिल ने प्रसिद्ध कृष्णा और युवा गनूर ब्रार के बीच चयन को मुश्किल फैसला बताया है। वहीं स्पिन विभाग में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार को लेकर चर्चा है। गॉल की पिच को देखते हुए भारत तीन स्पिनरों के साथ उतर सकता है।
भारत और श्रीलंका दोनों के लिए यह सीरीज WTC अभियान में महत्वपूर्ण है। भारत पिछली बार 2017 में श्रीलंका के दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलने गया था और तब उसने 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। इस बार परिस्थितियां थोड़ी अलग हैं। भारतीय टीम में बदलाव का दौर चल रहा है और गिल के नेतृत्व में टेस्ट टीम का नया अध्याय भी शुरू हो रहा है। दूसरी तरफ श्रीलंका अपने घरेलू मैदान पर स्पिन और परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगा। भारत को अपने बल्लेबाजों से लंबी पारियों की जरूरत होगी, क्योंकि गॉल में मैच के आगे बढ़ने के साथ गेंद का व्यवहार बदल सकता है। श्रीलंकाई टीम भी WTC में अंक जुटाने के लिए इस सीरीज को हल्के में नहीं ले रही है। भारत के लिए पहला लक्ष्य सीरीज जीतकर जरूरी अंक हासिल करना होगा, लेकिन उसके सामने चोटों और टीम संयोजन की चुनौती भी है। साई सुदर्शन भी चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं, जबकि बुमराह की अनुपस्थिति से गेंदबाजी आक्रमण का संतुलन बदल सकता है। गिल खुद भी अभ्यास मैच के दौरान उंगली की चोट से उबरकर फिट घोषित हुए हैं और पहले टेस्ट में कप्तानी करने के लिए तैयार हैं।
भारत के 600वें टेस्ट का रिकॉर्ड वाला पहलू भी कम दिलचस्प नहीं है। जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट के बाद भारत के खाते में 599 टेस्ट हो चुके थे, जिनमें 186 जीत दर्ज हैं। श्रीलंका के खिलाफ जीत मिलते ही भारत टेस्ट क्रिकेट में अपनी जीत की संख्या 187 कर लेगा। हालांकि वेस्टइंडीज की टेस्ट जीतों का आंकड़ा अलग-अलग स्रोतों में अपडेट के हिसाब से बदलता दिखता है, इसलिए इस मैच को लेकर मुख्य ऐतिहासिक उपलब्धि भारत के 600 टेस्ट पूरे करने की है। यह मुकाबला एक तरफ भारतीय क्रिकेट के लंबे सफर का पड़ाव है, वहीं दूसरी तरफ गिल की टीम के लिए WTC की मुश्किल राह का अगला पड़ाव भी है। गॉल में टॉस, पिच और शुरुआती सत्र का खेल काफी अहम रहने वाला है। श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ भारत के बल्लेबाज किस तरह शुरुआत करते हैं, इस पर भी मैच की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है।
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