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भिलाई में भव्य ताजिया जुलूस, 55 अखाड़ा कमेटियां शामिल
भिलाई,(छ.ग.)
प्रदेश का सबसे बड़ा मुहर्रम जुलूस आज भिलाई में, सुरक्षा कड़ी
दुर्ग-भिलाई में आज मुहर्रम के मौके पर शहर की सड़कों पर आस्था और परंपरा का सबसे बड़ा नजारा देखने को मिलेगा। दोपहर करीब 3 बजे के बाद 40 से ज्यादा ताजिए अलग-अलग इलाकों से निकलकर भिलाई के मुख्य मार्गों की ओर बढ़ेंगे। बताया जा रहा है कि प्रदेश का सबसे बड़ा ताजिया जुलूस इसी शहर में निकलता है, जिसमें इस बार भी भारी भीड़ जुटने की संभावना है। ताजिया जुलूस को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र की करीब 40 ताजिया कमेटियां अपने-अपने इलाकों से ताजिया लेकर सेक्टर-1 स्थित मुर्गा चौक पहुंचेंगी। यहां से सभी ताजिए निर्धारित रूट से जीई रोड की ओर बढ़ेंगे और अंत में कर्बला पहुंचकर रस्म अदायगी की जाएगी। रास्ते भर जगह-जगह लोगों के जुटने की संभावना है और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। हर ताजिया के साथ पुलिस जवान मौजूद रहेंगे ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके। शहर में इस बार जुलूस दो प्रमुख मार्गों से निकाला जा रहा है। करीब 23 ताजिए पावर हाउस और सेंट्रल एवेन्यू के रास्ते सेक्टर-5 चौक तक पहुंचेंगे, जबकि लगभग 7 ताजिए सेक्टर-7 मार्ग से होकर इसी स्थान पर मिलेंगे। इसके बाद सभी ताजिए एक साथ सेक्टर-6 स्थित जामा मस्जिद पहुंचेंगे और वहां से आगे बढ़ते हुए जीई रोड स्थित कर्बला की ओर रवाना होंगे। यहां पर ताजियों को फूलों के साथ दफ्न करने की पारंपरिक रस्म निभाई जाएगी। इस दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन और भावनात्मक रहेगा।
जुलूस से पहले गुरुवार देर रात भी शहर में हलचल देखने को मिली। करीब 2 बजे सभी ताजिए पावर हाउस क्षेत्र में इकट्ठा हुए थे, जहां ताजिया मिलन कार्यक्रम हुआ। इसके बाद सुबह 4 बजे के आसपास सभी ताजिए अपने-अपने स्थानों पर लौट गए। आज दोपहर नमाज के बाद एक बार फिर ताजिए जुलूस के लिए तैयार किए गए हैं। पूरे शहर में इस समय मुहर्रम की तैयारियां और धार्मिक माहौल साफ नजर आ रहा है। मुहर्रम के इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुलूस में शामिल हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ताजियों का स्वागत करने की भी परंपरा है, जहां लोग श्रद्धा के साथ इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हैं। जगह-जगह लोग पानी, शरबत और अन्य व्यवस्था के जरिए सेवा भी करते नजर आएंगे। पूरा माहौल आस्था, गम और एकजुटता का संदेश देता दिखाई दे रहा है।
इस बार जुलूस के साथ करीब 55 अखाड़ा कमेटियां भी हिस्सा ले रही हैं, जो पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन करेंगी। तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक करतब देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। यह प्रदर्शन मुहर्रम की पुरानी परंपराओं का हिस्सा है, जो हर साल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। अखाड़ा कमेटियों की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी और आज इसका प्रदर्शन पूरे शहर में दिखाई देगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रत्येक अखाड़ा कमेटी के साथ दो-दो पुलिस जवान तैनात किए गए हैं और पूरे रूट पर पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार जारी रहेगी। प्रमुख चौक-चौराहों पर वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने साफ कहा है कि जुलूस की शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय स्तर पर मुस्लिम समाज के लोग भी व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं ताकि जुलूस बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। शहर में शाम तक कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की है। भिलाई का यह ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था और परंपरा का बड़ा प्रतीक बनकर आज फिर सड़कों पर दिखाई देगा।
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भिलाई में भव्य ताजिया जुलूस, 55 अखाड़ा कमेटियां शामिल
भिलाई,(छ.ग.)
दुर्ग-भिलाई में आज मुहर्रम के मौके पर शहर की सड़कों पर आस्था और परंपरा का सबसे बड़ा नजारा देखने को मिलेगा। दोपहर करीब 3 बजे के बाद 40 से ज्यादा ताजिए अलग-अलग इलाकों से निकलकर भिलाई के मुख्य मार्गों की ओर बढ़ेंगे। बताया जा रहा है कि प्रदेश का सबसे बड़ा ताजिया जुलूस इसी शहर में निकलता है, जिसमें इस बार भी भारी भीड़ जुटने की संभावना है। ताजिया जुलूस को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा सख्त कर दिया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र की करीब 40 ताजिया कमेटियां अपने-अपने इलाकों से ताजिया लेकर सेक्टर-1 स्थित मुर्गा चौक पहुंचेंगी। यहां से सभी ताजिए निर्धारित रूट से जीई रोड की ओर बढ़ेंगे और अंत में कर्बला पहुंचकर रस्म अदायगी की जाएगी। रास्ते भर जगह-जगह लोगों के जुटने की संभावना है और प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। हर ताजिया के साथ पुलिस जवान मौजूद रहेंगे ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ सके। शहर में इस बार जुलूस दो प्रमुख मार्गों से निकाला जा रहा है। करीब 23 ताजिए पावर हाउस और सेंट्रल एवेन्यू के रास्ते सेक्टर-5 चौक तक पहुंचेंगे, जबकि लगभग 7 ताजिए सेक्टर-7 मार्ग से होकर इसी स्थान पर मिलेंगे। इसके बाद सभी ताजिए एक साथ सेक्टर-6 स्थित जामा मस्जिद पहुंचेंगे और वहां से आगे बढ़ते हुए जीई रोड स्थित कर्बला की ओर रवाना होंगे। यहां पर ताजियों को फूलों के साथ दफ्न करने की पारंपरिक रस्म निभाई जाएगी। इस दौरान माहौल पूरी तरह गमगीन और भावनात्मक रहेगा।
जुलूस से पहले गुरुवार देर रात भी शहर में हलचल देखने को मिली। करीब 2 बजे सभी ताजिए पावर हाउस क्षेत्र में इकट्ठा हुए थे, जहां ताजिया मिलन कार्यक्रम हुआ। इसके बाद सुबह 4 बजे के आसपास सभी ताजिए अपने-अपने स्थानों पर लौट गए। आज दोपहर नमाज के बाद एक बार फिर ताजिए जुलूस के लिए तैयार किए गए हैं। पूरे शहर में इस समय मुहर्रम की तैयारियां और धार्मिक माहौल साफ नजर आ रहा है। मुहर्रम के इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुलूस में शामिल हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर ताजियों का स्वागत करने की भी परंपरा है, जहां लोग श्रद्धा के साथ इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद करते हैं। जगह-जगह लोग पानी, शरबत और अन्य व्यवस्था के जरिए सेवा भी करते नजर आएंगे। पूरा माहौल आस्था, गम और एकजुटता का संदेश देता दिखाई दे रहा है।
इस बार जुलूस के साथ करीब 55 अखाड़ा कमेटियां भी हिस्सा ले रही हैं, जो पारंपरिक शौर्य प्रदर्शन करेंगी। तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक करतब देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। यह प्रदर्शन मुहर्रम की पुरानी परंपराओं का हिस्सा है, जो हर साल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है। अखाड़ा कमेटियों की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही थी और आज इसका प्रदर्शन पूरे शहर में दिखाई देगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रत्येक अखाड़ा कमेटी के साथ दो-दो पुलिस जवान तैनात किए गए हैं और पूरे रूट पर पुलिस की पेट्रोलिंग लगातार जारी रहेगी। प्रमुख चौक-चौराहों पर वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने साफ कहा है कि जुलूस की शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थानीय स्तर पर मुस्लिम समाज के लोग भी व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं ताकि जुलूस बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्लान तैयार किया गया है। शहर में शाम तक कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की है। भिलाई का यह ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था और परंपरा का बड़ा प्रतीक बनकर आज फिर सड़कों पर दिखाई देगा।
