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पीएम आवास सूची विवाद में महिला-बेटी ने आत्मदाह की कोशिश, हड़कंप
Digital Desk
राजनांदगांव के ढीलापहरी गांव में ग्राम सभा के दौरान हंगामा, आवास सूची से नाम गायब होने पर मां-बेटी ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेला, पुलिस ने बचाया
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ढीलापहरी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर अचानक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। घटना उस समय हुई जब गांव में ग्राम सभा की बैठक चल रही थी और पंचायत भवन में सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान एक महिला और उसकी बेटी ने सूची में अपना नाम नहीं देखे जाने पर गुस्से में आकर आत्मदाह का प्रयास कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पूरा पंचायत भवन हंगामे में बदल गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन मामला तेजी से बिगड़ गया। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर रही है और उसके पास सभी जरूरी रसीदें भी मौजूद हैं। उसका कहना है कि जनपद पंचायत से जो स्वीकृत सूची आई थी, उसमें उसका नाम शामिल था, लेकिन बाद में सरपंच और सचिव ने उसे सूची से हटा दिया। इसी बात को लेकर महिला और उसकी बेटी नाराज हो गईं और ग्राम सभा के दौरान ही विरोध दर्ज कराने लगीं। बहस बढ़ती गई और फिर दोनों ने यह खतरनाक कदम उठा लिया। सूचना मिलते ही सुकुलदेहान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एएसआई चंपेश ठाकुर और पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला अस्पताल भेजा। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को समय रहते इलाज मिल गया, जिससे कोई गंभीर चोट नहीं आई है और फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने महिला का बयान भी दर्ज किया है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल देखा गया और पंचायत भवन में हुई इस घटना की चर्चा दिनभर बनी रही।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान महिला ने सूची में नाम नहीं मिलने पर आपत्ति जताई और सरपंच से सवाल-जवाब शुरू कर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि महिला का नाम कथित तौर पर पहले स्वीकृत सूची में था, लेकिन अंतिम सूची में बदलाव हुआ है। इस बदलाव के पीछे क्या कारण रहे, इसकी जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि महिला और उसके परिवार के पास गांव में दो मकान होने की बात कही जा रही है। हालांकि ये मकान किसके नाम पर दर्ज हैं और महिला वास्तव में किस स्थिति में रह रही है, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है। प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इसी वजह से मामले की जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है। घटना के बाद पुलिस ने ग्राम सभा की कार्यवाही और सूची से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत निर्णय की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि ग्राम सभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई थी। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता महिला और उसकी बेटी की स्थिति सामान्य बनाए रखना और मामले की जांच पूरी करना है। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना के पीछे केवल आवास सूची का विवाद था या इसके पीछे कोई अन्य सामाजिक या व्यक्तिगत कारण भी जुड़े हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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पीएम आवास सूची विवाद में महिला-बेटी ने आत्मदाह की कोशिश, हड़कंप
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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के ढीलापहरी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर अचानक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। घटना उस समय हुई जब गांव में ग्राम सभा की बैठक चल रही थी और पंचायत भवन में सरपंच, सचिव और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान एक महिला और उसकी बेटी ने सूची में अपना नाम नहीं देखे जाने पर गुस्से में आकर आत्मदाह का प्रयास कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया और आग लगाने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पूरा पंचायत भवन हंगामे में बदल गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन मामला तेजी से बिगड़ गया। महिला का आरोप है कि वह लंबे समय से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन कर रही है और उसके पास सभी जरूरी रसीदें भी मौजूद हैं। उसका कहना है कि जनपद पंचायत से जो स्वीकृत सूची आई थी, उसमें उसका नाम शामिल था, लेकिन बाद में सरपंच और सचिव ने उसे सूची से हटा दिया। इसी बात को लेकर महिला और उसकी बेटी नाराज हो गईं और ग्राम सभा के दौरान ही विरोध दर्ज कराने लगीं। बहस बढ़ती गई और फिर दोनों ने यह खतरनाक कदम उठा लिया। सूचना मिलते ही सुकुलदेहान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। एएसआई चंपेश ठाकुर और पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला अस्पताल भेजा। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को समय रहते इलाज मिल गया, जिससे कोई गंभीर चोट नहीं आई है और फिलहाल उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने महिला का बयान भी दर्ज किया है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल देखा गया और पंचायत भवन में हुई इस घटना की चर्चा दिनभर बनी रही।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान महिला ने सूची में नाम नहीं मिलने पर आपत्ति जताई और सरपंच से सवाल-जवाब शुरू कर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि महिला का नाम कथित तौर पर पहले स्वीकृत सूची में था, लेकिन अंतिम सूची में बदलाव हुआ है। इस बदलाव के पीछे क्या कारण रहे, इसकी जांच की जा रही है और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि महिला और उसके परिवार के पास गांव में दो मकान होने की बात कही जा रही है। हालांकि ये मकान किसके नाम पर दर्ज हैं और महिला वास्तव में किस स्थिति में रह रही है, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है। प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हीं लोगों को दिया जाता है जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इसी वजह से मामले की जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है। घटना के बाद पुलिस ने ग्राम सभा की कार्यवाही और सूची से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत निर्णय की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि ग्राम सभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई थी। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता महिला और उसकी बेटी की स्थिति सामान्य बनाए रखना और मामले की जांच पूरी करना है। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना के पीछे केवल आवास सूची का विवाद था या इसके पीछे कोई अन्य सामाजिक या व्यक्तिगत कारण भी जुड़े हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
