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बिलासपुर पुलिस को डिजिटल मजबूती की दिशा में बड़ा कदम: हाईटेक पुलिसिंग पर जोर, थानों की खामियां सुधारने एक हफ्ते की मोहलत
बिलासपुर (छ.ग.)
आईजी रामगोपाल गर्ग ने सरकंडा और कोनी थाने का औचक निरीक्षण किया, ‘सशक्त ऐप’ को प्रभावी बनाने और रिकॉर्ड दुरुस्त करने के दिए निर्देश
बिलासपुर रेंज में पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त और जनसंवेदनशील बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय सहित सरकंडा और कोनी थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थानों की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई और पीड़ितों से संवाद की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण में सामने आई कमियों को सुधारने के लिए थाना प्रभारियों को एक सप्ताह का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया गया है।
आईजी गर्ग ने निरीक्षण के दौरान थानों के अपराध रजिस्टर, लंबित प्रकरणों, मालखाना, एफआईआर पंजीकरण और ऑनलाइन एंट्री की स्थिति की जांच की। उन्होंने ‘सशक्त ऐप’ में चोरी गए और लावारिस वाहनों की जानकारी समय पर दर्ज नहीं होने पर नाराजगी जताई और निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल औपचारिकता न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर अपराध नियंत्रण और ट्रैकिंग का प्रभावी माध्यम बनें।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने थानों में मौजूद फरियादियों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का त्वरित और वैधानिक समाधान सुनिश्चित किया जाए। आईजी ने स्पष्ट किया कि पुलिस थाने आम जनता के लिए भरोसे का केंद्र होने चाहिए, न कि भय का कारण। महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ विनम्र, संवेदनशील और सभ्य व्यवहार को उन्होंने पुलिसिंग की अनिवार्य शर्त बताया।
आईजी गर्ग ने थानों की भौतिक स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया। साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, बैठने की सुविधा और पुलिसकर्मियों की वेशभूषा को लेकर अनुशासन पर जोर दिया गया। निरीक्षण में जहां भी अव्यवस्था या लापरवाही नजर आई, वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
हाईटेक पुलिसिंग को लेकर आईजी ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। उन्होंने ‘अनुभव अभियान’ के तहत थानों में क्यूआर कोड के माध्यम से फीडबैक सिस्टम लागू करने और मोबाइल ऐप्स के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया। आईजी ने बताया कि पुलिस बल को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी नियमित मॉनिटरिंग स्वयं एसएसपी स्तर से की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी रजनेश सिंह के साथ आईजी ने निर्माणाधीन एसपी कार्यालय की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि थानों की कार्यसंस्कृति में निरंतर सुधार लाया जा सके और पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाया जा सके।
आईजी गर्ग ने अंत में स्पष्ट किया कि एक सप्ताह बाद सुधार कार्यों की रिपोर्ट ली जाएगी। तय समय-सीमा में खामियां दूर नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है—तकनीक, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ भरोसेमंद पुलिसिंग।
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