शिवनाथ के तेज बहाव में लापता हुआ मछुआरा, तीन जिलों की पुलिस और SDRF तलाश में जुटी

बिलासपुर (छ.ग.)

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बिलासपुर में नदी में बहे युवक की तलाश जारी, मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में पांच दिन बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में बारिश के बीच नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र में शिवनाथ नदी में मछली पकड़ने गया 28 वर्षीय युवक तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया। युवक की पहचान सुखदेव केवट के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल सक्रिय हुए। बिलासपुर के साथ जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार की पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीम ने नदी में युवक की तलाश शुरू की। देर शाम तक अभियान चलाने के बावजूद उसका पता नहीं चल सका, जिसके बाद शुक्रवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

जानकारी के अनुसार सुखदेव केवट मछली पकड़ने के लिए शिवनाथ नदी में गया था। बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में तेज बताया जा रहा है। इसी दौरान वह पानी के तेज प्रवाह की चपेट में आ गया और संभल नहीं सका। देखते ही देखते वह नदी में बह गया। घटना की जानकारी आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय स्तर से पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद अलग-अलग टीमों को मौके पर भेजा गया।

नदी का बहाव तेज होने और पानी का दायरा बढ़ने के कारण राहत दल को तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। युवक के बहने की दिशा को ध्यान में रखते हुए नदी के आगे के हिस्सों में भी खोजबीन की जा रही है। आसपास के इलाकों और नदी किनारे भी टीमों को सतर्क किया गया है, ताकि युवक के बारे में कोई सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मामले में तीन जिलों की पुलिस के समन्वय से खोज अभियान चलाया जा रहा है। बिलासपुर के अलावा जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार क्षेत्र में भी नदी के संभावित हिस्सों पर नजर रखी जा रही है। एसडीआरएफ की टीम पानी में सर्चिंग कर रही है। गुरुवार को देर शाम तक चले अभियान में कोई सफलता नहीं मिलने के बाद अंधेरा होने और परिस्थितियों को देखते हुए अभियान रोका गया था। शुक्रवार सुबह से एक बार फिर तलाश तेज कर दी गई।

इस घटना के बीच प्रदेश के मौसम में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों के दौरान हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। अलग-अलग स्थानों पर बारिश की तीव्रता में अंतर देखने को मिल सकता है। लगातार वर्षा वाले क्षेत्रों में नदी-नालों और निचले इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

मौसम के मौजूदा रुझान के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में बहुत बड़ा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में फिलहाल दिन का तापमान नियंत्रित बना हुआ है, जबकि बारिश में कमी आने पर गर्मी और उमस में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है।

बीते 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। कई स्थानों पर मध्यम स्तर की वर्षा हुई, जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। मानसून की सक्रियता अलग-अलग क्षेत्रों में एक जैसी नहीं रहने के कारण प्रदेश में वर्षा के वितरण में अंतर बना हुआ है।

मानसून सीजन के कुल आंकड़ों को देखें तो प्रदेश की बारिश फिलहाल सामान्य श्रेणी के दायरे में बताई जा रही है, लेकिन दीर्घकालीन औसत की तुलना में करीब 16 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। यानी कई इलाकों में बारिश होने के बावजूद पूरे राज्य के स्तर पर मानसून की कुल वर्षा अभी औसत से पीछे है। किसानों के लिए आने वाले दिनों की बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार के समय पर्याप्त नमी की जरूरत होती है।

मध्य छत्तीसगढ़ के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक बादल और बारिश का असर बने रहने का अनुमान है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर नदी, नाले और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत बढ़ गई है। तेज बारिश वाले क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है। खासकर मछली पकड़ने, नदी पार करने या पानी के बीच जाने वाले लोगों के लिए तेज बहाव जोखिम पैदा कर सकता है।

शिवनाथ नदी में हुई घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। मानसून के दौरान नदी ऊपर से सामान्य दिखाई देने के बावजूद बीच धारा में पानी का दबाव काफी अधिक हो सकता है। बारिश के बाद ऊपरी इलाकों से आने वाला पानी भी अचानक नदी का प्रवाह बढ़ा सकता है। ऐसे में नदी में उतरना या तेज धारा वाले हिस्सों में मछली पकड़ना खतरनाक साबित हो सकता है।

सुखदेव केवट की तलाश में जुटी टीमों का फोकस अब उस संभावित क्षेत्र पर है, जहां पानी का प्रवाह उसे लेकर जा सकता है। नदी के किनारे और आगे के हिस्सों में भी निगरानी की जा रही है। पानी की स्थिति और बहाव को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन आगे बढ़ा रही है। स्थानीय पुलिस आसपास के ग्रामीणों और नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मध्य और उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के बीच स्थानीय स्तर पर तेज वर्षा की स्थिति बनने पर जलस्तर तेजी से बदल सकता है। बिलासपुर में शिवनाथ नदी में लापता सुखदेव केवट को खोजने के लिए शुक्रवार को भी एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें नदी में सर्चिंग जारी रखे हुए हैं।

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24 Jul 2026 By Priyanka

शिवनाथ के तेज बहाव में लापता हुआ मछुआरा, तीन जिलों की पुलिस और SDRF तलाश में जुटी

बिलासपुर (छ.ग.)

छत्तीसगढ़ में बारिश के बीच नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र में शिवनाथ नदी में मछली पकड़ने गया 28 वर्षीय युवक तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया। युवक की पहचान सुखदेव केवट के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल सक्रिय हुए। बिलासपुर के साथ जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार की पुलिस तथा एसडीआरएफ की टीम ने नदी में युवक की तलाश शुरू की। देर शाम तक अभियान चलाने के बावजूद उसका पता नहीं चल सका, जिसके बाद शुक्रवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

जानकारी के अनुसार सुखदेव केवट मछली पकड़ने के लिए शिवनाथ नदी में गया था। बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव सामान्य दिनों की तुलना में तेज बताया जा रहा है। इसी दौरान वह पानी के तेज प्रवाह की चपेट में आ गया और संभल नहीं सका। देखते ही देखते वह नदी में बह गया। घटना की जानकारी आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय स्तर से पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद अलग-अलग टीमों को मौके पर भेजा गया।

नदी का बहाव तेज होने और पानी का दायरा बढ़ने के कारण राहत दल को तलाश में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। युवक के बहने की दिशा को ध्यान में रखते हुए नदी के आगे के हिस्सों में भी खोजबीन की जा रही है। आसपास के इलाकों और नदी किनारे भी टीमों को सतर्क किया गया है, ताकि युवक के बारे में कोई सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मामले में तीन जिलों की पुलिस के समन्वय से खोज अभियान चलाया जा रहा है। बिलासपुर के अलावा जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार क्षेत्र में भी नदी के संभावित हिस्सों पर नजर रखी जा रही है। एसडीआरएफ की टीम पानी में सर्चिंग कर रही है। गुरुवार को देर शाम तक चले अभियान में कोई सफलता नहीं मिलने के बाद अंधेरा होने और परिस्थितियों को देखते हुए अभियान रोका गया था। शुक्रवार सुबह से एक बार फिर तलाश तेज कर दी गई।

इस घटना के बीच प्रदेश के मौसम में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों के दौरान हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। अलग-अलग स्थानों पर बारिश की तीव्रता में अंतर देखने को मिल सकता है। लगातार वर्षा वाले क्षेत्रों में नदी-नालों और निचले इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है।

मौसम के मौजूदा रुझान के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में बहुत बड़ा परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में फिलहाल दिन का तापमान नियंत्रित बना हुआ है, जबकि बारिश में कमी आने पर गर्मी और उमस में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है।

बीते 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। कई स्थानों पर मध्यम स्तर की वर्षा हुई, जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश का दौर जारी रहा। मानसून की सक्रियता अलग-अलग क्षेत्रों में एक जैसी नहीं रहने के कारण प्रदेश में वर्षा के वितरण में अंतर बना हुआ है।

मानसून सीजन के कुल आंकड़ों को देखें तो प्रदेश की बारिश फिलहाल सामान्य श्रेणी के दायरे में बताई जा रही है, लेकिन दीर्घकालीन औसत की तुलना में करीब 16 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। यानी कई इलाकों में बारिश होने के बावजूद पूरे राज्य के स्तर पर मानसून की कुल वर्षा अभी औसत से पीछे है। किसानों के लिए आने वाले दिनों की बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार के समय पर्याप्त नमी की जरूरत होती है।

मध्य छत्तीसगढ़ के साथ उत्तर छत्तीसगढ़ में भी अगले कुछ दिनों तक बादल और बारिश का असर बने रहने का अनुमान है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर नदी, नाले और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत बढ़ गई है। तेज बारिश वाले क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है। खासकर मछली पकड़ने, नदी पार करने या पानी के बीच जाने वाले लोगों के लिए तेज बहाव जोखिम पैदा कर सकता है।

शिवनाथ नदी में हुई घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। मानसून के दौरान नदी ऊपर से सामान्य दिखाई देने के बावजूद बीच धारा में पानी का दबाव काफी अधिक हो सकता है। बारिश के बाद ऊपरी इलाकों से आने वाला पानी भी अचानक नदी का प्रवाह बढ़ा सकता है। ऐसे में नदी में उतरना या तेज धारा वाले हिस्सों में मछली पकड़ना खतरनाक साबित हो सकता है।

सुखदेव केवट की तलाश में जुटी टीमों का फोकस अब उस संभावित क्षेत्र पर है, जहां पानी का प्रवाह उसे लेकर जा सकता है। नदी के किनारे और आगे के हिस्सों में भी निगरानी की जा रही है। पानी की स्थिति और बहाव को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन आगे बढ़ा रही है। स्थानीय पुलिस आसपास के ग्रामीणों और नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मध्य और उत्तरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के बीच स्थानीय स्तर पर तेज वर्षा की स्थिति बनने पर जलस्तर तेजी से बदल सकता है। बिलासपुर में शिवनाथ नदी में लापता सुखदेव केवट को खोजने के लिए शुक्रवार को भी एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें नदी में सर्चिंग जारी रखे हुए हैं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/fisherman-missing-due-to-strong-current-of-shivnath-police-and/article-59635

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