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2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा बनी कंपनी की सबसे सुरक्षित SUV, भारत NCAP में मिली डबल 5-स्टार रेटिंग
बिजनेस डेस्क
एडल्ट और चाइल्ड सेफ्टी दोनों में शानदार प्रदर्शन, 6 एयरबैग, ESC और एडवांस सेफ्टी फीचर्स के दम पर 2026 ब्रेजा ने क्रैश टेस्ट में हासिल किए बेहतरीन अंक।
मारुति सुजुकी की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी 2026 ब्रेजा अब कंपनी की सबसे सुरक्षित कार बन गई है। भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत NCAP) के ताजा क्रैश टेस्ट में नई ब्रेजा को एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन और चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन दोनों श्रेणियों में 5-5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। यह उपलब्धि ब्रेजा के सभी वैरिएंट्स पर लागू होगी। सेफ्टी के मामले में यह परिणाम मारुति सुजुकी के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की कारों की सुरक्षा को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। अब भारत NCAP की आधिकारिक रेटिंग ने नई ब्रेजा को कंपनी की सबसे सुरक्षित एसयूवी के रूप में स्थापित कर दिया है।
भारत NCAP की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा ने एडल्ट सेफ्टी कैटेगरी में 32 में से 30.41 अंक हासिल किए, जबकि चाइल्ड सेफ्टी के लिए इसे 49 में से 43 अंक मिले। दोनों श्रेणियों में यह स्कोर 5-स्टार रेटिंग के लिए पर्याप्त माना गया। इससे पहले कंपनी की डिजायर को एडल्ट सेफ्टी में 29.46 और चाइल्ड सेफ्टी में 41.57 अंक मिले थे। वहीं ग्रैंड विटारा और दूसरी कुछ कारों ने बच्चों की सुरक्षा में बेहतर अंक हासिल किए थे, लेकिन कुल मिलाकर डबल 5-स्टार रेटिंग पाने वाली ब्रेजा अब मारुति की सबसे सुरक्षित एसयूवी बन गई है। माना जा रहा है कि यह उपलब्धि भारतीय ग्राहकों के बीच ब्रेजा की लोकप्रियता को और बढ़ा सकती है।
क्रैश टेस्ट के दौरान ब्रेजा का फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट 64 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया गया। इस परीक्षण में एसयूवी को 16 में से 14.41 अंक मिले। रिपोर्ट के मुताबिक ड्राइवर के सिर, गर्दन, कमर, जांघ और टखनों की सुरक्षा को 'अच्छा' आंका गया, जबकि छाती और पैरों के कुछ हिस्सों की सुरक्षा को पर्याप्त बताया गया। आगे बैठने वाले यात्री के सिर, गर्दन, छाती, कमर और पैरों की सुरक्षा भी अच्छी पाई गई। इसके अलावा कार का फुटवेल एरिया और बॉडी शेल पूरी तरह स्थिर रहा, जो किसी भी वाहन की संरचनात्मक मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।
साइड इम्पैक्ट टेस्ट में नई ब्रेजा ने और भी बेहतर प्रदर्शन किया। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किए गए इस परीक्षण में एसयूवी ने पूरे 16 में से 16 अंक हासिल किए। इस दौरान सिर, छाती, पेट और कमर की सुरक्षा को उत्कृष्ट श्रेणी में रखा गया। वहीं साइड पोल इम्पैक्ट टेस्ट में भी ड्राइवर के महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा को अच्छा पाया गया। इन तीनों परीक्षणों के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर भारत NCAP ने एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन के लिए ब्रेजा को 30.41 अंक देते हुए 5-स्टार रेटिंग प्रदान की।
बच्चों की सुरक्षा के मामले में भी नई ब्रेजा ने शानदार प्रदर्शन किया। चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन टेस्ट के दौरान 18 महीने और 3 वर्ष के बच्चे की डमी को रियर सीट पर रिवर्स-फेसिंग चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम में स्थापित किया गया। इस परीक्षण में ब्रेजा को कुल 49 में से 43 अंक प्राप्त हुए। डायनामिक स्कोर में वाहन ने पूरे 24 में से 24 अंक हासिल किए, जबकि चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम इंस्टॉलेशन के लिए भी पूरे 12 में से 12 अंक मिले। तीन वर्ष और 18 महीने दोनों आयु वर्ग की डमी ने फ्रंटल और साइड इम्पैक्ट टेस्ट में पूरे अंक प्राप्त किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दुर्घटना की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहन की तैयारी काफी मजबूत है।
नई 2026 ब्रेजा में सुरक्षा के लिहाज से कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। भारत NCAP ने परीक्षण के लिए ZXI+ 1.5L 6AT वैरिएंट का उपयोग किया था। इसमें 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), सभी सीटों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर, फ्रंट सीट बेल्ट प्री-टेंशनर और पीछे की सीटों पर ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यही फीचर्स दुर्घटना के समय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बेहतर रेटिंग दिलाने में मददगार साबित हुए।
भारत NCAP के क्रैश टेस्ट की प्रक्रिया भी काफी सख्त मानी जाती है। परीक्षण के दौरान कार में इंसानों जैसी कई डमी बैठाई जाती हैं और वाहन को तय गति पर कठोर अवरोध से टकराया जाता है। फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट 64 किलोमीटर प्रति घंटे, साइड इम्पैक्ट टेस्ट 50 किलोमीटर प्रति घंटे और आवश्यकता पड़ने पर पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट भी किया जाता है। इसके बाद यह देखा जाता है कि एयरबैग, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा सिस्टम कितनी प्रभावी तरीके से काम करते हैं और डमी को कितना नुकसान पहुंचा। इन्हीं परिणामों के आधार पर अंतिम सेफ्टी रेटिंग तय की जाती है।
भारत में कार खरीदते समय अब ग्राहक केवल माइलेज और कीमत ही नहीं बल्कि सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे समय में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का भारत NCAP में डबल 5-स्टार रेटिंग हासिल करना कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि भारतीय बाजार में सुरक्षित वाहनों की मांग को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा बनी कंपनी की सबसे सुरक्षित SUV, भारत NCAP में मिली डबल 5-स्टार रेटिंग
बिजनेस डेस्क
मारुति सुजुकी की लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी 2026 ब्रेजा अब कंपनी की सबसे सुरक्षित कार बन गई है। भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (भारत NCAP) के ताजा क्रैश टेस्ट में नई ब्रेजा को एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन और चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन दोनों श्रेणियों में 5-5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। यह उपलब्धि ब्रेजा के सभी वैरिएंट्स पर लागू होगी। सेफ्टी के मामले में यह परिणाम मारुति सुजुकी के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की कारों की सुरक्षा को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। अब भारत NCAP की आधिकारिक रेटिंग ने नई ब्रेजा को कंपनी की सबसे सुरक्षित एसयूवी के रूप में स्थापित कर दिया है।
भारत NCAP की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा ने एडल्ट सेफ्टी कैटेगरी में 32 में से 30.41 अंक हासिल किए, जबकि चाइल्ड सेफ्टी के लिए इसे 49 में से 43 अंक मिले। दोनों श्रेणियों में यह स्कोर 5-स्टार रेटिंग के लिए पर्याप्त माना गया। इससे पहले कंपनी की डिजायर को एडल्ट सेफ्टी में 29.46 और चाइल्ड सेफ्टी में 41.57 अंक मिले थे। वहीं ग्रैंड विटारा और दूसरी कुछ कारों ने बच्चों की सुरक्षा में बेहतर अंक हासिल किए थे, लेकिन कुल मिलाकर डबल 5-स्टार रेटिंग पाने वाली ब्रेजा अब मारुति की सबसे सुरक्षित एसयूवी बन गई है। माना जा रहा है कि यह उपलब्धि भारतीय ग्राहकों के बीच ब्रेजा की लोकप्रियता को और बढ़ा सकती है।
क्रैश टेस्ट के दौरान ब्रेजा का फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट 64 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर किया गया। इस परीक्षण में एसयूवी को 16 में से 14.41 अंक मिले। रिपोर्ट के मुताबिक ड्राइवर के सिर, गर्दन, कमर, जांघ और टखनों की सुरक्षा को 'अच्छा' आंका गया, जबकि छाती और पैरों के कुछ हिस्सों की सुरक्षा को पर्याप्त बताया गया। आगे बैठने वाले यात्री के सिर, गर्दन, छाती, कमर और पैरों की सुरक्षा भी अच्छी पाई गई। इसके अलावा कार का फुटवेल एरिया और बॉडी शेल पूरी तरह स्थिर रहा, जो किसी भी वाहन की संरचनात्मक मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।
साइड इम्पैक्ट टेस्ट में नई ब्रेजा ने और भी बेहतर प्रदर्शन किया। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किए गए इस परीक्षण में एसयूवी ने पूरे 16 में से 16 अंक हासिल किए। इस दौरान सिर, छाती, पेट और कमर की सुरक्षा को उत्कृष्ट श्रेणी में रखा गया। वहीं साइड पोल इम्पैक्ट टेस्ट में भी ड्राइवर के महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा को अच्छा पाया गया। इन तीनों परीक्षणों के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर भारत NCAP ने एडल्ट ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन के लिए ब्रेजा को 30.41 अंक देते हुए 5-स्टार रेटिंग प्रदान की।
बच्चों की सुरक्षा के मामले में भी नई ब्रेजा ने शानदार प्रदर्शन किया। चाइल्ड ऑक्युपेंट प्रोटेक्शन टेस्ट के दौरान 18 महीने और 3 वर्ष के बच्चे की डमी को रियर सीट पर रिवर्स-फेसिंग चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम में स्थापित किया गया। इस परीक्षण में ब्रेजा को कुल 49 में से 43 अंक प्राप्त हुए। डायनामिक स्कोर में वाहन ने पूरे 24 में से 24 अंक हासिल किए, जबकि चाइल्ड रेस्ट्रेंट सिस्टम इंस्टॉलेशन के लिए भी पूरे 12 में से 12 अंक मिले। तीन वर्ष और 18 महीने दोनों आयु वर्ग की डमी ने फ्रंटल और साइड इम्पैक्ट टेस्ट में पूरे अंक प्राप्त किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि दुर्घटना की स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहन की तैयारी काफी मजबूत है।
नई 2026 ब्रेजा में सुरक्षा के लिहाज से कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। भारत NCAP ने परीक्षण के लिए ZXI+ 1.5L 6AT वैरिएंट का उपयोग किया था। इसमें 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), सभी सीटों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर, फ्रंट सीट बेल्ट प्री-टेंशनर और पीछे की सीटों पर ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यही फीचर्स दुर्घटना के समय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बेहतर रेटिंग दिलाने में मददगार साबित हुए।
भारत NCAP के क्रैश टेस्ट की प्रक्रिया भी काफी सख्त मानी जाती है। परीक्षण के दौरान कार में इंसानों जैसी कई डमी बैठाई जाती हैं और वाहन को तय गति पर कठोर अवरोध से टकराया जाता है। फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट 64 किलोमीटर प्रति घंटे, साइड इम्पैक्ट टेस्ट 50 किलोमीटर प्रति घंटे और आवश्यकता पड़ने पर पोल साइड इम्पैक्ट टेस्ट भी किया जाता है। इसके बाद यह देखा जाता है कि एयरबैग, सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा सिस्टम कितनी प्रभावी तरीके से काम करते हैं और डमी को कितना नुकसान पहुंचा। इन्हीं परिणामों के आधार पर अंतिम सेफ्टी रेटिंग तय की जाती है।
भारत में कार खरीदते समय अब ग्राहक केवल माइलेज और कीमत ही नहीं बल्कि सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे समय में 2026 मारुति सुजुकी ब्रेजा का भारत NCAP में डबल 5-स्टार रेटिंग हासिल करना कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि भारतीय बाजार में सुरक्षित वाहनों की मांग को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
