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रायगढ़ में रातभर पुलिस का फ्लैग मार्च, गांव-गांव पहुंचकर ली जानकारी
रायगढ़,(छ.ग.)
जूटमिल थाना क्षेत्र में बढ़ती शिकायतों के बाद पुलिस सड़कों पर उतरी, लोगों से मांगी सहयोग की अपील
रायगढ़ जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़े स्तर पर फ्लैग मार्च निकाला। लंबे समय से ग्रामीण इलाकों से मिल रही बदमाशी, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतों के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया। रात होते ही पुलिस की टीमें गांवों में पहुंचीं और लोगों से सीधे बातचीत कर इलाके की स्थिति समझने की कोशिश की। कई साल बाद इस तरह पुलिस का गांव-गांव जाकर फ्लैग मार्च निकालना इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।
जानकारी के मुताबिक औरदा, गढ़उमरिया और आसपास के कई गांवों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ युवक देर रात तक बाइक स्टंट करते हैं, सड़क पर हुड़दंग मचाते हैं और लोगों को परेशान करते हैं। कई जगह सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और मारपीट की घटनाओं की भी सूचना पुलिस तक पहुंच रही थी। बताया जा रहा है कि इन शिकायतों को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ रही थी। इसी के बाद जूटमिल थाना पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च निकालने का फैसला लिया।
गुरुवार रात पुलिस जवान अलग-अलग टीम बनाकर गांवों की तरफ रवाना हुए। पुलिस की गाड़ियां जब गांवों में पहुंचीं तो कई लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर पुलिस ने चौक-चौराहों पर रुककर ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने लोगों से कहा कि अगर इलाके में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने यह भी भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस टीम उन जगहों पर भी पहुंची जहां सार्वजनिक रूप से शराब पीने और हुड़दंग की शिकायतें मिली थीं। हालांकि मौके पर पुलिस को कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। इसके बावजूद पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और कुछ युवकों के बारे में पूछताछ भी की। बताया जा रहा है कि पुलिस अब ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रही है जो पहले भी मारपीट, बदमाशी या अन्य मामलों में शामिल रहे हैं।
कांशीराम चौक पर भी पुलिस ने विशेष जांच अभियान चलाया। यहां अलग-अलग टीम बनाकर आसपास के इलाकों की तलाशी ली गई। पुलिस जवानों ने सड़क किनारे खड़े लोगों से पूछताछ की और आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखी। रात के समय अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल देखकर कई लोग हैरान रह गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद इलाके में इस तरह का अभियान देखने को मिला है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कुछ शिकायतें गोपनीय तरीके से भी मिली थीं। इनमें इलाके में सक्रिय असामाजिक तत्वों और आपसी विवादों की जानकारी दी गई थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो छोटी घटनाएं आगे चलकर बड़े अपराध का रूप ले सकती हैं। इसी वजह से पुलिस ने सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित रहने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंचने का फैसला किया।
जूटमिल थाना प्रभारी अभिनवकांत सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से मारपीट, धमकी और बदमाशी जैसी घटनाओं की सूचनाएं मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस का मकसद सिर्फ कार्रवाई करना नहीं बल्कि लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी तरह के डर या दबाव में आए बिना अपराध से जुड़ी जानकारी साझा करें।
गढ़उमरिया गांव में पुलिस ने लोगों के साथ काफी देर तक चर्चा की। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय तेज रफ्तार बाइक चलाने और स्टंट करने वाले युवकों से परेशानी बढ़ रही है। कई बार रोकने पर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि ऐसे मामलों में सीधे भिड़ने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
रायगढ़ पुलिस का यह अभियान सिर्फ एक रात तक सीमित नहीं रहने वाला। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी अलग-अलग इलाकों में इसी तरह फ्लैग मार्च और जांच अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में भरोसा कायम करने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।
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रायगढ़ में रातभर पुलिस का फ्लैग मार्च, गांव-गांव पहुंचकर ली जानकारी
रायगढ़,(छ.ग.)
रायगढ़ जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़े स्तर पर फ्लैग मार्च निकाला। लंबे समय से ग्रामीण इलाकों से मिल रही बदमाशी, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतों के बाद पुलिस ने यह कदम उठाया। रात होते ही पुलिस की टीमें गांवों में पहुंचीं और लोगों से सीधे बातचीत कर इलाके की स्थिति समझने की कोशिश की। कई साल बाद इस तरह पुलिस का गांव-गांव जाकर फ्लैग मार्च निकालना इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।
जानकारी के मुताबिक औरदा, गढ़उमरिया और आसपास के कई गांवों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ युवक देर रात तक बाइक स्टंट करते हैं, सड़क पर हुड़दंग मचाते हैं और लोगों को परेशान करते हैं। कई जगह सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और मारपीट की घटनाओं की भी सूचना पुलिस तक पहुंच रही थी। बताया जा रहा है कि इन शिकायतों को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी बढ़ रही थी। इसी के बाद जूटमिल थाना पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च निकालने का फैसला लिया।
गुरुवार रात पुलिस जवान अलग-अलग टीम बनाकर गांवों की तरफ रवाना हुए। पुलिस की गाड़ियां जब गांवों में पहुंचीं तो कई लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर पुलिस ने चौक-चौराहों पर रुककर ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने लोगों से कहा कि अगर इलाके में किसी तरह की आपराधिक गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने यह भी भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस टीम उन जगहों पर भी पहुंची जहां सार्वजनिक रूप से शराब पीने और हुड़दंग की शिकायतें मिली थीं। हालांकि मौके पर पुलिस को कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। इसके बावजूद पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और कुछ युवकों के बारे में पूछताछ भी की। बताया जा रहा है कि पुलिस अब ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रही है जो पहले भी मारपीट, बदमाशी या अन्य मामलों में शामिल रहे हैं।
कांशीराम चौक पर भी पुलिस ने विशेष जांच अभियान चलाया। यहां अलग-अलग टीम बनाकर आसपास के इलाकों की तलाशी ली गई। पुलिस जवानों ने सड़क किनारे खड़े लोगों से पूछताछ की और आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखी। रात के समय अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल देखकर कई लोग हैरान रह गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद इलाके में इस तरह का अभियान देखने को मिला है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को कुछ शिकायतें गोपनीय तरीके से भी मिली थीं। इनमें इलाके में सक्रिय असामाजिक तत्वों और आपसी विवादों की जानकारी दी गई थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो छोटी घटनाएं आगे चलकर बड़े अपराध का रूप ले सकती हैं। इसी वजह से पुलिस ने सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित रहने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में भी पहुंचने का फैसला किया।
जूटमिल थाना प्रभारी अभिनवकांत सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से मारपीट, धमकी और बदमाशी जैसी घटनाओं की सूचनाएं मिल रही थीं। उन्होंने कहा कि पुलिस का मकसद सिर्फ कार्रवाई करना नहीं बल्कि लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करना भी है। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी तरह के डर या दबाव में आए बिना अपराध से जुड़ी जानकारी साझा करें।
गढ़उमरिया गांव में पुलिस ने लोगों के साथ काफी देर तक चर्चा की। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय तेज रफ्तार बाइक चलाने और स्टंट करने वाले युवकों से परेशानी बढ़ रही है। कई बार रोकने पर विवाद की स्थिति भी बन जाती है। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि ऐसे मामलों में सीधे भिड़ने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें।
रायगढ़ पुलिस का यह अभियान सिर्फ एक रात तक सीमित नहीं रहने वाला। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में भी अलग-अलग इलाकों में इसी तरह फ्लैग मार्च और जांच अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों में भरोसा कायम करने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।
