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जनता के हक के लिए जेल भी जाना पड़े तो पीछे मत हटना: संजय सिंह
रायपुर,(छ.ग.)
रायपुर कार्यकर्ता सम्मेलन में आप सांसद का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला, कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष का आह्वान
राजधानी रायपुर में आयोजित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में रविवार को पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष और संगठन का संदेश दिया। शहीद स्मारक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को उठाना और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि जनता के हितों की लड़ाई लड़ते हुए जेल भी जाना पड़े तो उससे घबराना नहीं चाहिए। उनके इस बयान पर सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया और पूरे सभागार में नारेबाजी का माहौल बन गया।
सम्मेलन में संजय सिंह ने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार दोनों पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। उनका आरोप था कि आम लोग महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकारें अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है। इसके बजाय संसाधनों का उपयोग कुछ चुनिंदा लोगों के हित में किया जा रहा है।
संजय सिंह ने अपने संबोधन के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रदेश की राजनीति इन दोनों दलों के बीच घूमती रही है, लेकिन जनता की मूल समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। किसानों की स्थिति को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि कृषि आधारित राज्य होने के बावजूद किसान आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे युवक नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। उनका कहना था कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास का आधार होती है और यदि स्कूलों की संख्या घटेगी तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति इससे अलग दिखाई देती है।
अपने भाषण में उन्होंने दिल्ली सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया और स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों की चर्चा देशभर में होती है और यही मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों तक पार्टी की नीतियों और योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं।
सम्मेलन में संगठन विस्तार को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में पार्टी को गांव-गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका संगठन होता है और मजबूत संगठन के बिना जनता तक पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लगातार जनसंपर्क करने, लोगों की समस्याएं सुनने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक विकल्पों से निराश होती जा रही है और एक नए विकल्प की तलाश कर रही है। उनके अनुसार आम आदमी पार्टी इस भूमिका को निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में पार्टी संगठन और जनाधार दोनों को मजबूत करने पर ध्यान देगी। उनका मानना है कि यदि कार्यकर्ता ईमानदारी से लोगों के बीच काम करेंगे तो पार्टी को प्रदेश में बेहतर राजनीतिक अवसर मिल सकते हैं।
कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद संजय सिंह माना-तूता क्षेत्र स्थित उस धरना स्थल पर भी पहुंचे, जहां लंबे समय से डीएड अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहां उन्होंने अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। अभ्यर्थियों ने उन्हें अपनी मांगों और लंबे समय से चल रहे आंदोलन की जानकारी दी। संजय सिंह ने कहा कि कठिन मौसम और परिस्थितियों के बावजूद आंदोलन कर रहे युवाओं की बात सरकार को गंभीरता से सुननी चाहिए।
उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों को सुझाव दिया कि वे अपनी ओर से एक प्रतिनिधिमंडल तैयार करें और सरकार के साथ बातचीत का प्रयास करें। साथ ही उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास करेंगे। उनके इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों में कुछ उम्मीद दिखाई दी। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत, सह-प्रभारी सौरभ झा, समर कुमार, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, देवलाल नरेटी, प्रदेश महासचिव वदूद आलम और प्रमुख प्रवक्ता सूरज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए।
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जनता के हक के लिए जेल भी जाना पड़े तो पीछे मत हटना: संजय सिंह
रायपुर,(छ.ग.)
राजधानी रायपुर में आयोजित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में रविवार को पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष और संगठन का संदेश दिया। शहीद स्मारक भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को उठाना और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यदि जनता के हितों की लड़ाई लड़ते हुए जेल भी जाना पड़े तो उससे घबराना नहीं चाहिए। उनके इस बयान पर सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया और पूरे सभागार में नारेबाजी का माहौल बन गया।
सम्मेलन में संजय सिंह ने केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार दोनों पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। उनका आरोप था कि आम लोग महंगाई, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकारें अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है। इसके बजाय संसाधनों का उपयोग कुछ चुनिंदा लोगों के हित में किया जा रहा है।
संजय सिंह ने अपने संबोधन के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रदेश की राजनीति इन दोनों दलों के बीच घूमती रही है, लेकिन जनता की मूल समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। किसानों की स्थिति को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि कृषि आधारित राज्य होने के बावजूद किसान आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे युवक नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। उनका कहना था कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास का आधार होती है और यदि स्कूलों की संख्या घटेगी तो इसका सीधा असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति इससे अलग दिखाई देती है।
अपने भाषण में उन्होंने दिल्ली सरकार के कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया और स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों की चर्चा देशभर में होती है और यही मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों तक पार्टी की नीतियों और योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं।
सम्मेलन में संगठन विस्तार को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। संजय सिंह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले समय में पार्टी को गांव-गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका संगठन होता है और मजबूत संगठन के बिना जनता तक पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लगातार जनसंपर्क करने, लोगों की समस्याएं सुनने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की अपील की।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक विकल्पों से निराश होती जा रही है और एक नए विकल्प की तलाश कर रही है। उनके अनुसार आम आदमी पार्टी इस भूमिका को निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में पार्टी संगठन और जनाधार दोनों को मजबूत करने पर ध्यान देगी। उनका मानना है कि यदि कार्यकर्ता ईमानदारी से लोगों के बीच काम करेंगे तो पार्टी को प्रदेश में बेहतर राजनीतिक अवसर मिल सकते हैं।
कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद संजय सिंह माना-तूता क्षेत्र स्थित उस धरना स्थल पर भी पहुंचे, जहां लंबे समय से डीएड अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वहां उन्होंने अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। अभ्यर्थियों ने उन्हें अपनी मांगों और लंबे समय से चल रहे आंदोलन की जानकारी दी। संजय सिंह ने कहा कि कठिन मौसम और परिस्थितियों के बावजूद आंदोलन कर रहे युवाओं की बात सरकार को गंभीरता से सुननी चाहिए।
उन्होंने आंदोलनरत अभ्यर्थियों को सुझाव दिया कि वे अपनी ओर से एक प्रतिनिधिमंडल तैयार करें और सरकार के साथ बातचीत का प्रयास करें। साथ ही उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास करेंगे। उनके इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों में कुछ उम्मीद दिखाई दी। कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदेश प्रभारी मुकेश अहलावत, सह-प्रभारी सौरभ झा, समर कुमार, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, देवलाल नरेटी, प्रदेश महासचिव वदूद आलम और प्रमुख प्रवक्ता सूरज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए।
