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ग्वालियर से लापता 10 वर्षीय छात्र भोपाल में मिला
ग्वालियर (म.प्र.)
चार दिन में तीन बार हाथ आया, बीना स्टेशन पर पुलिस को चकमा देकर भागा; काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंपा
शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र से लापता हुआ 10 वर्षीय छात्र आखिरकार भोपाल के बैरागढ़ इलाके में मिल गया। चार दिनों तक चली तलाश के बाद पुलिस टीम उसे सुरक्षित ग्वालियर ले आई। इस दौरान बच्चा तीन बार पुलिस और परिजनों के संपर्क में आया, लेकिन हर बार किसी न किसी तरह निकल गया।
पुलिस के अनुसार, कक्षा चार में पढ़ने वाला छात्र 12 फरवरी की दोपहर करीब दो बजे घर से अचानक गायब हो गया था। परिवार ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसी रात झांसी रोड थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। बच्चे की उम्र कम होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तलाश शुरू की।
बीना में मिला, फिर भाग निकला
जांच के दौरान पता चला कि लापता होने के कुछ समय बाद वह कुछ रिश्तेदारों के संपर्क में आया था, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही फिर से ओझल हो गया। दो दिन बाद बीना रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने उसे अकेले घूमते देखा। पूछताछ में संदेह होने पर उसे निगरानी में लिया गया।
पुलिस टीम जब उसे ग्वालियर लाने की तैयारी कर रही थी, तभी उसने वॉशरूम जाने का बहाना बनाया और वहां से निकलकर फरार हो गया। इसके बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई। विभिन्न जिलों में सूचना प्रसारित की गई और रेलवे स्टेशनों व बस स्टैंडों पर नजर रखी गई।
भोपाल के बैरागढ़ में मिला सुराग
गुमशुदगी के चौथे दिन भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में बच्चे के होने की सूचना मिली। झांसी रोड थाना पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। आवश्यक पूछताछ और काउंसलिंग के बाद बालक को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
कारण स्पष्ट नहीं
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में बच्चे ने घर छोड़ने की वजह स्पष्ट नहीं बताई। परिजन भी किसी ठोस कारण की जानकारी नहीं दे पाए हैं। प्रारंभिक आकलन में यह सामने आया है कि बच्चा तेज दिमाग का है और मामूली बात पर घर से निकल जाता है।
पुलिस ने परिजनों को परामर्श दिया है कि बच्चे पर अनावश्यक दबाव न डालें और उसकी गतिविधियों पर ध्यान रखें। साथ ही स्कूल और परिवार के स्तर पर संवाद बढ़ाने की सलाह दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
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