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'75 लाख दो, जेल से बाहर आ जाओ'... कटनी CSP पर हत्या के आरोपी का बड़ा आरोप
भोपाल,(म.प्र.)
जेल से रिहाई के बदले रकम मांगने, जमीन बिकवाने और परिवार पर दबाव बनाने के आरोप; IG ने ASP स्तर की जांच सौंपी, जांच पूरी होने के बाद होगी कार्रवाई।
कटनी में पदस्थ पुलिस अधिकारी CSP नेहा पच्चीसिया एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में हैं। इस बार हत्या के एक मामले में जेल से बाहर आए आरोपी आकाश लोधी ने उन पर और कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया और बाद में जेल से बाहर निकलने के लिए 75 लाख रुपए की मांग की गई। मामला सामने आने के बाद शिकायत मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और न्यायालय तक पहुंच चुकी है। पुलिस विभाग ने पूरे मामले की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंप दी है।
आकाश लोधी को कटनी पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को आदिवासी युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। कुछ महीने जेल में रहने के बाद उसे अदालत से डिफॉल्ट जमानत मिली। जेल से बाहर आने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी गिरफ्तारी के दौरान उसके परिवार को लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव में रखा गया। उसने आरोप लगाया कि उसके पिता और अन्य परिजनों को जमीन बेचने के लिए मजबूर किया गया और बदले में पूरी रकम भी नहीं दी गई।
आकाश के मुताबिक उसके पिता रमेश लोधी को दो दिन तक CSP के निवास पर बैठाकर रखा गया। इसके बाद उन्हें सरकारी वाहन से ग्राम कन्हवारा स्थित उनकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने ले जाया गया। आरोप है कि करीब 82 लाख रुपए गाइडलाइन मूल्य वाली जमीन का सौदा 1 करोड़ 7 लाख रुपए में कराया गया, लेकिन परिवार को केवल 15 लाख रुपए का चेक दिया गया। बाकी 92 लाख रुपए सात दिन में देने का आश्वासन दिया गया, जो आज तक नहीं मिला।
आरोपी का कहना है कि जब परिवार ने बकाया रकम की मांग की और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, तब उसके पिता रमेश लोधी और जीजा सतीश लोधी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें भी जेल भेज दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि जमीन के नामांतरण पर आपत्ति दर्ज होने के बावजूद जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी गई।
आकाश लोधी का सबसे गंभीर आरोप यह है कि उसके परिवार से कहा गया कि यदि हत्या के मामले से बाहर निकलना है तो 75 लाख रुपए देने होंगे। उसका दावा है कि पैसे मिलने के बाद अदालत में बयान बदलवा दिए जाएंगे और सभी आरोपियों को राहत मिल जाएगी। हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब CSP नेहा पच्चीसिया पहले से ही एक अन्य विवाद में घिरी हुई हैं। कुछ दिन पहले ट्रांसपोर्ट कारोबारी महेंद्र कुमार जैन ने आरोप लगाया था कि वाहन जांच के दौरान वैध दस्तावेज होने के बावजूद उनके वाहनों को रोककर 30 हजार रुपए की मांग की गई। आरोप था कि मौके पर 25 हजार रुपए नकद लिए गए और शेष 5 हजार रुपए अगले दिन चालक के माध्यम से मंगवाए गए। हालांकि बाद में शिकायतकर्ता अपने बयान से पीछे हट गए और कार्रवाई नहीं करने की बात कही।
इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संबंधित चालक को निलंबित किया गया है और थाना प्रभारी स्तर पर भी बदलाव किया गया है। वहीं IG ने दोनों मामलों की स्वतंत्र जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी है।
जांच अधिकारी अनु बेनीवाल का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
उधर, आरोपों को लेकर CSP नेहा पच्चीसिया का पक्ष सामने नहीं आ सका है। मीडिया द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में अभी तक इन आरोपों पर उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कटनी में महिला पुलिस अधिकारियों से जुड़े विवाद पहले भी चर्चा का विषय रहे हैं। इससे पहले यहां पदस्थ रही महिला CSP ख्याति मिश्रा भी निजी और प्रशासनिक विवादों को लेकर सुर्खियों में रही थीं। अब नेहा पच्चीसिया के खिलाफ सामने आए आरोपों ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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'75 लाख दो, जेल से बाहर आ जाओ'... कटनी CSP पर हत्या के आरोपी का बड़ा आरोप
भोपाल,(म.प्र.)
कटनी में पदस्थ पुलिस अधिकारी CSP नेहा पच्चीसिया एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में हैं। इस बार हत्या के एक मामले में जेल से बाहर आए आरोपी आकाश लोधी ने उन पर और कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार पर जमीन बेचने का दबाव बनाया गया और बाद में जेल से बाहर निकलने के लिए 75 लाख रुपए की मांग की गई। मामला सामने आने के बाद शिकायत मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और न्यायालय तक पहुंच चुकी है। पुलिस विभाग ने पूरे मामले की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंप दी है।
आकाश लोधी को कटनी पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को आदिवासी युवक की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। कुछ महीने जेल में रहने के बाद उसे अदालत से डिफॉल्ट जमानत मिली। जेल से बाहर आने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी गिरफ्तारी के दौरान उसके परिवार को लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव में रखा गया। उसने आरोप लगाया कि उसके पिता और अन्य परिजनों को जमीन बेचने के लिए मजबूर किया गया और बदले में पूरी रकम भी नहीं दी गई।
आकाश के मुताबिक उसके पिता रमेश लोधी को दो दिन तक CSP के निवास पर बैठाकर रखा गया। इसके बाद उन्हें सरकारी वाहन से ग्राम कन्हवारा स्थित उनकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराने ले जाया गया। आरोप है कि करीब 82 लाख रुपए गाइडलाइन मूल्य वाली जमीन का सौदा 1 करोड़ 7 लाख रुपए में कराया गया, लेकिन परिवार को केवल 15 लाख रुपए का चेक दिया गया। बाकी 92 लाख रुपए सात दिन में देने का आश्वासन दिया गया, जो आज तक नहीं मिला।
आरोपी का कहना है कि जब परिवार ने बकाया रकम की मांग की और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, तब उसके पिता रमेश लोधी और जीजा सतीश लोधी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें भी जेल भेज दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि जमीन के नामांतरण पर आपत्ति दर्ज होने के बावजूद जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कर दी गई।
आकाश लोधी का सबसे गंभीर आरोप यह है कि उसके परिवार से कहा गया कि यदि हत्या के मामले से बाहर निकलना है तो 75 लाख रुपए देने होंगे। उसका दावा है कि पैसे मिलने के बाद अदालत में बयान बदलवा दिए जाएंगे और सभी आरोपियों को राहत मिल जाएगी। हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब CSP नेहा पच्चीसिया पहले से ही एक अन्य विवाद में घिरी हुई हैं। कुछ दिन पहले ट्रांसपोर्ट कारोबारी महेंद्र कुमार जैन ने आरोप लगाया था कि वाहन जांच के दौरान वैध दस्तावेज होने के बावजूद उनके वाहनों को रोककर 30 हजार रुपए की मांग की गई। आरोप था कि मौके पर 25 हजार रुपए नकद लिए गए और शेष 5 हजार रुपए अगले दिन चालक के माध्यम से मंगवाए गए। हालांकि बाद में शिकायतकर्ता अपने बयान से पीछे हट गए और कार्रवाई नहीं करने की बात कही।
इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संबंधित चालक को निलंबित किया गया है और थाना प्रभारी स्तर पर भी बदलाव किया गया है। वहीं IG ने दोनों मामलों की स्वतंत्र जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी है।
जांच अधिकारी अनु बेनीवाल का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
उधर, आरोपों को लेकर CSP नेहा पच्चीसिया का पक्ष सामने नहीं आ सका है। मीडिया द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में अभी तक इन आरोपों पर उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कटनी में महिला पुलिस अधिकारियों से जुड़े विवाद पहले भी चर्चा का विषय रहे हैं। इससे पहले यहां पदस्थ रही महिला CSP ख्याति मिश्रा भी निजी और प्रशासनिक विवादों को लेकर सुर्खियों में रही थीं। अब नेहा पच्चीसिया के खिलाफ सामने आए आरोपों ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था और उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
