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देशभर में 1100 से ज्यादा बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, बड़ा खुलासा
भोपाल (म.प्र.)
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मैसूर से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसने 1100 से अधिक फर्जी ईमेल भेजकर देशभर के सरकारी और निजी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी।
कर्नाटक के मैसूर से दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर देशभर के विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां भेजकर दहशत फैलाने का गंभीर आरोप है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पिछले कुछ महीनों के दौरान 1100 से अधिक फर्जी ईमेल भेजकर कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रहने के लिए मजबूर कर दिया था। इस मामले में मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी का नाम श्रीनिवास उर्फ लुईस बताया जा रहा है, जो मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है। वह वर्तमान में अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है, लेकिन फिलहाल बेरोजगार था। पुलिस के अनुसार, मानसिक तनाव और बेरोजगारी के कारण उसने डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर यह गतिविधियां शुरू कीं। उसके पास से कई सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वह अलग-अलग ईमेल और पहचान बनाकर करता था।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर फैलाई गई दहशत
जांच में पता चला है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से अलग-अलग ईमेल आईडी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर धमकी भरे संदेश भेजता था। इन संदेशों में देश के प्रमुख संस्थानों, एयरपोर्ट, विश्वविद्यालयों और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाने की बात कही जाती थी। इन धमकियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों को कई बार इमरजेंसी जांच करनी पड़ी और कई जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात करना पड़ा।
मध्य प्रदेश के प्रमुख संस्थान भी निशाने पर
आरोपी ने सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण संस्थानों को भी निशाना बनाया था। इनमें भोपाल कमिश्नर ऑफिस, नापतोल विभाग, पीपल्स यूनिवर्सिटी, एम्स भोपाल, जेके यूनिवर्सिटी, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय, मंत्रालय भवन, साथ ही सतना, बड़वानी, बालाघाट और मैहर की जिला अदालतें शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट को भी बम धमकी वाले ईमेल भेजे गए थे।
एसआईटी का गठन और पुलिस की कार्रवाई
लगातार बढ़ती धमकियों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसकी जिम्मेदारी भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा को सौंपी गई थी। दूसरी ओर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि मध्य प्रदेश एसआईटी भी जल्द उससे पूछताछ करेगी।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर फर्जी ईमेल भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश की। उसका उद्देश्य लोगों और सुरक्षा एजेंसियों में भ्रम और डर पैदा करना था। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति या नेटवर्क शामिल है या यह पूरी तरह अकेले की गई गतिविधि थी।
समापन जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है। आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सिम कार्ड्स की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।
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देशभर में 1100 से ज्यादा बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, बड़ा खुलासा
भोपाल (म.प्र.)
कर्नाटक के मैसूर से दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर देशभर के विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों को बम से उड़ाने की फर्जी धमकियां भेजकर दहशत फैलाने का गंभीर आरोप है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पिछले कुछ महीनों के दौरान 1100 से अधिक फर्जी ईमेल भेजकर कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रहने के लिए मजबूर कर दिया था। इस मामले में मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी का नाम श्रीनिवास उर्फ लुईस बताया जा रहा है, जो मूल रूप से बेंगलुरु का रहने वाला है। वह वर्तमान में अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था। आरोपी ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है, लेकिन फिलहाल बेरोजगार था। पुलिस के अनुसार, मानसिक तनाव और बेरोजगारी के कारण उसने डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर यह गतिविधियां शुरू कीं। उसके पास से कई सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वह अलग-अलग ईमेल और पहचान बनाकर करता था।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर फैलाई गई दहशत
जांच में पता चला है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से अलग-अलग ईमेल आईडी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर धमकी भरे संदेश भेजता था। इन संदेशों में देश के प्रमुख संस्थानों, एयरपोर्ट, विश्वविद्यालयों और सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाने की बात कही जाती थी। इन धमकियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों को कई बार इमरजेंसी जांच करनी पड़ी और कई जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात करना पड़ा।
मध्य प्रदेश के प्रमुख संस्थान भी निशाने पर
आरोपी ने सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कई महत्वपूर्ण संस्थानों को भी निशाना बनाया था। इनमें भोपाल कमिश्नर ऑफिस, नापतोल विभाग, पीपल्स यूनिवर्सिटी, एम्स भोपाल, जेके यूनिवर्सिटी, अटल बिहारी हिंदी विश्वविद्यालय, मंत्रालय भवन, साथ ही सतना, बड़वानी, बालाघाट और मैहर की जिला अदालतें शामिल हैं। इसके अलावा भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट को भी बम धमकी वाले ईमेल भेजे गए थे।
एसआईटी का गठन और पुलिस की कार्रवाई
लगातार बढ़ती धमकियों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसकी जिम्मेदारी भोपाल रेलवे एसपी राहुल लोढ़ा को सौंपी गई थी। दूसरी ओर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर आरोपी को कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि मध्य प्रदेश एसआईटी भी जल्द उससे पूछताछ करेगी।
पूछताछ में हुए अहम खुलासे
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर फर्जी ईमेल भेजकर दहशत फैलाने की कोशिश की। उसका उद्देश्य लोगों और सुरक्षा एजेंसियों में भ्रम और डर पैदा करना था। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस मामले में कोई और व्यक्ति या नेटवर्क शामिल है या यह पूरी तरह अकेले की गई गतिविधि थी।
समापन जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है। आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सिम कार्ड्स की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।
