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जबलपुर स्टेशन पर खड़े रेलवे कोच में आग, मची अफरा-तफरी
जबलपुर (म.प्र.)
सुबह धुआं उठता देख अधिकारियों को मिली सूचना, दमकल ने मौके पर पहुंचकर बुझाई आग; जांच के लिए बनेगी टीम
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्टेशन परिसर में खड़े एक रेलवे कोच से अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगीं। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। स्टेशन पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों की नजर जब कोच से निकल रहे धुएं पर पड़ी तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। दमकल की गाड़ी पहुंचने के बाद कर्मचारियों ने तेजी से आग बुझाने का काम शुरू किया। कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। जिस कोच में आग लगी थी, वह सामान्य यात्री ट्रेन का हिस्सा नहीं था।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल विभागीय और आंतरिक कामकाज के लिए किया जाता है। यानी इस कोच में यात्रियों की आवाजाही नहीं होती थी। आग लगने के समय भी कोच के अंदर कोई यात्री मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलने के बाद स्टेशन परिसर में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियां बढ़ गईं। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने पहले आग को नियंत्रित किया और फिर यह सुनिश्चित किया कि कोच के किसी दूसरे हिस्से में आग दोबारा न भड़के। रेलवे की तरफ से फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग कोच के किस हिस्से से शुरू हुई थी।
आग लगने के बाद कोच से काफी धुआं निकलता दिखाई दिया था। रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए दमकल की मदद से आग को फैलने से रोक दिया। स्टेशन पर मौजूद लोगों की नजर भी कुछ देर के लिए इसी तरफ रही। घटना यात्री कोच में नहीं हुई, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किसी बड़े खतरे की स्थिति सामने नहीं आई। हालांकि रेलवे परिसर में खड़े विभागीय कोच में आग लगने की वजह जानना अब जांच का विषय है। आग बुझाए जाने के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और कोच की स्थिति का जायजा लिया।
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव के मुताबिक आग लगने की वजह अभी सामने नहीं आई है। रेलवे इस मामले को लेकर जांच की तैयारी कर रहा है और कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की जाएगी। जांच टीम कोच का निरीक्षण करने के साथ यह भी देखेगी कि आग लगने से पहले वहां किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं। कोच में मौजूद उपकरणों और अन्य सामान की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा आग से कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन भी रेलवे की ओर से किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी तरह की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त परिसर में इस तरह की घटना होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों को लेकर भी अधिकारी सतर्क हो गए हैं। दमकल की टीम के समय पर पहुंचने से आग को ज्यादा फैलने का मौका नहीं मिला। अगर आग आसपास खड़े दूसरे रेलवे कोच या उपकरणों तक पहुंचती तो स्थिति अलग हो सकती थी, इसलिए शुरुआती स्तर पर ही इसे नियंत्रित करना अहम रहा।
मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने भी आग बुझाने की कार्रवाई में दमकल टीम का सहयोग किया। विभागीय कोच होने के कारण इसमें यात्रियों से जुड़ी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन रेलवे के आंतरिक कामकाज से जुड़े सामान की मौजूदगी की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आ सकती है। आग किस वजह से लगी, यह शॉर्ट सर्किट था या किसी अन्य कारण से घटना हुई, इस पर अभी अधिकारी कुछ नहीं कह रहे हैं। जांच टीम के गठन के बाद कोच की तकनीकी स्थिति और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। रेलवे अधिकारियों की ओर से आग से हुए नुकसान और जांच की आगे की स्थिति की जानकारी भी सामने आने की उम्मीद है।
जबलपुर स्टेशन पर खड़े रेलवे कोच में आग, मची अफरा-तफरी
जबलपुर (म.प्र.)
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्टेशन परिसर में खड़े एक रेलवे कोच से अचानक धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगीं। घटना सुबह करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। स्टेशन पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों की नजर जब कोच से निकल रहे धुएं पर पड़ी तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही रेलवे की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। दमकल की गाड़ी पहुंचने के बाद कर्मचारियों ने तेजी से आग बुझाने का काम शुरू किया। कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। जिस कोच में आग लगी थी, वह सामान्य यात्री ट्रेन का हिस्सा नहीं था।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल विभागीय और आंतरिक कामकाज के लिए किया जाता है। यानी इस कोच में यात्रियों की आवाजाही नहीं होती थी। आग लगने के समय भी कोच के अंदर कोई यात्री मौजूद नहीं था। घटना की सूचना मिलने के बाद स्टेशन परिसर में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियां बढ़ गईं। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने पहले आग को नियंत्रित किया और फिर यह सुनिश्चित किया कि कोच के किसी दूसरे हिस्से में आग दोबारा न भड़के। रेलवे की तरफ से फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं दी गई है। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग कोच के किस हिस्से से शुरू हुई थी।
आग लगने के बाद कोच से काफी धुआं निकलता दिखाई दिया था। रेलवे अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए दमकल की मदद से आग को फैलने से रोक दिया। स्टेशन पर मौजूद लोगों की नजर भी कुछ देर के लिए इसी तरफ रही। घटना यात्री कोच में नहीं हुई, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को लेकर किसी बड़े खतरे की स्थिति सामने नहीं आई। हालांकि रेलवे परिसर में खड़े विभागीय कोच में आग लगने की वजह जानना अब जांच का विषय है। आग बुझाए जाने के बाद रेलवे अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और कोच की स्थिति का जायजा लिया।
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव के मुताबिक आग लगने की वजह अभी सामने नहीं आई है। रेलवे इस मामले को लेकर जांच की तैयारी कर रहा है और कारणों का पता लगाने के लिए एक टीम गठित की जाएगी। जांच टीम कोच का निरीक्षण करने के साथ यह भी देखेगी कि आग लगने से पहले वहां किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं। कोच में मौजूद उपकरणों और अन्य सामान की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा आग से कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन भी रेलवे की ओर से किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल किसी तरह की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त परिसर में इस तरह की घटना होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों को लेकर भी अधिकारी सतर्क हो गए हैं। दमकल की टीम के समय पर पहुंचने से आग को ज्यादा फैलने का मौका नहीं मिला। अगर आग आसपास खड़े दूसरे रेलवे कोच या उपकरणों तक पहुंचती तो स्थिति अलग हो सकती थी, इसलिए शुरुआती स्तर पर ही इसे नियंत्रित करना अहम रहा।
मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने भी आग बुझाने की कार्रवाई में दमकल टीम का सहयोग किया। विभागीय कोच होने के कारण इसमें यात्रियों से जुड़ी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन रेलवे के आंतरिक कामकाज से जुड़े सामान की मौजूदगी की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आ सकती है। आग किस वजह से लगी, यह शॉर्ट सर्किट था या किसी अन्य कारण से घटना हुई, इस पर अभी अधिकारी कुछ नहीं कह रहे हैं। जांच टीम के गठन के बाद कोच की तकनीकी स्थिति और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। रेलवे अधिकारियों की ओर से आग से हुए नुकसान और जांच की आगे की स्थिति की जानकारी भी सामने आने की उम्मीद है।
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