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मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी, इंजन संग कुछ डिब्बे आगे बढ़े बाकी पीछे छूटे, कई ट्रेनें प्रभावित
सतना (म.प्र.)
सतना ट्रेन हादसा: कपलर टूटने से मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी, कई ट्रेनें प्रभावित, एक घंटे बाद बहाल हुआ रेल संचालन।
सतना के पास रेल मार्ग पर रविवार शाम एक असामान्य तकनीकी घटना ने रेलवे संचालन को कुछ समय के लिए प्रभावित कर दिया। पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत चल रही एक मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में विभाजित हो गई। घटना बांसा पहाड़ स्टेशन के नजदीक उस समय हुई जब ट्रेन लूप लाइन से मेन लाइन की ओर बढ़ रही थी। कपलर टूटने की वजह से ट्रेन के डिब्बे अलग हो गए और इंजन के साथ जुड़े कुछ डिब्बे आगे बढ़ते हुए मानिकपुर स्टेशन तक पहुंच गए, जबकि बाकी डिब्बे पीछे ही खड़े रह गए।
कैसे हुआ हादसा
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह मालगाड़ी क्लिंकर सामग्री लेकर सतना से झांसी की दिशा में जा रही थी। जैसे ही ट्रेन बांसा पहाड़ स्टेशन के पास पहुंची, 12वें डिब्बे की कपलिंग अचानक टूट गई। इस तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन का संतुलन बिगड़ा और वह दो हिस्सों में बंट गई। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
एक घंटे तक बाधित रहा रेल संचालन
इस घटना के चलते मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर अप और डाउन दोनों ट्रैक पर यातायात प्रभावित हुआ। करीब एक घंटे तक कई यात्री और मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रोकी गईं। यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा और कई ट्रेनों का समय भी बिगड़ गया।
प्रभावित हुईं कई प्रमुख ट्रेनें
घटना का असर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा। अप ट्रैक पर छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस, एलटीटी-गोरखपुर काशी एक्सप्रेस और पाटलीपुत्र-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रभावित हुईं। वहीं डाउन ट्रैक पर पुणे-सुपौल, सीएसएमटी-कोलकाता मुंबई मेल, पुणे-दानापुर और देवलाली-दानापुर एक्सप्रेस को भी बीच रास्ते में रोकना पड़ा।
रेलवे ने कैसे संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही लोको पायलट ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद सतना से सीएंडडब्ल्यू स्टाफ को नए कपलर के साथ मौके पर भेजा गया। एक अतिरिक्त इंजन भी लगाया गया, जिसकी मदद से पीछे छूटे डिब्बों को वापस लाकर ट्रेन को जोड़ा गया। तकनीकी सुधार के बाद रेल परिचालन को फिर से सामान्य किया गया।
सीमा क्षेत्र में हुई तकनीकी दिक्कत
यह घटना पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर और उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के सीमा क्षेत्र में हुई, जिससे समन्वय में थोड़ी देर लगी। हालांकि, रेलवे टीमों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया।
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मालगाड़ी दो हिस्सों में बंटी, इंजन संग कुछ डिब्बे आगे बढ़े बाकी पीछे छूटे, कई ट्रेनें प्रभावित
सतना (म.प्र.)
सतना के पास रेल मार्ग पर रविवार शाम एक असामान्य तकनीकी घटना ने रेलवे संचालन को कुछ समय के लिए प्रभावित कर दिया। पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत चल रही एक मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में विभाजित हो गई। घटना बांसा पहाड़ स्टेशन के नजदीक उस समय हुई जब ट्रेन लूप लाइन से मेन लाइन की ओर बढ़ रही थी। कपलर टूटने की वजह से ट्रेन के डिब्बे अलग हो गए और इंजन के साथ जुड़े कुछ डिब्बे आगे बढ़ते हुए मानिकपुर स्टेशन तक पहुंच गए, जबकि बाकी डिब्बे पीछे ही खड़े रह गए।
कैसे हुआ हादसा
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह मालगाड़ी क्लिंकर सामग्री लेकर सतना से झांसी की दिशा में जा रही थी। जैसे ही ट्रेन बांसा पहाड़ स्टेशन के पास पहुंची, 12वें डिब्बे की कपलिंग अचानक टूट गई। इस तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन का संतुलन बिगड़ा और वह दो हिस्सों में बंट गई। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
एक घंटे तक बाधित रहा रेल संचालन
इस घटना के चलते मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग पर अप और डाउन दोनों ट्रैक पर यातायात प्रभावित हुआ। करीब एक घंटे तक कई यात्री और मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर रोकी गईं। यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा और कई ट्रेनों का समय भी बिगड़ गया।
प्रभावित हुईं कई प्रमुख ट्रेनें
घटना का असर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा। अप ट्रैक पर छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस, एलटीटी-गोरखपुर काशी एक्सप्रेस और पाटलीपुत्र-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रभावित हुईं। वहीं डाउन ट्रैक पर पुणे-सुपौल, सीएसएमटी-कोलकाता मुंबई मेल, पुणे-दानापुर और देवलाली-दानापुर एक्सप्रेस को भी बीच रास्ते में रोकना पड़ा।
रेलवे ने कैसे संभाली स्थिति
घटना की जानकारी मिलते ही लोको पायलट ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद सतना से सीएंडडब्ल्यू स्टाफ को नए कपलर के साथ मौके पर भेजा गया। एक अतिरिक्त इंजन भी लगाया गया, जिसकी मदद से पीछे छूटे डिब्बों को वापस लाकर ट्रेन को जोड़ा गया। तकनीकी सुधार के बाद रेल परिचालन को फिर से सामान्य किया गया।
सीमा क्षेत्र में हुई तकनीकी दिक्कत
यह घटना पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर और उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के सीमा क्षेत्र में हुई, जिससे समन्वय में थोड़ी देर लगी। हालांकि, रेलवे टीमों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया।
