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इंदौर में 80 हजार भक्तों के लिए महाभोज, आज भट्टी पूजन से शुरू तैयारी, 90 डिब्बे घी से तैयार होगा प्रसाद
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर महाभोज में रणजीत हनुमान मंदिर में 80 हजार भक्तों के लिए भट्टी पूजन के साथ नुक्ती प्रसाद और भंडारे की तैयारी शुरू।
इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार हनुमान जन्मोत्सव के बाद आने वाले मंगलवार को विशाल महाभोज का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी तैयार की जाएगी। मंदिर में इसकी तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं और सोमवार को विधि-विधान के साथ भट्टी पूजन किया जाएगा।
भट्टी पूजन से शुरू होगी महाभोज की तैयारी
मंदिर परिसर में सोमवार सुबह पुजारी पंडित दीपेश व्यास के नेतृत्व में भट्टी पूजन किया जाएगा। परंपरा के अनुसार इसी पूजन के साथ महाभोज की रसोई शुरू होती है। पूजन के बाद सबसे पहले नुक्ती प्रसाद बनाने का कार्य प्रारंभ होगा, जिसमें पूरे दिन का समय लगेगा।
विशाल मात्रा में बनेगी नुक्ती प्रसादी
नुक्ती तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इसमें लगभग 15 क्विंटल बेसन और 15 क्विंटल शक्कर का इस्तेमाल होगा। इसके साथ ही 90 डिब्बे घी, 20 किलो इलायची पाउडर और काजू सहित अन्य ड्राई फ्रूट मिलाए जाएंगे। यह प्रसादी मंदिर की परंपरा के अनुसार विशेष तरीके से तैयार की जाती है, जिसका स्वाद और महत्व दोनों ही खास होते हैं।
शाम से शुरू होगी पुड़ी और भजिए की तैयारी
नुक्ती बनने के बाद शाम को पुड़ी और भजिए बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। बड़ी संख्या में रसोइयों की टीम इस काम में जुटेगी, ताकि समय पर प्रसादी तैयार हो सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंगलवार को बनेगी ताजी रामभाजी
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए रामभाजी मंगलवार सुबह ही बनाई जाएगी, ताकि प्रसादी पूरी तरह ताजी रहे। शाम को भगवान की आरती और भोग के बाद महाभोज की शुरुआत की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। भक्तों को लाइन के माध्यम से प्रसादी दी जाएगी और उन्हें पैकेट में प्रसाद लेकर बाहर निकलने की सुविधा मिलेगी। इच्छुक श्रद्धालु प्रसाद को अपने घर भी ले जा सकेंगे।
परंपरा और आस्था का संगम
यह महाभोज मंदिर की वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसे हनुमान जन्मोत्सव के बाद आने वाले मंगलवार को आयोजित किया जाता है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं और इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में भक्तों के आने की संभावना जताई जा रही है।
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इंदौर में 80 हजार भक्तों के लिए महाभोज, आज भट्टी पूजन से शुरू तैयारी, 90 डिब्बे घी से तैयार होगा प्रसाद
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर के प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार हनुमान जन्मोत्सव के बाद आने वाले मंगलवार को विशाल महाभोज का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी तैयार की जाएगी। मंदिर में इसकी तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं और सोमवार को विधि-विधान के साथ भट्टी पूजन किया जाएगा।
भट्टी पूजन से शुरू होगी महाभोज की तैयारी
मंदिर परिसर में सोमवार सुबह पुजारी पंडित दीपेश व्यास के नेतृत्व में भट्टी पूजन किया जाएगा। परंपरा के अनुसार इसी पूजन के साथ महाभोज की रसोई शुरू होती है। पूजन के बाद सबसे पहले नुक्ती प्रसाद बनाने का कार्य प्रारंभ होगा, जिसमें पूरे दिन का समय लगेगा।
विशाल मात्रा में बनेगी नुक्ती प्रसादी
नुक्ती तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इसमें लगभग 15 क्विंटल बेसन और 15 क्विंटल शक्कर का इस्तेमाल होगा। इसके साथ ही 90 डिब्बे घी, 20 किलो इलायची पाउडर और काजू सहित अन्य ड्राई फ्रूट मिलाए जाएंगे। यह प्रसादी मंदिर की परंपरा के अनुसार विशेष तरीके से तैयार की जाती है, जिसका स्वाद और महत्व दोनों ही खास होते हैं।
शाम से शुरू होगी पुड़ी और भजिए की तैयारी
नुक्ती बनने के बाद शाम को पुड़ी और भजिए बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। बड़ी संख्या में रसोइयों की टीम इस काम में जुटेगी, ताकि समय पर प्रसादी तैयार हो सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंगलवार को बनेगी ताजी रामभाजी
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए रामभाजी मंगलवार सुबह ही बनाई जाएगी, ताकि प्रसादी पूरी तरह ताजी रहे। शाम को भगवान की आरती और भोग के बाद महाभोज की शुरुआत की जाएगी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। भक्तों को लाइन के माध्यम से प्रसादी दी जाएगी और उन्हें पैकेट में प्रसाद लेकर बाहर निकलने की सुविधा मिलेगी। इच्छुक श्रद्धालु प्रसाद को अपने घर भी ले जा सकेंगे।
परंपरा और आस्था का संगम
यह महाभोज मंदिर की वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसे हनुमान जन्मोत्सव के बाद आने वाले मंगलवार को आयोजित किया जाता है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं और इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में भक्तों के आने की संभावना जताई जा रही है।
