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मध्य प्रदेश में मानसून का कहर, उफनाई नदियों ने बढ़ाई मुश्किलें; कई जिलों में भारी बारिश का हाई अलर्ट
मध्य प्रदेश
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार से सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश के कई जिलों में साफ दिखाई देने लगा है। नदी-नाले उफान पर हैं, कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है और निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बालाघाट और डिंडौरी शामिल हैं, जहां लगातार बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बन गए हैं। बालाघाट जिले में महाराष्ट्र सीमा से गुजरने वाली बाघ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से निर्माणाधीन पुल स्थल पर खड़ी कई मशीनें और वाहन तेज बहाव की चपेट में आ गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नदी की धारा के साथ कार, जेसीबी और लोडर बहते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि पुल निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया जा रहा था और बारिश के कारण निर्माण स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली मशीनों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। संबंधित विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
डिंडौरी जिले में भी लगातार हो रही वर्षा ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। करंजिया विकासखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पुलिया और सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। कई स्थानों पर लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले के निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। कई परिवारों के घरों में पानी भरने से घरेलू सामान, खाद्यान्न और जरूरी वस्तुएं खराब हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण उन्हें सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत दलों को तैनात किया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे तक तेज बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना जिलों में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, शिवपुरी, दतिया, टीकमगढ़, मुरैना, भिंड, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, आगर-मालवा और राजगढ़ सहित कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि उज्जैन, बालाघाट, उमरिया और खजुराहो में भी उल्लेखनीय बारिश हुई। इसके अलावा टीकमगढ़, सिवनी, श्योपुर, ग्वालियर, गुना, भोपाल, दतिया, मंडला, पचमढ़ी, बैतूल, इंदौर, रतलाम, दमोह, जबलपुर, रीवा और सागर सहित कई शहरों में लगातार बारिश का दौर जारी रहा।
लगातार वर्षा के चलते कई छोटी नदियां और नाले भी उफान पर आ गए हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी, पुल और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। जिन इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहां स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
कृषि क्षेत्र में भी बारिश का असर दिखाई देने लगा है। जिन क्षेत्रों में समय पर बारिश हुई है वहां खरीफ फसलों की बुआई को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कृषि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर किसानों को आवश्यक सलाह जारी की जाएगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी के कारण मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। इसी वजह से कई जिलों में लगातार वर्षा का दौर जारी है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
राज्य के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। जलभराव वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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मध्य प्रदेश में मानसून का कहर, उफनाई नदियों ने बढ़ाई मुश्किलें; कई जिलों में भारी बारिश का हाई अलर्ट
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मानसून पूरी रफ्तार से सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश के कई जिलों में साफ दिखाई देने लगा है। नदी-नाले उफान पर हैं, कई इलाकों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है और निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बालाघाट और डिंडौरी शामिल हैं, जहां लगातार बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बन गए हैं। बालाघाट जिले में महाराष्ट्र सीमा से गुजरने वाली बाघ नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से निर्माणाधीन पुल स्थल पर खड़ी कई मशीनें और वाहन तेज बहाव की चपेट में आ गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नदी की धारा के साथ कार, जेसीबी और लोडर बहते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि पुल निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया जा रहा था और बारिश के कारण निर्माण स्थल पूरी तरह जलमग्न हो गया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली मशीनों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। संबंधित विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटा है।
डिंडौरी जिले में भी लगातार हो रही वर्षा ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। करंजिया विकासखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पुलिया और सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। कई स्थानों पर लोगों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले के निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। कई परिवारों के घरों में पानी भरने से घरेलू सामान, खाद्यान्न और जरूरी वस्तुएं खराब हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण उन्हें सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत दलों को तैनात किया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 24 घंटे तक तेज बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना जिलों में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सतना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, शिवपुरी, दतिया, टीकमगढ़, मुरैना, भिंड, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, आगर-मालवा और राजगढ़ सहित कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा में सबसे अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि उज्जैन, बालाघाट, उमरिया और खजुराहो में भी उल्लेखनीय बारिश हुई। इसके अलावा टीकमगढ़, सिवनी, श्योपुर, ग्वालियर, गुना, भोपाल, दतिया, मंडला, पचमढ़ी, बैतूल, इंदौर, रतलाम, दमोह, जबलपुर, रीवा और सागर सहित कई शहरों में लगातार बारिश का दौर जारी रहा।
लगातार वर्षा के चलते कई छोटी नदियां और नाले भी उफान पर आ गए हैं। प्रशासन ने लोगों को नदी, पुल और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। जिन इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, वहां स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
कृषि क्षेत्र में भी बारिश का असर दिखाई देने लगा है। जिन क्षेत्रों में समय पर बारिश हुई है वहां खरीफ फसलों की बुआई को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कृषि विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर किसानों को आवश्यक सलाह जारी की जाएगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार मिल रही नमी के कारण मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। इसी वजह से कई जिलों में लगातार वर्षा का दौर जारी है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के पूर्वी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
राज्य के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं। जलभराव वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
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