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राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का मध्यप्रदेश में शुभारंभ, किसानों को मिलेगी नई तकनीक और बजट सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर में राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन में मिशन का उद्घाटन किया; राज्य को मिली 354 करोड़ की बजट राशि
भोपाल। सीहोर जिले के अमलाहा में राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की उपजाऊ धरती, जल संसाधन और अनुकूल जलवायु राज्य की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश देश में दलहन उत्पादन में अग्रणी है और इस मिशन से किसानों को बेहतर बीज, आधुनिक भंडारण, और सुनिश्चित विपणन की सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे दलहन उत्पादन बढ़ाकर देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।
इस अवसर पर इंटरनेशनल शुष्क क्षेत्र कृषि अनुसंधान केंद्र (ICARDA) के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन, प्रशिक्षण केंद्र और अत्याधुनिक प्लांट टिशु कल्चर प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया गया। डॉ. यादव ने कहा कि यह केंद्र किसानों को वैज्ञानिक खेती और उन्नत तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने बताया कि देश में दलहन उत्पादन घट रहा है और अधिकांश दालों के लिए आयात निर्भरता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत मध्यप्रदेश को 354 करोड़ रुपए की बजट राशि दी गई है और किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न कलस्टर और बीज ग्राम हब बनाए जाएंगे। किसानों को प्रगतिशील उत्पादन वाले क्षेत्रों में 10,000 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि मिलेगी, वहीं दाल मिल स्थापित करने पर 25 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा।
चौहान ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार तुअर, उड़द, चना और मसूर सहित सभी दलहन फसलों की शत-प्रतिशत खरीद करेगी। भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के किसानों को पहले ही 1500 करोड़ रुपये से अधिक राशि उनके खातों में वितरित की जा चुकी है।
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री, कृषि विशेषज्ञ, प्रगतिशील किसान और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने दलहन उत्पादन बढ़ाने, किसानों को नई तकनीक उपलब्ध कराने और मिशन के लक्ष्यों को साकार करने पर गहन विमर्श किया।
राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के बुलेटिन और ICARDA की पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इससे किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को अनुसंधान और नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री चौहान ने साझा किया कि यह मिशन वर्ष 2030 तक देश को 350 लाख टन दलहन उत्पादन तक पहुंचाने और आयात निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखता है। दोनों ने किसानों और राज्य सरकार को मिलकर देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया।
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