- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- खरगोन में आदिवासी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, घायल युवक के मुआवजे की मांग कर रहे 100 से अ...
खरगोन में आदिवासी प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, घायल युवक के मुआवजे की मांग कर रहे 100 से अधिक लोग; पांच हिरासत में
Digital Desk
खरगोन में शनिवार दोपहर चित्तौड़गढ़–भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क जाम के दौरान पुलिस ने आदिवासी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए, जबकि कम से कम पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। करीब 100 से अधिक आदिवासी समुदाय के लोग 15 दिन पहले सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए युवक के इलाज का खर्च और मुआवजे की मांग कर रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, दोपहर करीब 4 बजे आदिवासी समुदाय के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे लगभग 45 मिनट तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि घायल युवक को 15 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और उसके इलाज पर हुए खर्च की भरपाई की जाए। उनका आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो राहत मिली और न ही जिम्मेदार लोगों पर कोई कार्रवाई हुई।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलाते और हिरासत में लिए गए युवकों को धक्का देकर पुलिस वाहन में बैठाते हुए देखा जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया और कहा कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई।
घटना की पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन करीब दो सप्ताह पहले हुई एक दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर एक शराब ठेकेदार से जुड़े वाहन ने आदिवासी समुदाय के एक युवक को टक्कर मार दी थी। युवक गंभीर रूप से घायल हुआ और उसका इलाज अभी भी जारी है, जिस पर भारी खर्च आ रहा है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक न तो मुआवजा दिया गया और न ही दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई हुई, जिससे आक्रोश बढ़ता गया।
स्थिति हुई तनावपूर्ण
सड़क जाम के दौरान हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ ने एक यात्री बस पर पथराव की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी सरकारी शराब दुकान तक भी पहुंच गए और वहां ठेकेदार के कर्मचारियों पर घटना का आरोप लगाते हुए पथराव का प्रयास किया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलने पर एसडीओपी रोहित लखारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहले प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम हटाने की कोशिश की गई, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर नियमों के तहत हल्का बल प्रयोग करना पड़ा ताकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।
कार्रवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि चार से पांच लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने और पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। जाम हटने के बाद यातायात बहाल कर दिया गया।
बाद की स्थिति
शाम तक हालात काबू में बताए गए, लेकिन इस घटना के बाद अधिकार संगठनों और स्थानीय नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग की है। साथ ही घायल युवक के लिए मुआवजा दिए जाने की मांग दोहराई गई है।
प्रशासन ने कहा है कि समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत जारी रहेगी, ताकि उनकी मांगों का समाधान किया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
