छुट्टियों से पहले ट्रेनों में सीटों की मारामारी, वेटिंग बढ़ी

इंदौर (म.प्र.)

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मुंबई, दिल्ली और दौंड रूट की ट्रेनों में बढ़ी मांग, अवंतिका एक्सप्रेस के स्लीपर में 490 तक पहुंची प्रतीक्षा सूची

इंदौर से मुंबई, दिल्ली और दौंड जाने वाले यात्रियों के लिए अगस्त के आखिरी दिनों में ट्रेन से सफर आसान नहीं रहने वाला है। लगातार मिलने वाली छुट्टियों के कारण ट्रेनों में अभी से सीटों की मांग बढ़ गई है। खासकर स्लीपर और थर्ड एसी कोच में टिकट की स्थिति तेजी से बदल रही है। इंदौर से मुंबई जाने वाली अवंतिका एक्सप्रेस में 26 अगस्त के लिए स्लीपर क्लास की वेटिंग 490 के पार पहुंच चुकी है। इसी तारीख को थर्ड एसी में करीब 50 और सेकंड एसी में 53 यात्रियों की प्रतीक्षा सूची बताई जा रही है। यानी सामान्य श्रेणी में सफर करने वालों के लिए स्थिति सबसे ज्यादा मुश्किल है। 27 अगस्त की बुकिंग देखें तो स्लीपर में वेटिंग 112, थर्ड एसी में 93 और सेकंड एसी में 39 तक पहुंच गई है। छुट्टियों से पहले टिकटों की यह स्थिति यात्रियों की बढ़ी हुई मांग साफ दिखा रही है।

इंदौर-दौंड और इंदौर-दिल्ली रूट पर भी तस्वीर बहुत अलग नहीं है। 26 अगस्त को इंदौर-दौंड एक्सप्रेस के स्लीपर में 81 और थर्ड एसी में 45 की प्रतीक्षा सूची है। अगले दिन यानी 27 अगस्त के लिए स्लीपर वेटिंग 97 और थर्ड एसी की संख्या 69 तक पहुंच गई है। दिल्ली जाने वाली ट्रेन में भी 26 अगस्त को स्लीपर क्लास में 120 और थर्ड एसी में करीब 30 यात्रियों को कन्फर्म सीट का इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे टिकट की मांग को देखते हुए माना जा रहा है कि जैसे-जैसे छुट्टियां करीब आएंगी, इन ट्रेनों में सीटों की स्थिति और बदल सकती है। यात्रियों की परेशानी सिर्फ अगस्त के आखिरी सप्ताह तक सीमित नहीं दिख रही। सितंबर की शुरुआत के लिए भी कई ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई है। 2 सितंबर को अवंतिका एक्सप्रेस के स्लीपर में 42 और थर्ड एसी में 31 की प्रतीक्षा सूची है। 3 सितंबर के लिए स्लीपर वेटिंग 55 तक पहुंच गई है। यानी मुंबई रूट पर छुट्टियों के बाद भी यात्रियों का दबाव बना रहने की संभावना है। परिवार के साथ बाहर जाने वाले कई यात्री पहले से टिकट कराने में जुटे हैं, जबकि अचानक यात्रा का कार्यक्रम बनाने वालों के सामने कन्फर्म बर्थ की दिक्कत आ सकती है।

इस बार छुट्टियों का कैलेंडर भी ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। 29 अगस्त शनिवार और 30 अगस्त रविवार है, जबकि 28 अगस्त के बाद लगातार छुट्टी का माहौल बनने से कई लोग लंबी यात्रा का कार्यक्रम बना सकते हैं। इसके बाद 4 सितंबर को जन्माष्टमी का अवकाश है। 5 और 6 सितंबर को शनिवार और रविवार पड़ने से एक बार फिर तीन दिन का ब्रेक बन रहा है। ऐसे में मुंबई, दिल्ली और दूसरे प्रमुख शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ने की संभावना है। ट्रेवल एजेंटों के मुताबिक छुट्टियों के दौरान अकेले सफर करने वालों की तुलना में परिवार के साथ यात्रा करने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। यही वजह है कि एक साथ कई सीटों की बुकिंग होने पर वेटिंग तेजी से ऊपर चली जाती है। स्लीपर कोच में इसका असर पहले दिखाई देता है और उसके बाद थर्ड एसी की सीटों पर भी दबाव बढ़ता है। इंदौर से मुंबई के बीच चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस में 26 अगस्त की 490 से ज्यादा स्लीपर वेटिंग इसी बढ़ी हुई मांग का संकेत है। यात्रियों में कई ऐसे भी हैं जो टिकट कन्फर्म होने की उम्मीद में वेटिंग टिकट बुक करा रहे हैं। चार्ट बनने तक सीट मिलने की संभावना पर नजर रहती है, लेकिन इतनी लंबी प्रतीक्षा सूची में कन्फर्मेशन को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।

दौंड और दिल्ली रूट पर भी छुट्टियों के कारण यात्रियों का रुझान बढ़ा हुआ है। इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में 26 और 27 अगस्त की वेटिंग में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। इसी तरह इंदौर-दिल्ली रूट पर स्लीपर की 120 तक पहुंची प्रतीक्षा सूची बताती है कि छुट्टियों के दिनों में लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों की मांग कितनी बढ़ जाती है। रेलवे से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छुट्टियों के समय बस और फ्लाइट का किराया भी सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ सकता है। ऐसे में ट्रेन पहली पसंद बनी रहती है। जिन यात्रियों ने पहले टिकट नहीं कराया है, वे अब उपलब्ध ट्रेनों और अलग-अलग क्लास में सीटों की स्थिति देख रहे हैं। कुछ लोग तारीख बदलकर यात्रा करने की कोशिश कर रहे हैं तो कुछ वैकल्पिक रूट तलाश रहे हैं। अभी जिन तारीखों में वेटिंग कम है, वहां भी अगले कुछ दिनों में बुकिंग बढ़ने के साथ आंकड़े ऊपर जा सकते हैं।

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अवंतिका एक्सप्रेस में 2 और 3 सितंबर की बुकिंग से यह भी साफ है कि यात्रा का दबाव केवल अगस्त के आखिरी सप्ताह का मामला नहीं है। जन्माष्टमी के आसपास फिर से लंबा वीकेंड बनने के कारण सितंबर के पहले सप्ताह में भी ट्रेनों में भीड़ रहने की उम्मीद है। इंदौर से मुंबई जाने वाले यात्रियों के अलावा दिल्ली और दौंड रूट पर जाने वालों के बीच भी अभी से टिकट को लेकर मारामारी है। रेलवे स्टेशनों पर रिजर्वेशन काउंटर और ऑनलाइन बुकिंग दोनों जगह छुट्टियों के आसपास की तारीखों के लिए यात्रियों की नजर बनी हुई है। जिन तारीखों में वेटिंग कम है, वहां भी मांग बढ़ रही है और स्लीपर के साथ एसी कोच की सीटें भी तेजी से भर रही हैं।

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www.dainikjagranmpcg.com
18 Aug 2026 By Priyanka

छुट्टियों से पहले ट्रेनों में सीटों की मारामारी, वेटिंग बढ़ी

इंदौर (म.प्र.)

इंदौर से मुंबई, दिल्ली और दौंड जाने वाले यात्रियों के लिए अगस्त के आखिरी दिनों में ट्रेन से सफर आसान नहीं रहने वाला है। लगातार मिलने वाली छुट्टियों के कारण ट्रेनों में अभी से सीटों की मांग बढ़ गई है। खासकर स्लीपर और थर्ड एसी कोच में टिकट की स्थिति तेजी से बदल रही है। इंदौर से मुंबई जाने वाली अवंतिका एक्सप्रेस में 26 अगस्त के लिए स्लीपर क्लास की वेटिंग 490 के पार पहुंच चुकी है। इसी तारीख को थर्ड एसी में करीब 50 और सेकंड एसी में 53 यात्रियों की प्रतीक्षा सूची बताई जा रही है। यानी सामान्य श्रेणी में सफर करने वालों के लिए स्थिति सबसे ज्यादा मुश्किल है। 27 अगस्त की बुकिंग देखें तो स्लीपर में वेटिंग 112, थर्ड एसी में 93 और सेकंड एसी में 39 तक पहुंच गई है। छुट्टियों से पहले टिकटों की यह स्थिति यात्रियों की बढ़ी हुई मांग साफ दिखा रही है।

इंदौर-दौंड और इंदौर-दिल्ली रूट पर भी तस्वीर बहुत अलग नहीं है। 26 अगस्त को इंदौर-दौंड एक्सप्रेस के स्लीपर में 81 और थर्ड एसी में 45 की प्रतीक्षा सूची है। अगले दिन यानी 27 अगस्त के लिए स्लीपर वेटिंग 97 और थर्ड एसी की संख्या 69 तक पहुंच गई है। दिल्ली जाने वाली ट्रेन में भी 26 अगस्त को स्लीपर क्लास में 120 और थर्ड एसी में करीब 30 यात्रियों को कन्फर्म सीट का इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे टिकट की मांग को देखते हुए माना जा रहा है कि जैसे-जैसे छुट्टियां करीब आएंगी, इन ट्रेनों में सीटों की स्थिति और बदल सकती है। यात्रियों की परेशानी सिर्फ अगस्त के आखिरी सप्ताह तक सीमित नहीं दिख रही। सितंबर की शुरुआत के लिए भी कई ट्रेनों में वेटिंग शुरू हो गई है। 2 सितंबर को अवंतिका एक्सप्रेस के स्लीपर में 42 और थर्ड एसी में 31 की प्रतीक्षा सूची है। 3 सितंबर के लिए स्लीपर वेटिंग 55 तक पहुंच गई है। यानी मुंबई रूट पर छुट्टियों के बाद भी यात्रियों का दबाव बना रहने की संभावना है। परिवार के साथ बाहर जाने वाले कई यात्री पहले से टिकट कराने में जुटे हैं, जबकि अचानक यात्रा का कार्यक्रम बनाने वालों के सामने कन्फर्म बर्थ की दिक्कत आ सकती है।

इस बार छुट्टियों का कैलेंडर भी ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। 29 अगस्त शनिवार और 30 अगस्त रविवार है, जबकि 28 अगस्त के बाद लगातार छुट्टी का माहौल बनने से कई लोग लंबी यात्रा का कार्यक्रम बना सकते हैं। इसके बाद 4 सितंबर को जन्माष्टमी का अवकाश है। 5 और 6 सितंबर को शनिवार और रविवार पड़ने से एक बार फिर तीन दिन का ब्रेक बन रहा है। ऐसे में मुंबई, दिल्ली और दूसरे प्रमुख शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ने की संभावना है। ट्रेवल एजेंटों के मुताबिक छुट्टियों के दौरान अकेले सफर करने वालों की तुलना में परिवार के साथ यात्रा करने वालों की संख्या ज्यादा रहती है। यही वजह है कि एक साथ कई सीटों की बुकिंग होने पर वेटिंग तेजी से ऊपर चली जाती है। स्लीपर कोच में इसका असर पहले दिखाई देता है और उसके बाद थर्ड एसी की सीटों पर भी दबाव बढ़ता है। इंदौर से मुंबई के बीच चलने वाली अवंतिका एक्सप्रेस में 26 अगस्त की 490 से ज्यादा स्लीपर वेटिंग इसी बढ़ी हुई मांग का संकेत है। यात्रियों में कई ऐसे भी हैं जो टिकट कन्फर्म होने की उम्मीद में वेटिंग टिकट बुक करा रहे हैं। चार्ट बनने तक सीट मिलने की संभावना पर नजर रहती है, लेकिन इतनी लंबी प्रतीक्षा सूची में कन्फर्मेशन को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।

दौंड और दिल्ली रूट पर भी छुट्टियों के कारण यात्रियों का रुझान बढ़ा हुआ है। इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में 26 और 27 अगस्त की वेटिंग में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है। इसी तरह इंदौर-दिल्ली रूट पर स्लीपर की 120 तक पहुंची प्रतीक्षा सूची बताती है कि छुट्टियों के दिनों में लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों की मांग कितनी बढ़ जाती है। रेलवे से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छुट्टियों के समय बस और फ्लाइट का किराया भी सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ सकता है। ऐसे में ट्रेन पहली पसंद बनी रहती है। जिन यात्रियों ने पहले टिकट नहीं कराया है, वे अब उपलब्ध ट्रेनों और अलग-अलग क्लास में सीटों की स्थिति देख रहे हैं। कुछ लोग तारीख बदलकर यात्रा करने की कोशिश कर रहे हैं तो कुछ वैकल्पिक रूट तलाश रहे हैं। अभी जिन तारीखों में वेटिंग कम है, वहां भी अगले कुछ दिनों में बुकिंग बढ़ने के साथ आंकड़े ऊपर जा सकते हैं।

अवंतिका एक्सप्रेस में 2 और 3 सितंबर की बुकिंग से यह भी साफ है कि यात्रा का दबाव केवल अगस्त के आखिरी सप्ताह का मामला नहीं है। जन्माष्टमी के आसपास फिर से लंबा वीकेंड बनने के कारण सितंबर के पहले सप्ताह में भी ट्रेनों में भीड़ रहने की उम्मीद है। इंदौर से मुंबई जाने वाले यात्रियों के अलावा दिल्ली और दौंड रूट पर जाने वालों के बीच भी अभी से टिकट को लेकर मारामारी है। रेलवे स्टेशनों पर रिजर्वेशन काउंटर और ऑनलाइन बुकिंग दोनों जगह छुट्टियों के आसपास की तारीखों के लिए यात्रियों की नजर बनी हुई है। जिन तारीखों में वेटिंग कम है, वहां भी मांग बढ़ रही है और स्लीपर के साथ एसी कोच की सीटें भी तेजी से भर रही हैं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/there-is-increased-waiting-for-seats-in-trains-before-the/article-61690

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