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सतना में बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई, अस्पताल में मीटर बाइपास कर हो रही बिजली चोरी पकड़ी
सतना
16 किलोवाट लोड सीधे लाइन से संचालित होने का दावा, अस्पताल संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज; अलग कार्रवाई में एक और घर पर मीटर से छेड़छाड़ का मामला सामने आया
सतना शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान बिजली विभाग ने मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला पकड़ा। सबसे बड़ी कार्रवाई खेरमाई रोड स्थित एक निजी अस्पताल में की गई, जहां निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि बिजली मीटर के टर्मिनल को बाइपास कर सीधे विद्युत आपूर्ति का उपयोग किया जा रहा था। विभाग का दावा है कि इस तरीके से करीब 16 किलोवाट का विद्युत भार संचालित किया जा रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद विभाग ने विद्युत अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस मामले में लाखों रुपये की पेनाल्टी लगाई जा सकती है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर में लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई थी। विभाग को खेरमाई रोड स्थित अस्पताल के संबंध में भी जानकारी मिली थी कि वहां मीटर के माध्यम से नहीं बल्कि अवैध तरीके से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद कार्यपालन अभियंता मृगेन्द्र सिंह चंदेल के निर्देश पर जांच की योजना बनाई गई। जांच के लिए कनिष्ठ अभियंता राहुल मिश्रा मौके पर पहुंचे, जहां मीटर और विद्युत कनेक्शन का तकनीकी परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि विद्युत मीटर के टर्मिनल के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की गई थी। विभाग का कहना है कि मीटर को प्रभावहीन बनाकर सीधे लाइन से बिजली ली जा रही थी, जिससे वास्तविक खपत रिकॉर्ड नहीं हो रही थी। जांच के दौरान अस्पताल परिसर में संचालित विद्युत भार का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 16 किलोवाट का लोड मीटर की नियमित रीडिंग से बाहर चल रहा था। इसके बाद मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में उपभोक्ता पर विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा उपयोग की गई बिजली, लोड और अन्य तकनीकी मानकों के आधार पर पेनाल्टी का निर्धारण किया जाता है। प्रारंभिक स्तर पर अधिकारियों का अनुमान है कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तीन से चार लाख रुपये तक का आकलन तैयार किया जा सकता है। हालांकि अंतिम राशि विभागीय जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय की जाएगी।
इसी अभियान के दौरान बिजली विभाग की टीम ने शहर के नजीराबाद क्षेत्र में भी छापामार कार्रवाई की। यहां एक आवासीय परिसर में मीटर को बाइपास कर बिजली उपयोग करने का मामला सामने आया। अधिकारियों ने मौके पर जांच कर आवश्यक दस्तावेज तैयार किए और संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ भी विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया। विभाग के अनुसार इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अवनीश पाण्डेय, कनिष्ठ अभियंता अजय दुबे और कनिष्ठ अभियंता अटल मिश्रा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
बिजली विभाग का कहना है कि शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं या जहां तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अनियमित खपत के संकेत मिल रहे हैं, वहां निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील भी की है कि वे केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से बिजली का उपयोग करें और मीटर या विद्युत व्यवस्था से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। अधिकारियों के अनुसार अवैध रूप से बिजली का उपयोग पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई के साथ आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक विभाग आने वाले दिनों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, बड़े संस्थानों और घरेलू कनेक्शनों की भी जांच तेज कर सकता है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण करेंगी। विभाग का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और राजस्व नुकसान कम करने में मदद मिलेगी।
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सतना में बिजली विभाग की बड़ी कार्रवाई, अस्पताल में मीटर बाइपास कर हो रही बिजली चोरी पकड़ी
सतना
सतना शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान बिजली विभाग ने मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला पकड़ा। सबसे बड़ी कार्रवाई खेरमाई रोड स्थित एक निजी अस्पताल में की गई, जहां निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि बिजली मीटर के टर्मिनल को बाइपास कर सीधे विद्युत आपूर्ति का उपयोग किया जा रहा था। विभाग का दावा है कि इस तरीके से करीब 16 किलोवाट का विद्युत भार संचालित किया जा रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद विभाग ने विद्युत अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस मामले में लाखों रुपये की पेनाल्टी लगाई जा सकती है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर में लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई थी। विभाग को खेरमाई रोड स्थित अस्पताल के संबंध में भी जानकारी मिली थी कि वहां मीटर के माध्यम से नहीं बल्कि अवैध तरीके से बिजली का उपयोग किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद कार्यपालन अभियंता मृगेन्द्र सिंह चंदेल के निर्देश पर जांच की योजना बनाई गई। जांच के लिए कनिष्ठ अभियंता राहुल मिश्रा मौके पर पहुंचे, जहां मीटर और विद्युत कनेक्शन का तकनीकी परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि विद्युत मीटर के टर्मिनल के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ की गई थी। विभाग का कहना है कि मीटर को प्रभावहीन बनाकर सीधे लाइन से बिजली ली जा रही थी, जिससे वास्तविक खपत रिकॉर्ड नहीं हो रही थी। जांच के दौरान अस्पताल परिसर में संचालित विद्युत भार का भी परीक्षण किया गया। अधिकारियों के मुताबिक लगभग 16 किलोवाट का लोड मीटर की नियमित रीडिंग से बाहर चल रहा था। इसके बाद मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में उपभोक्ता पर विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा उपयोग की गई बिजली, लोड और अन्य तकनीकी मानकों के आधार पर पेनाल्टी का निर्धारण किया जाता है। प्रारंभिक स्तर पर अधिकारियों का अनुमान है कि अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ तीन से चार लाख रुपये तक का आकलन तैयार किया जा सकता है। हालांकि अंतिम राशि विभागीय जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद तय की जाएगी।
इसी अभियान के दौरान बिजली विभाग की टीम ने शहर के नजीराबाद क्षेत्र में भी छापामार कार्रवाई की। यहां एक आवासीय परिसर में मीटर को बाइपास कर बिजली उपयोग करने का मामला सामने आया। अधिकारियों ने मौके पर जांच कर आवश्यक दस्तावेज तैयार किए और संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ भी विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया। विभाग के अनुसार इस कार्रवाई में सहायक अभियंता अवनीश पाण्डेय, कनिष्ठ अभियंता अजय दुबे और कनिष्ठ अभियंता अटल मिश्रा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
बिजली विभाग का कहना है कि शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों से शिकायतें प्राप्त हो रही हैं या जहां तकनीकी विश्लेषण के आधार पर अनियमित खपत के संकेत मिल रहे हैं, वहां निरीक्षण किया जाएगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील भी की है कि वे केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से बिजली का उपयोग करें और मीटर या विद्युत व्यवस्था से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। अधिकारियों के अनुसार अवैध रूप से बिजली का उपयोग पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई के साथ आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक विभाग आने वाले दिनों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, बड़े संस्थानों और घरेलू कनेक्शनों की भी जांच तेज कर सकता है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न इलाकों में औचक निरीक्षण करेंगी। विभाग का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और राजस्व नुकसान कम करने में मदद मिलेगी।
