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रीवा में पूरी रात गुल रही बिजली, भीषण गर्मी में लोग बेहाल
रीवा,(म.प्र.)
नगर निगम अध्यक्ष के इलाके में भी अंधेरा, MPEB दफ्तर पर ताला मिलने से बढ़ा लोगों का गुस्सा
रीवा शहर में गुरुवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नौतपा की भीषण गर्मी और करीब 44 डिग्री तापमान के बीच शहर के कई इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही। हालात ऐसे बन गए कि लोग घरों से निकलकर सड़कों, छतों और गलियों में रात बिताने को मजबूर हो गए। शहर में मौसम पूरी तरह साफ था, न आंधी आई और न ही बारिश हुई, इसके बावजूद घंटों बिजली सप्लाई बंद रही। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय के बंगले और उनके पूरे इलाके में भी रात 10 बजे के बाद बिजली नहीं लौटी।
रीवा के पड़रा, समान, ढेकहा, अमहिया, सिरमौर चौराहा, बिछिया, विश्वविद्यालय रोड और पुरानी बस्ती समेत कई इलाकों में या तो लगातार ट्रिपिंग होती रही या पूरी रात सप्लाई बंद रही। लोग पहले इन्वर्टर के भरोसे बैठे रहे, लेकिन देर रात तक बिजली नहीं आने से इन्वर्टर भी जवाब दे गए। इसके बाद घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए। उमस इतनी ज्यादा थी कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घर के अंदर रहना मुश्किल हो गया।
रात बढ़ने के साथ लोगों की परेशानी भी बढ़ती गई। कई मोहल्लों में लोग हाथ वाले पंखे लेकर बैठे नजर आए। कुछ परिवार अपने घरों की छतों पर चादर बिछाकर लेट गए। वहीं कुछ लोग सड़क किनारे टहलते दिखे ताकि गर्मी से थोड़ी राहत मिल सके। अमहिया की रहने वाली पूजा मिश्रा ने बताया कि उनके छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहे। गर्मी के कारण घर में सांस लेना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की तरफ से कोई सूचना भी नहीं दी गई थी कि सप्लाई कब तक बंद रहेगी।
समान इलाके के राजेश तिवारी ने बताया कि पूरी रात परिवार के साथ छत पर बैठना पड़ा। बिजली आने का इंतजार करते-करते सुबह हो गई लेकिन सप्लाई सामान्य नहीं हो सकी। ढेकहा निवासी मोहम्मद आरिफ का कहना है कि नौतपा के दौरान इस तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब पहले से पता है कि गर्मी ज्यादा पड़ेगी तो बिजली विभाग को तैयारी भी पहले से करनी चाहिए थी।
बिजली संकट का असर सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं रहा। सुबह तक कई इलाकों में पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। घरों की मोटरें नहीं चल पाने के कारण टंकियां खाली हो गईं। बिछिया की संगीता पटेल ने बताया कि सुबह पानी तक नहीं मिला। लोगों को आसपास के हैंडपंप और दूसरे मोहल्लों से पानी लाना पड़ा। कुछ इलाकों में लोग सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लाइन में खड़े दिखाई दिए।
सबसे ज्यादा नाराजगी बिजली विभाग के रवैये को लेकर देखने को मिली। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते रहे लेकिन वहां से सिर्फ संबंधित जेई से संपर्क करने की बात कही जाती रही। लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों के मोबाइल बंद थे और कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं था। रात करीब 12 बजे जब मीडिया टीम MPEB कार्यालय पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। मौके पर कोई कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं था। दफ्तर के बाहर खड़े लोग बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम अध्यक्ष के इलाके में भी पूरी रात अंधेरा रहा तो बाकी शहर की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी बिजली विभाग को लेकर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने लिखा कि हर साल गर्मी में यही हाल होता है लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहा।
हालांकि देर रात तक बिजली विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। यह साफ नहीं हो सका कि आखिर इतनी लंबी कटौती किस वजह से हुई। कुछ लोग तकनीकी खराबी की बात कह रहे हैं, जबकि कई नागरिकों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था इसकी मुख्य वजह है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मेंटेनेंस और लोड मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते।
रीवा शहर में लगातार बढ़ती बिजली कटौती अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी में लोग पहले ही परेशान हैं, ऐसे में घंटों बिजली बंद रहने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
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रीवा में पूरी रात गुल रही बिजली, भीषण गर्मी में लोग बेहाल
रीवा,(म.प्र.)
रीवा शहर में गुरुवार रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। नौतपा की भीषण गर्मी और करीब 44 डिग्री तापमान के बीच शहर के कई इलाकों में पूरी रात बिजली गुल रही। हालात ऐसे बन गए कि लोग घरों से निकलकर सड़कों, छतों और गलियों में रात बिताने को मजबूर हो गए। शहर में मौसम पूरी तरह साफ था, न आंधी आई और न ही बारिश हुई, इसके बावजूद घंटों बिजली सप्लाई बंद रही। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय के बंगले और उनके पूरे इलाके में भी रात 10 बजे के बाद बिजली नहीं लौटी।
रीवा के पड़रा, समान, ढेकहा, अमहिया, सिरमौर चौराहा, बिछिया, विश्वविद्यालय रोड और पुरानी बस्ती समेत कई इलाकों में या तो लगातार ट्रिपिंग होती रही या पूरी रात सप्लाई बंद रही। लोग पहले इन्वर्टर के भरोसे बैठे रहे, लेकिन देर रात तक बिजली नहीं आने से इन्वर्टर भी जवाब दे गए। इसके बाद घरों में पंखे और कूलर बंद हो गए। उमस इतनी ज्यादा थी कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का घर के अंदर रहना मुश्किल हो गया।
रात बढ़ने के साथ लोगों की परेशानी भी बढ़ती गई। कई मोहल्लों में लोग हाथ वाले पंखे लेकर बैठे नजर आए। कुछ परिवार अपने घरों की छतों पर चादर बिछाकर लेट गए। वहीं कुछ लोग सड़क किनारे टहलते दिखे ताकि गर्मी से थोड़ी राहत मिल सके। अमहिया की रहने वाली पूजा मिश्रा ने बताया कि उनके छोटे बच्चे पूरी रात रोते रहे। गर्मी के कारण घर में सांस लेना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग की तरफ से कोई सूचना भी नहीं दी गई थी कि सप्लाई कब तक बंद रहेगी।
समान इलाके के राजेश तिवारी ने बताया कि पूरी रात परिवार के साथ छत पर बैठना पड़ा। बिजली आने का इंतजार करते-करते सुबह हो गई लेकिन सप्लाई सामान्य नहीं हो सकी। ढेकहा निवासी मोहम्मद आरिफ का कहना है कि नौतपा के दौरान इस तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब पहले से पता है कि गर्मी ज्यादा पड़ेगी तो बिजली विभाग को तैयारी भी पहले से करनी चाहिए थी।
बिजली संकट का असर सिर्फ गर्मी तक सीमित नहीं रहा। सुबह तक कई इलाकों में पानी की समस्या भी खड़ी हो गई। घरों की मोटरें नहीं चल पाने के कारण टंकियां खाली हो गईं। बिछिया की संगीता पटेल ने बताया कि सुबह पानी तक नहीं मिला। लोगों को आसपास के हैंडपंप और दूसरे मोहल्लों से पानी लाना पड़ा। कुछ इलाकों में लोग सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लाइन में खड़े दिखाई दिए।
सबसे ज्यादा नाराजगी बिजली विभाग के रवैये को लेकर देखने को मिली। उपभोक्ता लगातार हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते रहे लेकिन वहां से सिर्फ संबंधित जेई से संपर्क करने की बात कही जाती रही। लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों के मोबाइल बंद थे और कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं था। रात करीब 12 बजे जब मीडिया टीम MPEB कार्यालय पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। मौके पर कोई कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं था। दफ्तर के बाहर खड़े लोग बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम अध्यक्ष के इलाके में भी पूरी रात अंधेरा रहा तो बाकी शहर की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी बिजली विभाग को लेकर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने लिखा कि हर साल गर्मी में यही हाल होता है लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रहा।
हालांकि देर रात तक बिजली विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। यह साफ नहीं हो सका कि आखिर इतनी लंबी कटौती किस वजह से हुई। कुछ लोग तकनीकी खराबी की बात कह रहे हैं, जबकि कई नागरिकों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था इसकी मुख्य वजह है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मेंटेनेंस और लोड मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते।
रीवा शहर में लगातार बढ़ती बिजली कटौती अब बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी में लोग पहले ही परेशान हैं, ऐसे में घंटों बिजली बंद रहने से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
