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एमपी में 9-10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू, छोटे किसानों को पहली प्राथमिकता
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी, बारदाना संकट के बाद सरकार ने किए पूरे इंतजाम, छोटे किसानों को प्राथमिकता मिलेगी।
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य सरकार ने नई तारीखों का ऐलान कर दिया है, जिसके अनुसार 9-10 अप्रैल से खरीदी प्रक्रिया शुरू होगी। पहले यह प्रक्रिया जल्दी शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन बारदाने की कमी के चलते इसे टालना पड़ा। सरकार का दावा है कि अब सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
खरीदी की तारीख बढ़ने की वजह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि बारदाने की आपूर्ति में देरी के कारण खरीदी शुरू नहीं की जा सकी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जूट कमिश्नर कोलकाता से बारदाना आने में समय लगा। युद्ध जैसे वैश्विक हालातों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई, जिससे देरी हुई। अब पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध है।
छोटे किसानों को प्राथमिकता
इस बार सरकार ने खरीदी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा, ताकि उन्हें जल्दी भुगतान और सुविधा मिल सके। इसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी। सरकार का मानना है कि इससे छोटे किसानों को राहत मिलेगी।
खरीदी की नई तारीखें और प्रक्रिया
7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। 9 और 10 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में खरीदी शुरू हो जाएगी। प्रदेश के बाकी हिस्सों में 15 अप्रैल से खरीदी प्रक्रिया चालू होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी तौल केंद्रों का निरीक्षण समय से पहले पूरा कर लिया जाए।
बारदाना और भंडारण की स्थिति
सरकार के अनुसार राज्य में करीब 3.12 लाख गठानों की जरूरत है। फिलहाल 50 हजार गठानें आ चुकी हैं और इतनी ही और आने वाली हैं। जरूरत पड़ने पर पीपीपी बैग का उपयोग भी किया जाएगा। भंडारण को लेकर भी सरकार आश्वस्त है। राज्य में करीब ढाई करोड़ टन की क्षमता मौजूद है, जिसमें वेयरहाउस और स्टील साइलो शामिल हैं।
बारिश और परिवहन की तैयारी
सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। खरीदी केंद्रों पर पीने के पानी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही गेहूं का परिवहन तेजी से किया जाएगा ताकि बारिश के कारण नुकसान न हो।
बैठक में क्या हुआ निर्णय
मुख्यमंत्री ने एक ही दिन में दो बार समीक्षा बैठक की। इसमें साफ निर्देश दिए गए कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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एमपी में 9-10 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू, छोटे किसानों को पहली प्राथमिकता
भोपाल (म.प्र.)
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य सरकार ने नई तारीखों का ऐलान कर दिया है, जिसके अनुसार 9-10 अप्रैल से खरीदी प्रक्रिया शुरू होगी। पहले यह प्रक्रिया जल्दी शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन बारदाने की कमी के चलते इसे टालना पड़ा। सरकार का दावा है कि अब सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
खरीदी की तारीख बढ़ने की वजह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि बारदाने की आपूर्ति में देरी के कारण खरीदी शुरू नहीं की जा सकी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जूट कमिश्नर कोलकाता से बारदाना आने में समय लगा। युद्ध जैसे वैश्विक हालातों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई, जिससे देरी हुई। अब पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध है।
छोटे किसानों को प्राथमिकता
इस बार सरकार ने खरीदी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा, ताकि उन्हें जल्दी भुगतान और सुविधा मिल सके। इसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी। सरकार का मानना है कि इससे छोटे किसानों को राहत मिलेगी।
खरीदी की नई तारीखें और प्रक्रिया
7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू होगी। 9 और 10 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में खरीदी शुरू हो जाएगी। प्रदेश के बाकी हिस्सों में 15 अप्रैल से खरीदी प्रक्रिया चालू होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी तौल केंद्रों का निरीक्षण समय से पहले पूरा कर लिया जाए।
बारदाना और भंडारण की स्थिति
सरकार के अनुसार राज्य में करीब 3.12 लाख गठानों की जरूरत है। फिलहाल 50 हजार गठानें आ चुकी हैं और इतनी ही और आने वाली हैं। जरूरत पड़ने पर पीपीपी बैग का उपयोग भी किया जाएगा। भंडारण को लेकर भी सरकार आश्वस्त है। राज्य में करीब ढाई करोड़ टन की क्षमता मौजूद है, जिसमें वेयरहाउस और स्टील साइलो शामिल हैं।
बारिश और परिवहन की तैयारी
सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। खरीदी केंद्रों पर पीने के पानी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही गेहूं का परिवहन तेजी से किया जाएगा ताकि बारिश के कारण नुकसान न हो।
बैठक में क्या हुआ निर्णय
मुख्यमंत्री ने एक ही दिन में दो बार समीक्षा बैठक की। इसमें साफ निर्देश दिए गए कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
