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देहरादून में भारत-नेपाल JWG बैठक | सीमा सुरक्षा पर चर्चा
Digital desk
देहरादून में भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक शुरू हुई, जिसमें सीमा सुरक्षा, सीमा पार अपराध, तस्करी और सीमा विवादों पर चर्चा की गई।
भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन और सुरक्षा पर संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group - JWG) की 14वीं बैठक गुरुवार को देहरादून में शुरू हुई। इस दो दिवसीय बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी सीमा पार सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा कर रहे हैं।
यह बैठक देहरादून के होटल ताज में आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल की खुली सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करना और सीमा पार अपराध, घुसपैठ, तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
सीमा पार अपराध एजेंडे में शामिल
बैठक में अधिकारी सीमा पार से होने वाली आपराधिक गतिविधियों, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार और लोगों की अवैध आवाजाही को रोकने के उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान (Information Sharing) भी इस बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दोनों पक्ष तीसरे देशों के नागरिकों की आवाजाही पर नजर रखने और खुली सीमा से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं से निपटने के तंत्र की समीक्षा कर रहे हैं।
सीमा विवादों पर चर्चा
रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में ऐतिहासिक नक्शों के परीक्षण सहित सीमा से जुड़े कुछ मुद्दों और विवादों पर भी विचार किया जा रहा है। लिपुलेख दर्रे (Lipulekh Pass) के माध्यम से भारत-चीन व्यापार को लेकर नेपाल की चिंताओं को भी चर्चा में शामिल किए जाने की संभावना है।
सुरक्षा वार्ताओं के एजेंडे में सीमा नियमन, नो-मैन्स लैंड पर अतिक्रमण, जाली भारतीय मुद्रा (FICN) और अनाधिकृत व्यापार जैसे व्यापक मुद्दे भी शामिल हैं।
पिछली बैठकों के फैसलों की समीक्षा
यह 14वीं JWG बैठक, नेपाल के पोखरा में 27-28 मार्च 2025 को आयोजित 13वीं बैठक के बाद हो रही है। उस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा स्तंभों (Border Pillars), सीमा पार आपराधिक गतिविधियों, सीमा बुनियादी ढांचे और सुरक्षा संस्थानों के क्षमता निर्माण से जुड़े उपायों की समीक्षा की थी।
पिछली बैठक में एकीकृत चेक पोस्ट (ICP), सड़कों और रेलवे नेटवर्क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सीमा जिला समन्वय समितियों (BDCC) के कामकाज पर भी चर्चा की गई थी।
व्यापक द्विपक्षीय जुड़ाव
यह ताजा वार्ता भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की 16 से 19 अगस्त तक हुई नेपाल यात्रा के तुरंत बाद हो रही है। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह सहित वरिष्ठ नेपाली अधिकारियों के साथ बैठकें की थीं, जिसमें रक्षा सहयोग प्रमुखता से शामिल था।
ये बैठकें सुरक्षा, रक्षा और सीमा प्रबंधन के मामलों पर दोनों पड़ोसी देशों के बीच लगातार जारी संवाद को दर्शाती हैं।
खुली सीमा का ढांचा
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा और मजबूत जन-जन के संबंधों (people-to-people ties) पर आधारित एक विशिष्ट संबंध है। संयुक्त कार्य समूह दोनों देशों को इस व्यवस्था से उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चिंताओं को हल करने के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान करता है।
देहरादून में दो दिनों की चर्चा के बाद यह बैठक समाप्त होगी, जिसमें दोनों पक्ष मौजूदा तंत्र की समीक्षा करेंगे और सीमा पर बेहतर समन्वय के तरीकों की खोज करेंगे।
देहरादून में भारत-नेपाल JWG बैठक | सीमा सुरक्षा पर चर्चा
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भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन और सुरक्षा पर संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group - JWG) की 14वीं बैठक गुरुवार को देहरादून में शुरू हुई। इस दो दिवसीय बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी सीमा पार सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा कर रहे हैं।
यह बैठक देहरादून के होटल ताज में आयोजित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल की खुली सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करना और सीमा पार अपराध, घुसपैठ, तस्करी तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
सीमा पार अपराध एजेंडे में शामिल
बैठक में अधिकारी सीमा पार से होने वाली आपराधिक गतिविधियों, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार और लोगों की अवैध आवाजाही को रोकने के उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान (Information Sharing) भी इस बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
दोनों पक्ष तीसरे देशों के नागरिकों की आवाजाही पर नजर रखने और खुली सीमा से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं से निपटने के तंत्र की समीक्षा कर रहे हैं।
सीमा विवादों पर चर्चा
रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में ऐतिहासिक नक्शों के परीक्षण सहित सीमा से जुड़े कुछ मुद्दों और विवादों पर भी विचार किया जा रहा है। लिपुलेख दर्रे (Lipulekh Pass) के माध्यम से भारत-चीन व्यापार को लेकर नेपाल की चिंताओं को भी चर्चा में शामिल किए जाने की संभावना है।
सुरक्षा वार्ताओं के एजेंडे में सीमा नियमन, नो-मैन्स लैंड पर अतिक्रमण, जाली भारतीय मुद्रा (FICN) और अनाधिकृत व्यापार जैसे व्यापक मुद्दे भी शामिल हैं।
पिछली बैठकों के फैसलों की समीक्षा
यह 14वीं JWG बैठक, नेपाल के पोखरा में 27-28 मार्च 2025 को आयोजित 13वीं बैठक के बाद हो रही है। उस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा स्तंभों (Border Pillars), सीमा पार आपराधिक गतिविधियों, सीमा बुनियादी ढांचे और सुरक्षा संस्थानों के क्षमता निर्माण से जुड़े उपायों की समीक्षा की थी।
पिछली बैठक में एकीकृत चेक पोस्ट (ICP), सड़कों और रेलवे नेटवर्क के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और सीमा जिला समन्वय समितियों (BDCC) के कामकाज पर भी चर्चा की गई थी।
व्यापक द्विपक्षीय जुड़ाव
यह ताजा वार्ता भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की 16 से 19 अगस्त तक हुई नेपाल यात्रा के तुरंत बाद हो रही है। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह सहित वरिष्ठ नेपाली अधिकारियों के साथ बैठकें की थीं, जिसमें रक्षा सहयोग प्रमुखता से शामिल था।
ये बैठकें सुरक्षा, रक्षा और सीमा प्रबंधन के मामलों पर दोनों पड़ोसी देशों के बीच लगातार जारी संवाद को दर्शाती हैं।
खुली सीमा का ढांचा
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा और मजबूत जन-जन के संबंधों (people-to-people ties) पर आधारित एक विशिष्ट संबंध है। संयुक्त कार्य समूह दोनों देशों को इस व्यवस्था से उत्पन्न होने वाली सुरक्षा चिंताओं को हल करने के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान करता है।
देहरादून में दो दिनों की चर्चा के बाद यह बैठक समाप्त होगी, जिसमें दोनों पक्ष मौजूदा तंत्र की समीक्षा करेंगे और सीमा पर बेहतर समन्वय के तरीकों की खोज करेंगे।
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