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भाजपा का ममता सरकार पर बड़ा हमला, कानून-व्यवस्था पर सवाल
नेशनल न्यूज
नंदीग्राम में श्रीराम की मूर्ति तोड़ने की घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज, चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप का दौर
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में भगवान श्रीराम की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। 21 मार्च को हुई इस घटना के बाद सोमवार को भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
नंदीग्राम ब्लॉक-2 क्षेत्र में रामनवमी की तैयारी के तहत स्थापित की जा रही श्रीराम की मूर्ति को अज्ञात लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया और यह मुद्दा चुनावी बहस के केंद्र में आ गया।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति बांग्लादेश जैसी होती जा रही है, जहां मंदिरों को निशाना बनाना आम हो गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं उसके संरक्षण में हो रही हैं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को “जिहादी मानसिकता” का परिणाम बताते हुए ममता बनर्जी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राज्य में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं और स्थिति चिंताजनक हो गई है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनावी माहौल चरम पर है। राज्य में आज सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी होने की संभावना है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति को धार दे रहे हैं।
इसी बीच, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ गठबंधन का ऐलान किया है, जिससे चुनावी समीकरण और जटिल हो गए हैं।
असम, केरल और पुडुचेरी में आज नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। इन राज्यों में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। कांग्रेस ने असम चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जबकि अन्य दल भी प्रचार अभियान तेज कर रहे हैं।
राजनीतिक दल इस घटना को अपने-अपने नजरिए से पेश कर रहे हैं। भाजपा इसे कानून-व्यवस्था और धार्मिक असहिष्णुता से जोड़ रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
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भाजपा का ममता सरकार पर बड़ा हमला, कानून-व्यवस्था पर सवाल
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पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में भगवान श्रीराम की मूर्ति तोड़े जाने की घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। 21 मार्च को हुई इस घटना के बाद सोमवार को भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
नंदीग्राम ब्लॉक-2 क्षेत्र में रामनवमी की तैयारी के तहत स्थापित की जा रही श्रीराम की मूर्ति को अज्ञात लोगों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया और यह मुद्दा चुनावी बहस के केंद्र में आ गया।
भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की स्थिति बांग्लादेश जैसी होती जा रही है, जहां मंदिरों को निशाना बनाना आम हो गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं उसके संरक्षण में हो रही हैं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को “जिहादी मानसिकता” का परिणाम बताते हुए ममता बनर्जी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण राज्य में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं और स्थिति चिंताजनक हो गई है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में चुनावी माहौल चरम पर है। राज्य में आज सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी होने की संभावना है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति को धार दे रहे हैं।
इसी बीच, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के साथ गठबंधन का ऐलान किया है, जिससे चुनावी समीकरण और जटिल हो गए हैं।
असम, केरल और पुडुचेरी में आज नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। इन राज्यों में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। कांग्रेस ने असम चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, जबकि अन्य दल भी प्रचार अभियान तेज कर रहे हैं।
राजनीतिक दल इस घटना को अपने-अपने नजरिए से पेश कर रहे हैं। भाजपा इसे कानून-व्यवस्था और धार्मिक असहिष्णुता से जोड़ रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है।
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