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रिकॉर्ड हाई से सोना 41 हजार और चांदी 1.84 लाख नीचे
बिजनेस न्यूज
अमेरिका-इजराइल और ईरान तनाव के बीच निवेशकों की रणनीति बदली; मुनाफावसूली और कैश की मांग से सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट
अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹12,077 घटकर ₹1.35 लाख पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत ₹30,864 गिरकर ₹2.01 लाख प्रति किलोग्राम रह गई। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब आमतौर पर वैश्विक संकट के दौरान कीमती धातुओं में तेजी देखी जाती है।
क्या हुआ और कितना असर पड़ा?
पिछले 24 दिनों में सोने की कीमत करीब ₹24 हजार तक गिर चुकी है, जबकि चांदी में ₹65 हजार तक की गिरावट आई है। जनवरी के अंत में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद दोनों धातुओं में लगातार दबाव बना हुआ है।
29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के अपने ऑल टाइम हाई पर थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब ₹41 हजार और चांदी ₹1.84 लाख तक सस्ती हो चुकी है।
क्यों आई गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार बाजार का व्यवहार पारंपरिक पैटर्न से अलग है। आमतौर पर युद्ध जैसी स्थिति में निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में निवेशक नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों ने अपने मेटल होल्डिंग्स बेचकर कैश जमा करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, जनवरी में कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी बाजार में सप्लाई बढ़ा दी है।
कैसे असर डाल रही हैं वैश्विक परिस्थितियां?
अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और डॉलर की मजबूती ने भी सोने-चांदी की मांग को कमजोर किया है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक फिक्स्ड इनकम विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है।
स्थानीय बाजार में कीमतें क्यों अलग?
विशेषज्ञ बताते हैं कि अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतें ट्रांसपोर्ट लागत, स्थानीय मांग, ज्वेलरी एसोसिएशन के रेट और पुराने स्टॉक की खरीद कीमत जैसे कारकों पर निर्भर करती हैं। यही वजह है कि देशभर में रेट में मामूली अंतर देखने को मिलता है।
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रिकॉर्ड हाई से सोना 41 हजार और चांदी 1.84 लाख नीचे
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अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹12,077 घटकर ₹1.35 लाख पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत ₹30,864 गिरकर ₹2.01 लाख प्रति किलोग्राम रह गई। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब आमतौर पर वैश्विक संकट के दौरान कीमती धातुओं में तेजी देखी जाती है।
क्या हुआ और कितना असर पड़ा?
पिछले 24 दिनों में सोने की कीमत करीब ₹24 हजार तक गिर चुकी है, जबकि चांदी में ₹65 हजार तक की गिरावट आई है। जनवरी के अंत में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद दोनों धातुओं में लगातार दबाव बना हुआ है।
29 जनवरी 2026 को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख के अपने ऑल टाइम हाई पर थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब ₹41 हजार और चांदी ₹1.84 लाख तक सस्ती हो चुकी है।
क्यों आई गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार बाजार का व्यवहार पारंपरिक पैटर्न से अलग है। आमतौर पर युद्ध जैसी स्थिति में निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में निवेशक नकदी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते अनिश्चितता बढ़ी है, जिससे निवेशकों ने अपने मेटल होल्डिंग्स बेचकर कैश जमा करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, जनवरी में कीमतों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी बाजार में सप्लाई बढ़ा दी है।
कैसे असर डाल रही हैं वैश्विक परिस्थितियां?
अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और डॉलर की मजबूती ने भी सोने-चांदी की मांग को कमजोर किया है। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में निवेशक फिक्स्ड इनकम विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है।
स्थानीय बाजार में कीमतें क्यों अलग?
विशेषज्ञ बताते हैं कि अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतें ट्रांसपोर्ट लागत, स्थानीय मांग, ज्वेलरी एसोसिएशन के रेट और पुराने स्टॉक की खरीद कीमत जैसे कारकों पर निर्भर करती हैं। यही वजह है कि देशभर में रेट में मामूली अंतर देखने को मिलता है।
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