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वेनेजुएला भूकंप में 235 से ज्यादा मौतें, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
Digital Desk
दोहरे भूकंप से सैकड़ों मौतें, हजारों घायल; राहत और बचाव अभियान में जुटी दुनिया
वेनेजुएला में आए भीषण दोहरे भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इन भूकंपों में कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और आशंका जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। राहत और बचाव दल लगातार रात भर अभियान चला रहे हैं, लेकिन समय तेजी से निकलता जा रहा है और जीवित लोगों को तलाशने की उम्मीद धीरे-धीरे कम होती जा रही है। सबसे ज्यादा तबाही तटीय शहर ला ग्वाइरा, राजधानी कराकास और आसपास के इलाकों में देखने को मिली है। कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं, सड़कें टूट गईं और हजारों परिवार बेघर हो गए। जिन लोगों के घर बच भी गए हैं, वे आफ्टरशॉक्स के डर से खुले मैदानों में रात गुजारने को मजबूर हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार यह वेनेजुएला में एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है।
कराकास की रहने वाली ओरिआना वेलास्केज़ अपने पिता की तलाश में तटीय शहर काराबालेडा पहुंचीं। उन्होंने वहां के हालात को देखकर कहा कि पूरा इलाका किसी युद्ध क्षेत्र जैसा लग रहा था। उनके अनुसार उन्होंने रास्ते में कई शव देखे और जिस इमारत में उनके पिता रहते थे, वह पूरी तरह ढह चुकी थी। स्वयंसेवी बचावकर्मी मलबे में लोगों की तलाश करते दिखाई दिए। वेलास्केज़ ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके जीवन में ऐसा दिन आएगा। देर रात तक उन्हें अपने पिता का कोई पता नहीं चल पाया और उन्होंने अगले दिन भी खोज जारी रखने की बात कही। भूकंप के बाद अस्पतालों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कई जगह डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं। घायल लोगों का इलाज अस्थायी शिविरों और खुले मैदानों में किया जा रहा है। बिजली और संचार सेवाएं भी कई इलाकों में प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में मुश्किलें बढ़ गई हैं।
यह आपदा ऐसे समय में आई है जब वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। लंबे समय से जारी आर्थिक कठिनाइयों के कारण देश की बुनियादी सेवाएं दबाव में थीं और अब इस प्राकृतिक आपदा ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। दुनिया भर से मदद पहुंचनी शुरू हो गई है। कई देशों ने राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल भेजने की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने भी प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है। विदेशी सहायता के लिए वित्तीय मदद की घोषणाएं लगातार हो रही हैं, हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि शुरुआती 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और इसी अवधि में अधिकतम लोगों को जीवित बचाया जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में अब भी भारी मशीनरी की जरूरत है क्योंकि हाथों से मलबा हटाने में बहुत समय लग रहा है। कई परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों, राहत शिविरों और ढही हुई इमारतों के आसपास भटकते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग तस्वीरें लेकर घूम रहे हैं ताकि किसी तरह अपने रिश्तेदारों का पता चल सके। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं और सेना को भी राहत कार्यों में लगाया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही उन इलाकों से दूर रहने को कहा गया है जहां इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। भूकंप ने सिर्फ इमारतें नहीं गिराईं, बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी भी बदल दी है। जिन लोगों ने अपने घर, कारोबार या प्रियजन खो दिए हैं, उनके लिए आने वाले दिन बेहद कठिन होंगे।
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वेनेजुएला भूकंप में 235 से ज्यादा मौतें, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
Digital Desk
वेनेजुएला में आए भीषण दोहरे भूकंप ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इन भूकंपों में कम से कम 235 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोग अब भी लापता हैं और आशंका जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। राहत और बचाव दल लगातार रात भर अभियान चला रहे हैं, लेकिन समय तेजी से निकलता जा रहा है और जीवित लोगों को तलाशने की उम्मीद धीरे-धीरे कम होती जा रही है। सबसे ज्यादा तबाही तटीय शहर ला ग्वाइरा, राजधानी कराकास और आसपास के इलाकों में देखने को मिली है। कई इमारतें पूरी तरह ढह गईं, सड़कें टूट गईं और हजारों परिवार बेघर हो गए। जिन लोगों के घर बच भी गए हैं, वे आफ्टरशॉक्स के डर से खुले मैदानों में रात गुजारने को मजबूर हैं। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार यह वेनेजुएला में एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है।
कराकास की रहने वाली ओरिआना वेलास्केज़ अपने पिता की तलाश में तटीय शहर काराबालेडा पहुंचीं। उन्होंने वहां के हालात को देखकर कहा कि पूरा इलाका किसी युद्ध क्षेत्र जैसा लग रहा था। उनके अनुसार उन्होंने रास्ते में कई शव देखे और जिस इमारत में उनके पिता रहते थे, वह पूरी तरह ढह चुकी थी। स्वयंसेवी बचावकर्मी मलबे में लोगों की तलाश करते दिखाई दिए। वेलास्केज़ ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके जीवन में ऐसा दिन आएगा। देर रात तक उन्हें अपने पिता का कोई पता नहीं चल पाया और उन्होंने अगले दिन भी खोज जारी रखने की बात कही। भूकंप के बाद अस्पतालों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। कई जगह डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी की खबरें भी सामने आ रही हैं। घायल लोगों का इलाज अस्थायी शिविरों और खुले मैदानों में किया जा रहा है। बिजली और संचार सेवाएं भी कई इलाकों में प्रभावित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में मुश्किलें बढ़ गई हैं।
यह आपदा ऐसे समय में आई है जब वेनेजुएला पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। लंबे समय से जारी आर्थिक कठिनाइयों के कारण देश की बुनियादी सेवाएं दबाव में थीं और अब इस प्राकृतिक आपदा ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि पुनर्वास और पुनर्निर्माण का काम बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। दुनिया भर से मदद पहुंचनी शुरू हो गई है। कई देशों ने राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल भेजने की घोषणा की है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने भी प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है। विदेशी सहायता के लिए वित्तीय मदद की घोषणाएं लगातार हो रही हैं, हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि शुरुआती 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और इसी अवधि में अधिकतम लोगों को जीवित बचाया जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में अब भी भारी मशीनरी की जरूरत है क्योंकि हाथों से मलबा हटाने में बहुत समय लग रहा है। कई परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों, राहत शिविरों और ढही हुई इमारतों के आसपास भटकते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग तस्वीरें लेकर घूम रहे हैं ताकि किसी तरह अपने रिश्तेदारों का पता चल सके। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं और सेना को भी राहत कार्यों में लगाया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही उन इलाकों से दूर रहने को कहा गया है जहां इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। भूकंप ने सिर्फ इमारतें नहीं गिराईं, बल्कि हजारों परिवारों की जिंदगी भी बदल दी है। जिन लोगों ने अपने घर, कारोबार या प्रियजन खो दिए हैं, उनके लिए आने वाले दिन बेहद कठिन होंगे।
