बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ कर्नाटक की पारंपरिक दैव परंपरा और हिंदू धार्मिक भावनाओं के कथित अपमान को लेकर बेंगलुरु में एफआईआर दर्ज की गई है। हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज हुआ है, जिसमें आरोप है कि अभिनेता ने सार्वजनिक मंच से चावुंडी दैव और फिल्म कांतारा से जुड़े पवित्र प्रतीकों का मजाक उड़ाया। प्रकरण अब बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (CMM) अदालत में विचाराधीन है, जहां 8 अप्रैल को सुनवाई तय की गई है।
यह मामला 28 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) से जुड़ा है। शिकायत बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल द्वारा दर्ज कराई गई थी। अदालत के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को हाई ग्राउंड्स पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर पंजीबद्ध की।
क्या हैं आरोप
शिकायत के अनुसार, रणवीर सिंह ने IFFI के मंच पर निर्देशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी से बातचीत के दौरान कांतारा फिल्म के एक अहम दृश्य का जिक्र करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। आरोप है कि उन्होंने चावुंडी (चामुंडा) दैव को ‘फीमेल घोस्ट’ कहकर संबोधित किया और मंच पर पंजुरली व गुलिगा दैव से जुड़े हाव-भाव की नकल कर उन्हें हास्यास्पद ढंग से प्रस्तुत किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह प्रस्तुति कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में पूजनीय दैव परंपरा का अपमान है।
चावुंडी दैव को स्थानीय समुदाय में रक्षक देवी और दिव्य स्त्री शक्ति के रूप में पूजा जाता है। ऐसे में उन्हें ‘भूत’ कहना आस्था पर सीधा आघात बताया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि मंच से उतरने के बाद भी रणवीर सिंह ने ऋषभ शेट्टी के सामने वही मिमिक्री दोहराई, जबकि ऋषभ उन्हें इशारों में रोकते नजर आए।
वीडियो वायरल, बढ़ा विवाद
कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। कई संगठनों और आम लोगों ने अभिनेता की आलोचना करते हुए इसे सांस्कृतिक असंवेदनशीलता करार दिया। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हुई।
पहले भी दर्ज हो चुकी है शिकायत
बेंगलुरु की एफआईआर से पहले पणजी में भी रणवीर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। 2 दिसंबर 2025 को हिंदू जनजागृति समिति ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी और सार्वजनिक माफी की मांग की थी। इसके बाद अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए माफीनामा जारी किया था।
रणवीर सिंह की सफाई
अपने आधिकारिक बयान में रणवीर सिंह ने कहा था कि उनका उद्देश्य कांतारा में ऋषभ शेट्टी की अभिनय क्षमता की सराहना करना था, न कि किसी आस्था या परंपरा का अपमान। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों या प्रस्तुति से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वे इसके लिए खेद प्रकट करते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अदालत में अगली सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आगे की कानूनी दिशा क्या होगी।
-----