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ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स का भव्य आगाज, मीराबाई-लवलीना ने तिरंगे के साथ की भारतीय दल की अगुआई
स्पोर्ट्स डेस्क
किंग चार्ल्स ने किया खेलों का उद्घाटन, भारत ने लॉन बॉल्स में जीत से शुरू किया अभियान
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स का रंगारंग आगाज हो गया। ओवो हाइड्रो एरिना में आयोजित उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की एंट्री खास रही। दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन हाथों में तिरंगा लेकर भारतीय खिलाड़ियों के सबसे आगे चलीं। भारत के 125 सदस्यीय दल ने मार्च-पास्ट में हिस्सा लिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ भारतीय खिलाड़ियों का स्वागत किया।
उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला की मौजूदगी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। किंग चार्ल्स ने आधिकारिक रूप से खेलों के शुभारंभ की घोषणा की। इसके बाद अलग-अलग देशों और क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने अपने राष्ट्रीय ध्वज के साथ मार्च-पास्ट किया। कुल 74 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ियों की मौजूदगी ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय खेल और संस्कृति के बड़े उत्सव में बदल दिया।
भारत के लिए मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन का ध्वजवाहक बनना खास पल रहा। दोनों खिलाड़ी ओलिंपिक मंच पर भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं। मीराबाई ने वेटलिफ्टिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार देश का प्रतिनिधित्व किया है, जबकि लवलीना ने मुक्केबाजी में अपनी पहचान बनाई है। दोनों खिलाड़ियों ने तिरंगा थामकर भारतीय दल का नेतृत्व किया तो पूरा दल उनके पीछे मार्च करता दिखाई दिया।
इस बार उद्घाटन समारोह ग्लासगो के प्रसिद्ध ओवो हाइड्रो एरिना में आयोजित किया गया। करीब 13 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस इंडोर वेन्यू में संगीत, रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए स्कॉटलैंड की पहचान को सामने रखा गया। समारोह की शुरुआत मेजबान देश के इतिहास, संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाली प्रस्तुति से हुई। वीडियो और लाइव परफॉर्मेंस के जरिए स्कॉटलैंड के अलग-अलग दौर और उसकी सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई गई।
किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला के एरिना पहुंचने के बाद ब्रिटेन का राष्ट्रगान ‘गॉड सेव द किंग’ प्रस्तुत किया गया। इसके बाद एथलीट परेड शुरू हुई। अलग-अलग देशों के खिलाड़ी अपने ध्वजवाहकों के नेतृत्व में एरिना में दाखिल हुए। भारत के अलावा मॉरिशस, घाना, मेजबान स्कॉटलैंड समेत अन्य देशों के खिलाड़ियों ने भी मार्च-पास्ट में हिस्सा लिया।
समारोह में पारंपरिक स्कॉटिश बैगपाइप की धुन ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। स्थानीय कलाकारों ने संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्कॉटलैंड की पहचान माने जाने वाले बैगपाइपर्स की प्रस्तुति के दौरान एरिना में मौजूद दर्शकों ने भी उत्साह दिखाया। आधुनिक संगीत और पारंपरिक संस्कृति के मिश्रण के साथ कार्यक्रम को ग्लासगो की विरासत से जोड़ा गया।
भारत का अभियान औपचारिक उद्घाटन से पहले ही सकारात्मक अंदाज में शुरू हो चुका था। भारतीय खिलाड़ियों ने लॉन बॉल्स में शुरुआती मुकाबलों में जीत दर्ज की। पुतुल सोनोवाल ने पुरुष वर्ग में कनाडा के अनुभवी और विश्व चैंपियन रेयान बेस्टर के खिलाफ जीत हासिल कर भारतीय खेमे को शुरुआती सफलता दिलाई।
महिला डबल्स में भी भारत ने जीत के साथ शुरुआत की। रूपा रानी तिर्की और पिंकी की भारतीय जोड़ी ने ग्रुप-बी के मुकाबले में माल्टा की रेबेका लुईस रिक्कसन और कोनी-लेघ रिक्कसन की जोड़ी को कड़े मुकाबले में हराया। मैच का फैसला टाईब्रेकर तक पहुंचा, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की।
भारतीय दल के लिए मुक्केबाजी से भी शुरुआती पदक की उम्मीद मजबूत हुई है। महिला 75 किलोग्राम भार वर्ग में लवलीना बोरगोहेन को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली है। इस व्यवस्था के कारण उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित माना जा रहा है, क्योंकि मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। अब लवलीना की नजर फाइनल में जगह बनाकर पदक का रंग बदलने पर होगी।
23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से 125 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय खिलाड़ी एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग और लॉन बॉल्स सहित विभिन्न खेलों में चुनौती पेश करेंगे। पिछले कॉमनवेल्थ खेलों की तुलना में इस बार कार्यक्रम में कई बदलाव किए गए हैं, जिसके कारण भारत के लिए पारंपरिक रूप से मजबूत माने जाने वाले कुछ खेल प्रतियोगिता कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।
ऐसे में भारतीय दल की पदक उम्मीदों का बड़ा हिस्सा वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और एथलेटिक्स जैसे खेलों पर टिका है। मीराबाई चानू जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से पदक की बड़ी उम्मीद है। लवलीना पहले ही सेमीफाइनल में जगह मिलने के कारण पदक की दौड़ में मजबूत स्थिति में हैं। लॉन बॉल्स में शुरुआती दो जीत ने भी भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है।
उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय दल के खिलाड़ी पारंपरिक उत्साह के साथ मार्च करते दिखाई दिए। मीराबाई और लवलीना के हाथों में तिरंगा था, जबकि पीछे भारतीय खिलाड़ी एक साथ एरिना में दाखिल हुए। अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में ओपनिंग सेरेमनी के दौरान ध्वजवाहक बनने को विशेष सम्मान माना जाता है और इस बार भारत ने अपनी दो ओलिंपिक पदक विजेता महिला खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी सौंपी।
ग्लासगो इससे पहले भी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर चुका है। खेलों के साथ शहर की सांस्कृतिक पहचान को जोड़ते हुए इस बार उद्घाटन समारोह को इंडोर एरिना में आयोजित किया गया। पारंपरिक स्कॉटिश संगीत से लेकर आधुनिक म्यूजिकल परफॉर्मेंस तक कार्यक्रम में कई प्रस्तुतियां शामिल रहीं। मेजबान स्कॉटलैंड के दल की एंट्री के दौरान दर्शकों का उत्साह सबसे अधिक दिखाई दिया।
उद्घाटन समारोह के बाद अब ध्यान पूरी तरह खेल प्रतियोगिताओं पर केंद्रित हो गया है। भारतीय दल के शुरुआती लॉन बॉल्स परिणामों ने सकारात्मक शुरुआत दी है। आने वाले दिनों में मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स समेत अलग-अलग स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे। लवलीना बोरगोहेन के सेमीफाइनल मुकाबले के साथ भारत की नजर शुरुआती पदकों पर रहेगी, जबकि मीराबाई चानू से वेटलिफ्टिंग में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
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ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स का भव्य आगाज, मीराबाई-लवलीना ने तिरंगे के साथ की भारतीय दल की अगुआई
स्पोर्ट्स डेस्क
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स का रंगारंग आगाज हो गया। ओवो हाइड्रो एरिना में आयोजित उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की एंट्री खास रही। दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन हाथों में तिरंगा लेकर भारतीय खिलाड़ियों के सबसे आगे चलीं। भारत के 125 सदस्यीय दल ने मार्च-पास्ट में हिस्सा लिया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ भारतीय खिलाड़ियों का स्वागत किया।
उद्घाटन समारोह में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला की मौजूदगी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। किंग चार्ल्स ने आधिकारिक रूप से खेलों के शुभारंभ की घोषणा की। इसके बाद अलग-अलग देशों और क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने अपने राष्ट्रीय ध्वज के साथ मार्च-पास्ट किया। कुल 74 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ियों की मौजूदगी ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय खेल और संस्कृति के बड़े उत्सव में बदल दिया।
भारत के लिए मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन का ध्वजवाहक बनना खास पल रहा। दोनों खिलाड़ी ओलिंपिक मंच पर भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं। मीराबाई ने वेटलिफ्टिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार देश का प्रतिनिधित्व किया है, जबकि लवलीना ने मुक्केबाजी में अपनी पहचान बनाई है। दोनों खिलाड़ियों ने तिरंगा थामकर भारतीय दल का नेतृत्व किया तो पूरा दल उनके पीछे मार्च करता दिखाई दिया।
इस बार उद्घाटन समारोह ग्लासगो के प्रसिद्ध ओवो हाइड्रो एरिना में आयोजित किया गया। करीब 13 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस इंडोर वेन्यू में संगीत, रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए स्कॉटलैंड की पहचान को सामने रखा गया। समारोह की शुरुआत मेजबान देश के इतिहास, संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाली प्रस्तुति से हुई। वीडियो और लाइव परफॉर्मेंस के जरिए स्कॉटलैंड के अलग-अलग दौर और उसकी सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई गई।
किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला के एरिना पहुंचने के बाद ब्रिटेन का राष्ट्रगान ‘गॉड सेव द किंग’ प्रस्तुत किया गया। इसके बाद एथलीट परेड शुरू हुई। अलग-अलग देशों के खिलाड़ी अपने ध्वजवाहकों के नेतृत्व में एरिना में दाखिल हुए। भारत के अलावा मॉरिशस, घाना, मेजबान स्कॉटलैंड समेत अन्य देशों के खिलाड़ियों ने भी मार्च-पास्ट में हिस्सा लिया।
समारोह में पारंपरिक स्कॉटिश बैगपाइप की धुन ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। स्थानीय कलाकारों ने संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्कॉटलैंड की पहचान माने जाने वाले बैगपाइपर्स की प्रस्तुति के दौरान एरिना में मौजूद दर्शकों ने भी उत्साह दिखाया। आधुनिक संगीत और पारंपरिक संस्कृति के मिश्रण के साथ कार्यक्रम को ग्लासगो की विरासत से जोड़ा गया।
भारत का अभियान औपचारिक उद्घाटन से पहले ही सकारात्मक अंदाज में शुरू हो चुका था। भारतीय खिलाड़ियों ने लॉन बॉल्स में शुरुआती मुकाबलों में जीत दर्ज की। पुतुल सोनोवाल ने पुरुष वर्ग में कनाडा के अनुभवी और विश्व चैंपियन रेयान बेस्टर के खिलाफ जीत हासिल कर भारतीय खेमे को शुरुआती सफलता दिलाई।
महिला डबल्स में भी भारत ने जीत के साथ शुरुआत की। रूपा रानी तिर्की और पिंकी की भारतीय जोड़ी ने ग्रुप-बी के मुकाबले में माल्टा की रेबेका लुईस रिक्कसन और कोनी-लेघ रिक्कसन की जोड़ी को कड़े मुकाबले में हराया। मैच का फैसला टाईब्रेकर तक पहुंचा, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की।
भारतीय दल के लिए मुक्केबाजी से भी शुरुआती पदक की उम्मीद मजबूत हुई है। महिला 75 किलोग्राम भार वर्ग में लवलीना बोरगोहेन को सीधे सेमीफाइनल में जगह मिली है। इस व्यवस्था के कारण उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित माना जा रहा है, क्योंकि मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। अब लवलीना की नजर फाइनल में जगह बनाकर पदक का रंग बदलने पर होगी।
23 जुलाई से 2 अगस्त तक आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ओर से 125 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय खिलाड़ी एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग और लॉन बॉल्स सहित विभिन्न खेलों में चुनौती पेश करेंगे। पिछले कॉमनवेल्थ खेलों की तुलना में इस बार कार्यक्रम में कई बदलाव किए गए हैं, जिसके कारण भारत के लिए पारंपरिक रूप से मजबूत माने जाने वाले कुछ खेल प्रतियोगिता कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।
ऐसे में भारतीय दल की पदक उम्मीदों का बड़ा हिस्सा वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग और एथलेटिक्स जैसे खेलों पर टिका है। मीराबाई चानू जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से पदक की बड़ी उम्मीद है। लवलीना पहले ही सेमीफाइनल में जगह मिलने के कारण पदक की दौड़ में मजबूत स्थिति में हैं। लॉन बॉल्स में शुरुआती दो जीत ने भी भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है।
उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय दल के खिलाड़ी पारंपरिक उत्साह के साथ मार्च करते दिखाई दिए। मीराबाई और लवलीना के हाथों में तिरंगा था, जबकि पीछे भारतीय खिलाड़ी एक साथ एरिना में दाखिल हुए। अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में ओपनिंग सेरेमनी के दौरान ध्वजवाहक बनने को विशेष सम्मान माना जाता है और इस बार भारत ने अपनी दो ओलिंपिक पदक विजेता महिला खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी सौंपी।
ग्लासगो इससे पहले भी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर चुका है। खेलों के साथ शहर की सांस्कृतिक पहचान को जोड़ते हुए इस बार उद्घाटन समारोह को इंडोर एरिना में आयोजित किया गया। पारंपरिक स्कॉटिश संगीत से लेकर आधुनिक म्यूजिकल परफॉर्मेंस तक कार्यक्रम में कई प्रस्तुतियां शामिल रहीं। मेजबान स्कॉटलैंड के दल की एंट्री के दौरान दर्शकों का उत्साह सबसे अधिक दिखाई दिया।
उद्घाटन समारोह के बाद अब ध्यान पूरी तरह खेल प्रतियोगिताओं पर केंद्रित हो गया है। भारतीय दल के शुरुआती लॉन बॉल्स परिणामों ने सकारात्मक शुरुआत दी है। आने वाले दिनों में मुक्केबाजी, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स समेत अलग-अलग स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे। लवलीना बोरगोहेन के सेमीफाइनल मुकाबले के साथ भारत की नजर शुरुआती पदकों पर रहेगी, जबकि मीराबाई चानू से वेटलिफ्टिंग में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
