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ट्रम्प का बड़ा बयान: “ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं”, रेस्क्यू ऑपरेशन पर भी खुलासा
अंतराष्ट्रीय न्यूज
अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए 100 जान दांव पर; ईरान जंग को लेकर बढ़ा तनाव
Donald Trump ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका चाहे तो Iran को “एक ही रात में खत्म” कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर यह कार्रवाई तुरंत भी की जा सकती है।
सोमवार रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा कि मौजूदा युद्ध अमेरिका की रणनीति के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ईरान को दिए गए अल्टीमेटम का जिक्र करते हुए कहा कि आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि तेहरान क्या फैसला लेता है।
इस दौरान ट्रम्प ने ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को बचाने के लिए चलाए गए सैन्य अभियान का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में कुल 155 सैन्य विमान शामिल थे, जिनमें फाइटर जेट, बॉम्बर, टैंकर और रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे। उनके अनुसार, यह हाल के वर्षों का सबसे जोखिम भरा मिशन था, जिसमें “1-2 पायलट को बचाने के लिए 100 से अधिक जिंदगियां दांव पर लगाई गईं।”
ट्रम्प ने कहा कि मिशन के दौरान अमेरिकी सेना ने दुश्मन को भ्रमित करने के लिए कई रणनीतियां अपनाईं। अलग-अलग दिशाओं में विमानों को भेजा गया और सात स्थानों पर फर्जी ऑपरेशन का माहौल बनाया गया, ताकि वास्तविक रेस्क्यू मिशन सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संघर्ष के दौरान एक अमेरिकी F-15 Eagle लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। हालांकि, उन्होंने इसे “दुश्मन की किस्मत” बताते हुए कहा कि यह कोई रणनीतिक सफलता नहीं थी।
इस बीच, ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करने वालों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने दूसरे पायलट की जानकारी मीडिया में साझा की, उसकी पहचान की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित मीडिया संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
ईरान में संभावित हमलों को लेकर उठे मानवीय सवालों पर ट्रम्प ने कहा कि अगर इससे वहां के लोगों को “आज़ादी” मिलती है, तो वे इस दर्द को सहने के लिए तैयार होंगे। हालांकि, उनके इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी तेज हो सकती है।
फिलहाल क्षेत्र में तनाव चरम पर बना हुआ है। Israel और ईरान के बीच जारी सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका की चेतावनियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। आने वाले घंटों में यह स्पष्ट होगा कि स्थिति कूटनीति की ओर बढ़ती है या संघर्ष और गहरा होता है।
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ट्रम्प का बड़ा बयान: “ईरान को एक रात में खत्म कर सकते हैं”, रेस्क्यू ऑपरेशन पर भी खुलासा
अंतराष्ट्रीय न्यूज
Donald Trump ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका चाहे तो Iran को “एक ही रात में खत्म” कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर यह कार्रवाई तुरंत भी की जा सकती है।
सोमवार रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा कि मौजूदा युद्ध अमेरिका की रणनीति के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ईरान को दिए गए अल्टीमेटम का जिक्र करते हुए कहा कि आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि तेहरान क्या फैसला लेता है।
इस दौरान ट्रम्प ने ईरान में फंसे अमेरिकी पायलटों को बचाने के लिए चलाए गए सैन्य अभियान का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में कुल 155 सैन्य विमान शामिल थे, जिनमें फाइटर जेट, बॉम्बर, टैंकर और रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे। उनके अनुसार, यह हाल के वर्षों का सबसे जोखिम भरा मिशन था, जिसमें “1-2 पायलट को बचाने के लिए 100 से अधिक जिंदगियां दांव पर लगाई गईं।”
ट्रम्प ने कहा कि मिशन के दौरान अमेरिकी सेना ने दुश्मन को भ्रमित करने के लिए कई रणनीतियां अपनाईं। अलग-अलग दिशाओं में विमानों को भेजा गया और सात स्थानों पर फर्जी ऑपरेशन का माहौल बनाया गया, ताकि वास्तविक रेस्क्यू मिशन सुरक्षित तरीके से पूरा हो सके।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संघर्ष के दौरान एक अमेरिकी F-15 Eagle लड़ाकू विमान को मार गिराया गया। हालांकि, उन्होंने इसे “दुश्मन की किस्मत” बताते हुए कहा कि यह कोई रणनीतिक सफलता नहीं थी।
इस बीच, ट्रम्प ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लीक करने वालों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने दूसरे पायलट की जानकारी मीडिया में साझा की, उसकी पहचान की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित मीडिया संस्थान के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
ईरान में संभावित हमलों को लेकर उठे मानवीय सवालों पर ट्रम्प ने कहा कि अगर इससे वहां के लोगों को “आज़ादी” मिलती है, तो वे इस दर्द को सहने के लिए तैयार होंगे। हालांकि, उनके इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी तेज हो सकती है।
फिलहाल क्षेत्र में तनाव चरम पर बना हुआ है। Israel और ईरान के बीच जारी सैन्य गतिविधियों के बीच अमेरिका की चेतावनियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। आने वाले घंटों में यह स्पष्ट होगा कि स्थिति कूटनीति की ओर बढ़ती है या संघर्ष और गहरा होता है।
