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आर्टेमिस-II मिशन ने रचा इतिहास: 56 साल बाद टूटा अपोलो-13 का रिकॉर्ड
अंतराष्ट्रीय न्यूज
4 लाख किमी से ज्यादा दूर पहुंचे एस्ट्रोनॉट्स, चांद की ग्रेविटी से होगी धरती वापसी
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के आर्टेमिस-II मिशन ने 56 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से 4 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तक पहुंच गए, जो इससे पहले 1970 के Apollo 13 mission के दौरान दर्ज किया गया था।
6 अप्रैल की रात भारतीय समयानुसार 11:26 बजे यह उपलब्धि दर्ज की गई, जब ओरियन स्पेसक्राफ्ट चांद के पीछे से गुजरते हुए पृथ्वी से लगभग 4,06,771 किलोमीटर दूर पहुंच गया। यह किसी भी मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन द्वारा तय की गई अब तक की सबसे अधिक दूरी है।
मिशन में कमांडर Reid Wiseman के साथ Christina Koch, Victor Glover और Jeremy Hansen शामिल हैं। इस मिशन की खास बात यह भी है कि पहली बार कोई महिला अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के इतने करीब पहुंची है।
मिशन के दौरान स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा से न्यूनतम 6,545 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के अंधेरे हिस्से की फोटोग्राफी की और कई महत्वपूर्ण स्थलों का अध्ययन किया। यह अध्ययन भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नासा के अनुसार, यह मिशन केवल दूरी का रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में मानव जीवन के लिए आवश्यक ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना है। एजेंसी यह परखना चाहती है कि लंबी अवधि के मिशनों में इंसानों के लिए यह सिस्टम कितना सुरक्षित और प्रभावी है।
अब यह स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करते हुए पृथ्वी की ओर लौट रहा है। इस प्रक्रिया को ‘स्लिंगशॉट इफेक्ट’ कहा जाता है, जिसमें चांद की ग्रेविटी यान को अतिरिक्त गति प्रदान करती है। यह तकनीक ईंधन की बचत के साथ सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करती है।
मौजूदा योजना के अनुसार, 11 अप्रैल को ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और कुछ ही मिनटों बाद प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग करेगा। इसके बाद मिशन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा।
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आर्टेमिस-II मिशन ने रचा इतिहास: 56 साल बाद टूटा अपोलो-13 का रिकॉर्ड
अंतराष्ट्रीय न्यूज
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के आर्टेमिस-II मिशन ने 56 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से 4 लाख किलोमीटर से अधिक दूरी तक पहुंच गए, जो इससे पहले 1970 के Apollo 13 mission के दौरान दर्ज किया गया था।
6 अप्रैल की रात भारतीय समयानुसार 11:26 बजे यह उपलब्धि दर्ज की गई, जब ओरियन स्पेसक्राफ्ट चांद के पीछे से गुजरते हुए पृथ्वी से लगभग 4,06,771 किलोमीटर दूर पहुंच गया। यह किसी भी मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन द्वारा तय की गई अब तक की सबसे अधिक दूरी है।
मिशन में कमांडर Reid Wiseman के साथ Christina Koch, Victor Glover और Jeremy Hansen शामिल हैं। इस मिशन की खास बात यह भी है कि पहली बार कोई महिला अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के इतने करीब पहुंची है।
मिशन के दौरान स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा से न्यूनतम 6,545 किलोमीटर की दूरी तक पहुंचा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के अंधेरे हिस्से की फोटोग्राफी की और कई महत्वपूर्ण स्थलों का अध्ययन किया। यह अध्ययन भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नासा के अनुसार, यह मिशन केवल दूरी का रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में मानव जीवन के लिए आवश्यक ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना है। एजेंसी यह परखना चाहती है कि लंबी अवधि के मिशनों में इंसानों के लिए यह सिस्टम कितना सुरक्षित और प्रभावी है।
अब यह स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करते हुए पृथ्वी की ओर लौट रहा है। इस प्रक्रिया को ‘स्लिंगशॉट इफेक्ट’ कहा जाता है, जिसमें चांद की ग्रेविटी यान को अतिरिक्त गति प्रदान करती है। यह तकनीक ईंधन की बचत के साथ सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करती है।
मौजूदा योजना के अनुसार, 11 अप्रैल को ओरियन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और कुछ ही मिनटों बाद प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग करेगा। इसके बाद मिशन से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा।
