भारत को समझना है तो ट्रेन और बस से सफर करें: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज

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ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत की आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए कहा कि भारत को सही मायनों में समझने के लिए ट्रेन या बस से यात्रा करनी चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत की आर्थिक तरक्की, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक प्रभाव की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते हुए अल्बनीज ने भारत के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत को सही तरीके से समझने के लिए केवल बड़े शहरों या आधिकारिक बैठकों तक सीमित रहना काफी नहीं है। अगर कोई भारत की असली आत्मा को महसूस करना चाहता है तो उसे बस या ट्रेन से यात्रा करनी चाहिए। उनके इस बयान को भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता की बड़ी सराहना माना जा रहा है।

अल्बनीज ने कहा कि भारत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि कई संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं का संगम है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे और सड़क यात्रा देश की असली तस्वीर दिखाती है, जहां अलग-अलग समुदाय, परंपराएं और जीवनशैली एक साथ दिखाई देती हैं। उन्होंने अपने पुराने भारत दौरे को याद करते हुए कहा कि भारत की यात्रा ने उनके जीवन और सोच पर गहरा प्रभाव डाला। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने बताया कि वे पहली बार साल 1991 में एक बैकपैकर के रूप में भारत आए थे। उस समय उन्होंने भारत के कई हिस्सों की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में उन्होंने भारत की ऊर्जा, लोगों की गर्मजोशी और सांस्कृतिक विविधता को करीब से महसूस किया। यही अनुभव आज भी उनके मन में ताजा हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं और हर यात्रा में भारत को और बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला। उन्होंने भारत की प्रगति की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, व्यापार और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में जबरदस्त विकास किया है। अल्बनीज ने अपने संबोधन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, व्यापार, संस्कृति, खेल और तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के साझा मूल्य उन्हें और करीब लाते हैं।

उन्होंने 2022 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया। अल्बनीज ने कहा कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत हुए हैं। इससे निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में भारत के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे हैं और वे दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

क्रिकेट का जिक्र करते हुए अल्बनीज ने कहा कि यह खेल दोनों देशों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबले केवल खेल नहीं बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव और दोस्ती का प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की भी जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने यह भी कहा कि वे जल्द ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि यह दूसरी बार होगा जब वे ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नरेंद्र मोदी जुलाई की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते आने वाले समय में और मजबूत होंगे। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए दोनों देशों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए लोकतांत्रिक देशों का एकजुट होना जरूरी है और भारत इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है।

अल्बनीज का यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और प्रभाव को दर्शाता है। भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत उपस्थिति ने दुनिया के बड़े देशों का ध्यान आकर्षित किया है। ऑस्ट्रेलिया भी अब भारत को केवल एक रणनीतिक साझेदार नहीं बल्कि भविष्य की वैश्विक शक्ति के रूप में देख रहा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रिश्तों में तेजी से सुधार हुआ है। रक्षा, व्यापार, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देश लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अल्बनीज का यह बयान दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

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28 May 2026 By Vaishnavi.J

भारत को समझना है तो ट्रेन और बस से सफर करें: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज

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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत की आर्थिक तरक्की, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक प्रभाव की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते हुए अल्बनीज ने भारत के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत को सही तरीके से समझने के लिए केवल बड़े शहरों या आधिकारिक बैठकों तक सीमित रहना काफी नहीं है। अगर कोई भारत की असली आत्मा को महसूस करना चाहता है तो उसे बस या ट्रेन से यात्रा करनी चाहिए। उनके इस बयान को भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता की बड़ी सराहना माना जा रहा है।

अल्बनीज ने कहा कि भारत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि कई संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं का संगम है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे और सड़क यात्रा देश की असली तस्वीर दिखाती है, जहां अलग-अलग समुदाय, परंपराएं और जीवनशैली एक साथ दिखाई देती हैं। उन्होंने अपने पुराने भारत दौरे को याद करते हुए कहा कि भारत की यात्रा ने उनके जीवन और सोच पर गहरा प्रभाव डाला। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने बताया कि वे पहली बार साल 1991 में एक बैकपैकर के रूप में भारत आए थे। उस समय उन्होंने भारत के कई हिस्सों की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में उन्होंने भारत की ऊर्जा, लोगों की गर्मजोशी और सांस्कृतिक विविधता को करीब से महसूस किया। यही अनुभव आज भी उनके मन में ताजा हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे दो बार भारत का दौरा कर चुके हैं और हर यात्रा में भारत को और बेहतर तरीके से समझने का मौका मिला। उन्होंने भारत की प्रगति की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल तकनीक, व्यापार और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में जबरदस्त विकास किया है। अल्बनीज ने अपने संबोधन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत होते रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, व्यापार, संस्कृति, खेल और तकनीक जैसे कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के साझा मूल्य उन्हें और करीब लाते हैं।

उन्होंने 2022 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते को ऐतिहासिक बताया। अल्बनीज ने कहा कि इस समझौते के बाद दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत हुए हैं। इससे निवेश, रोजगार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार कई गुना बढ़ेगा। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में भारत के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहे हैं और वे दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

क्रिकेट का जिक्र करते हुए अल्बनीज ने कहा कि यह खेल दोनों देशों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट मुकाबले केवल खेल नहीं बल्कि लोगों के बीच जुड़ाव और दोस्ती का प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की भी जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने यह भी कहा कि वे जल्द ही भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि यह दूसरी बार होगा जब वे ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नरेंद्र मोदी जुलाई की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते आने वाले समय में और मजबूत होंगे। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए दोनों देशों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए लोकतांत्रिक देशों का एकजुट होना जरूरी है और भारत इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है।

अल्बनीज का यह बयान भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और प्रभाव को दर्शाता है। भारत की आर्थिक प्रगति, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूत उपस्थिति ने दुनिया के बड़े देशों का ध्यान आकर्षित किया है। ऑस्ट्रेलिया भी अब भारत को केवल एक रणनीतिक साझेदार नहीं बल्कि भविष्य की वैश्विक शक्ति के रूप में देख रहा है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रिश्तों में तेजी से सुधार हुआ है। रक्षा, व्यापार, शिक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देश लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अल्बनीज का यह बयान दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

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