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सीधी न्यूज़: रजडीहा में छह महीने में तीसरी बार घर में सेंध, सोने-चांदी के जेवर ले गए चोर
सीधी
रात में दीवार काटकर कमरे तक पहुंचे चोर, अलमारी और पेटी के ताले तोड़े; बुजुर्ग ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
शहर से लगे ग्राम रजडिहा में चोरी की वारदातों ने एक परिवार की चिंता बढ़ा दी है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले 72 वर्षीय भगवानदीन सेन के घर को अज्ञात चोरों ने एक बार फिर निशाना बनाया। परिवार का कहना है कि बीते करीब छह महीने के भीतर इसी मकान में यह तीसरी चोरी है। ताजा वारदात 16 और 17 जुलाई की दरमियानी रात की बताई जा रही है। चोर मकान के पीछे की तरफ से दीवार में सेंध बनाकर अंदर घुसे और बंद कमरे में रखी अलमारी तथा छोटी पेटी के ताले तोड़ दिए। परिवार के मुताबिक यहां रखे सोने-चांदी के कई जेवर और अन्य कीमती सामान गायब मिले हैं। सुबह घर के लोग जागे तब चोरी का पता चला। सूचना मिलने के बाद मामला सिटी कोतवाली तक पहुंचा। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 0616 दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। एक ही मकान में बार-बार चोरी होने के कारण परिवार अब पुलिस की अब तक की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठा रहा है।
भगवानदीन सेन ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि 16 जुलाई की रात घर में सब कुछ सामान्य था। परिवार के लोगों ने खाना खाया और करीब रात 12:30 बजे अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। उनका बेटा विनोद अपने परिवार के साथ सिंगरौली में रहता है, इसलिए उसका कमरा बंद था और उसमें ताला लगा हुआ था। रात में किसी सदस्य को घर के भीतर संदिग्ध आवाज या हलचल का पता नहीं चला। सुबह करीब छह बजे भगवानदीन की पत्नी सोकर उठीं और घर के पिछले हिस्से की ओर गईं। इसी दौरान उनकी नजर छोटे बेटे के कमरे की तरफ पड़ी। पीछे की दीवार और खिड़की के पास का हिस्सा टूटा हुआ दिखाई दिया। नजदीक जाकर देखा तो दीवार में सेंध बनी थी। शक होने पर उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्यों को आवाज दी। लोग कमरे में पहुंचे तो अंदर का नजारा बदला हुआ था। सामान अपनी जगह पर नहीं था और कई चीजें इधर-उधर बिखरी पड़ी थीं। अलमारी का ताला टूटा मिला, छोटी पेटी को भी खोल दिया गया था। परिवार ने जब जेवर और दूसरे सामान की जांच की तो सोने-चांदी की कई वस्तुएं गायब मिलीं। जिस तरीके से सेंध बनाई गई, उससे आशंका है कि चोरों ने घर के पिछले हिस्से को प्रवेश के लिए चुना, जहां रात के समय लोगों की आवाजाही कम रहती है। वारदात के वक्त परिवार के सदस्य घर में ही सो रहे थे, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। सुबह सेंध और बिखरा सामान देखने के बाद ही पूरी घटना सामने आई।
पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी हुए सामान में सोने का एक बड़ा मंगलसूत्र, कान का एक झुमका, एक बाली, एक अन्य सोने का आभूषण, एक अंगूठी, मनचली माला के 14 नग, पांच मनचली लॉकेट, एक मराठी आभूषण और दो चेन शामिल हैं। चांदी के सामान में एक कमरबंद, एक पायजेब, सात पायल, छह बिछिया के अलावा चांदी की थाली, नारियल, सुपारी और पान जैसी वस्तुएं भी गायब बताई गई हैं। परिवार ने सामान की सूची पुलिस को दी है। चोरी गए जेवरों की कुल कीमत को लेकर फिलहाल स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर चोरी गए सामान का आकलन कर रही है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि ये जेवर लंबे समय से परिवार के पास रखे थे और इनमें घरेलू उपयोग के साथ पारिवारिक महत्व की वस्तुएं भी थीं। चोरों ने जिस कमरे को निशाना बनाया, उसमें उस समय कोई नहीं सो रहा था। माना जा रहा है कि इसी वजह से आरोपियों को अलमारी और पेटी खंगालने का मौका मिल गया।
इस वारदात ने परिवार को इसलिए ज्यादा परेशान किया है क्योंकि भगवानदीन सेन के मुताबिक उनके घर में इससे पहले भी दो बार चोरी हो चुकी है। उनका दावा है कि लगभग छह महीने के दौरान अब तीसरी बार अज्ञात लोग घर में घुसे हैं। पिछली घटनाओं की शिकायत भी पुलिस तक पहुंचाई गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि उन मामलों में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। अब तीसरी घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस की जांच पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हर बार अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू करने की बात कही जाती है, लेकिन पुरानी चोरियों का खुलासा नहीं हो सका। हालांकि ये आरोप पीड़ित पक्ष के हैं और पिछली दोनों घटनाओं में पुलिस जांच की मौजूदा स्थिति को लेकर अलग से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बार-बार एक ही मकान को निशाना बनाए जाने से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आरोपियों को घर की बनावट और परिवार के सदस्यों की दिनचर्या की जानकारी थी। फिलहाल इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि तीनों घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति या गिरोह है या अलग-अलग चोरियों का आपस में कोई संबंध नहीं है। ताजा वारदात में घर के पिछले हिस्से से सेंध लगाई गई है। ऐसे मामलों में घटनास्थल से मिले निशान, आसपास की आवाजाही, संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। गांव और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों से भी सुराग मिलने की संभावना रहती है, यदि घटना के समय का फुटेज उपलब्ध हो।
पीड़ित भगवानदीन सेन की उम्र 72 वर्ष है। परिवार का कहना है कि लगातार हो रही चोरियों के कारण घर के सदस्यों में असुरक्षा बढ़ी है। रात में परिवार घर के भीतर मौजूद था, इसके बावजूद आरोपी सेंध लगाकर कमरे तक पहुंच गए। यह बात उन्हें ज्यादा परेशान कर रही है। यदि किसी सदस्य की नींद खुल जाती या चोरों से आमना-सामना हो जाता तो स्थिति गंभीर भी हो सकती थी। ग्रामीण इलाकों में मकानों के पिछले हिस्से अक्सर खुले खेत, खाली जमीन या कम आवाजाही वाले रास्तों की तरफ होते हैं। रजडिहा की इस घटना में भी चोरों ने कथित तौर पर पीछे की दीवार को ही प्रवेश के लिए चुना।
सिटी कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर 17 जुलाई को अपराध क्रमांक 0616 के तहत दर्ज किए जाने की जानकारी है। पुलिस अब अज्ञात आरोपियों की पहचान और चोरी गए आभूषणों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है। परिवार की ओर से बताए गए जेवरों की सूची भी मामले का हिस्सा बनाई गई है। पुराने मामलों से ताजा चोरी के तरीके का मिलान भी जांच में अहम हो सकता है। यदि पहले की दोनों वारदातों में भी प्रवेश का तरीका, चोरी का समय या निशाना बनाए गए कमरों में समानता मिलती है तो पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
ताजा घटना के बाद गांव में भी चोरी को लेकर चर्चा है। खासकर एक ही परिवार के घर में कम समय के भीतर तीन घटनाएं होने से स्थानीय स्तर पर रात्रि सुरक्षा और पुलिस गश्त का मुद्दा सामने आया है। पीड़ित परिवार चाहता है कि केवल ताजा मामले की जांच न हो, बल्कि पहले हुई दोनों चोरियों को भी जोड़कर गंभीरता से पड़ताल की जाए। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और चोरी गए सोने-चांदी के जेवरों की बरामदगी तथा आरोपियों की पहचान के लिए विवेचना जारी है।
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सीधी
शहर से लगे ग्राम रजडिहा में चोरी की वारदातों ने एक परिवार की चिंता बढ़ा दी है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले 72 वर्षीय भगवानदीन सेन के घर को अज्ञात चोरों ने एक बार फिर निशाना बनाया। परिवार का कहना है कि बीते करीब छह महीने के भीतर इसी मकान में यह तीसरी चोरी है। ताजा वारदात 16 और 17 जुलाई की दरमियानी रात की बताई जा रही है। चोर मकान के पीछे की तरफ से दीवार में सेंध बनाकर अंदर घुसे और बंद कमरे में रखी अलमारी तथा छोटी पेटी के ताले तोड़ दिए। परिवार के मुताबिक यहां रखे सोने-चांदी के कई जेवर और अन्य कीमती सामान गायब मिले हैं। सुबह घर के लोग जागे तब चोरी का पता चला। सूचना मिलने के बाद मामला सिटी कोतवाली तक पहुंचा। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 17 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 0616 दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। एक ही मकान में बार-बार चोरी होने के कारण परिवार अब पुलिस की अब तक की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठा रहा है।
भगवानदीन सेन ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि 16 जुलाई की रात घर में सब कुछ सामान्य था। परिवार के लोगों ने खाना खाया और करीब रात 12:30 बजे अपने-अपने कमरों में सोने चले गए। उनका बेटा विनोद अपने परिवार के साथ सिंगरौली में रहता है, इसलिए उसका कमरा बंद था और उसमें ताला लगा हुआ था। रात में किसी सदस्य को घर के भीतर संदिग्ध आवाज या हलचल का पता नहीं चला। सुबह करीब छह बजे भगवानदीन की पत्नी सोकर उठीं और घर के पिछले हिस्से की ओर गईं। इसी दौरान उनकी नजर छोटे बेटे के कमरे की तरफ पड़ी। पीछे की दीवार और खिड़की के पास का हिस्सा टूटा हुआ दिखाई दिया। नजदीक जाकर देखा तो दीवार में सेंध बनी थी। शक होने पर उन्होंने परिवार के दूसरे सदस्यों को आवाज दी। लोग कमरे में पहुंचे तो अंदर का नजारा बदला हुआ था। सामान अपनी जगह पर नहीं था और कई चीजें इधर-उधर बिखरी पड़ी थीं। अलमारी का ताला टूटा मिला, छोटी पेटी को भी खोल दिया गया था। परिवार ने जब जेवर और दूसरे सामान की जांच की तो सोने-चांदी की कई वस्तुएं गायब मिलीं। जिस तरीके से सेंध बनाई गई, उससे आशंका है कि चोरों ने घर के पिछले हिस्से को प्रवेश के लिए चुना, जहां रात के समय लोगों की आवाजाही कम रहती है। वारदात के वक्त परिवार के सदस्य घर में ही सो रहे थे, लेकिन उन्हें भनक तक नहीं लगी। सुबह सेंध और बिखरा सामान देखने के बाद ही पूरी घटना सामने आई।
पीड़ित परिवार के अनुसार चोरी हुए सामान में सोने का एक बड़ा मंगलसूत्र, कान का एक झुमका, एक बाली, एक अन्य सोने का आभूषण, एक अंगूठी, मनचली माला के 14 नग, पांच मनचली लॉकेट, एक मराठी आभूषण और दो चेन शामिल हैं। चांदी के सामान में एक कमरबंद, एक पायजेब, सात पायल, छह बिछिया के अलावा चांदी की थाली, नारियल, सुपारी और पान जैसी वस्तुएं भी गायब बताई गई हैं। परिवार ने सामान की सूची पुलिस को दी है। चोरी गए जेवरों की कुल कीमत को लेकर फिलहाल स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर चोरी गए सामान का आकलन कर रही है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि ये जेवर लंबे समय से परिवार के पास रखे थे और इनमें घरेलू उपयोग के साथ पारिवारिक महत्व की वस्तुएं भी थीं। चोरों ने जिस कमरे को निशाना बनाया, उसमें उस समय कोई नहीं सो रहा था। माना जा रहा है कि इसी वजह से आरोपियों को अलमारी और पेटी खंगालने का मौका मिल गया।
इस वारदात ने परिवार को इसलिए ज्यादा परेशान किया है क्योंकि भगवानदीन सेन के मुताबिक उनके घर में इससे पहले भी दो बार चोरी हो चुकी है। उनका दावा है कि लगभग छह महीने के दौरान अब तीसरी बार अज्ञात लोग घर में घुसे हैं। पिछली घटनाओं की शिकायत भी पुलिस तक पहुंचाई गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि उन मामलों में कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। अब तीसरी घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस की जांच पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हर बार अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू करने की बात कही जाती है, लेकिन पुरानी चोरियों का खुलासा नहीं हो सका। हालांकि ये आरोप पीड़ित पक्ष के हैं और पिछली दोनों घटनाओं में पुलिस जांच की मौजूदा स्थिति को लेकर अलग से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बार-बार एक ही मकान को निशाना बनाए जाने से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आरोपियों को घर की बनावट और परिवार के सदस्यों की दिनचर्या की जानकारी थी। फिलहाल इस संबंध में कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि तीनों घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति या गिरोह है या अलग-अलग चोरियों का आपस में कोई संबंध नहीं है। ताजा वारदात में घर के पिछले हिस्से से सेंध लगाई गई है। ऐसे मामलों में घटनास्थल से मिले निशान, आसपास की आवाजाही, संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। गांव और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों से भी सुराग मिलने की संभावना रहती है, यदि घटना के समय का फुटेज उपलब्ध हो।
पीड़ित भगवानदीन सेन की उम्र 72 वर्ष है। परिवार का कहना है कि लगातार हो रही चोरियों के कारण घर के सदस्यों में असुरक्षा बढ़ी है। रात में परिवार घर के भीतर मौजूद था, इसके बावजूद आरोपी सेंध लगाकर कमरे तक पहुंच गए। यह बात उन्हें ज्यादा परेशान कर रही है। यदि किसी सदस्य की नींद खुल जाती या चोरों से आमना-सामना हो जाता तो स्थिति गंभीर भी हो सकती थी। ग्रामीण इलाकों में मकानों के पिछले हिस्से अक्सर खुले खेत, खाली जमीन या कम आवाजाही वाले रास्तों की तरफ होते हैं। रजडिहा की इस घटना में भी चोरों ने कथित तौर पर पीछे की दीवार को ही प्रवेश के लिए चुना।
सिटी कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर 17 जुलाई को अपराध क्रमांक 0616 के तहत दर्ज किए जाने की जानकारी है। पुलिस अब अज्ञात आरोपियों की पहचान और चोरी गए आभूषणों की तलाश में जांच आगे बढ़ा रही है। परिवार की ओर से बताए गए जेवरों की सूची भी मामले का हिस्सा बनाई गई है। पुराने मामलों से ताजा चोरी के तरीके का मिलान भी जांच में अहम हो सकता है। यदि पहले की दोनों वारदातों में भी प्रवेश का तरीका, चोरी का समय या निशाना बनाए गए कमरों में समानता मिलती है तो पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
ताजा घटना के बाद गांव में भी चोरी को लेकर चर्चा है। खासकर एक ही परिवार के घर में कम समय के भीतर तीन घटनाएं होने से स्थानीय स्तर पर रात्रि सुरक्षा और पुलिस गश्त का मुद्दा सामने आया है। पीड़ित परिवार चाहता है कि केवल ताजा मामले की जांच न हो, बल्कि पहले हुई दोनों चोरियों को भी जोड़कर गंभीरता से पड़ताल की जाए। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और चोरी गए सोने-चांदी के जेवरों की बरामदगी तथा आरोपियों की पहचान के लिए विवेचना जारी है।
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