Netanyahu Arrest: न्यूयॉर्क आए तो क्या गिरफ्तार होंगे नेतन्याहू? मेयर ममदानी ने कहा- अभी फैसला नहीं

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ICC के गिरफ्तारी वारंट पर कानूनी सलाह ले रहे न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी, चुनाव प्रचार के दौरान गिरफ्तारी की बात कही थी

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगर न्यूयॉर्क आते हैं तो क्या उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी, इस सवाल पर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। ममदानी का कहना है कि उनकी टीम इस मामले के कानूनी पहलुओं को समझ रही है और विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि मेयर चुनाव के दौरान ममदानी ने कहा था कि वह इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC की ओर से नेतन्याहू के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट का सम्मान करने की कोशिश करेंगे। अब मेयर बनने के बाद उनके रुख पर दोबारा सवाल उठ रहे हैं। ममदानी ने हालिया बातचीत में कहा कि उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि नेतन्याहू के न्यूयॉर्क पहुंचने की स्थिति में उनका प्रशासन वास्तव में क्या कदम उठाएगा। उनका यह बयान चुनाव प्रचार के दौरान अपनाए गए रुख की तुलना में ज्यादा सतर्क माना जा रहा है। ममदानी 1 जनवरी 2026 को न्यूयॉर्क सिटी के 112वें मेयर के रूप में शपथ ले चुके हैं।

इस पूरे विवाद की जड़ ICC का वह गिरफ्तारी वारंट है, जो इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजराइल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ जारी किया गया था। उन पर गाजा युद्ध से जुड़े कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। इजराइल इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है और ICC की कार्रवाई का विरोध करता आया है। ममदानी लंबे समय से गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई के आलोचक रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उनका रुख काफी स्पष्ट था। सितंबर 2025 में उन्होंने कहा था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आते हैं तो वह ICC वारंट के आधार पर कार्रवाई की दिशा में कदम उठाएंगे। उस समय भी कानूनी विशेषज्ञों ने इस दावे की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए थे। वजह यह है कि अमेरिका ICC की स्थापना करने वाली Rome Statute संधि का सदस्य नहीं है और अमेरिकी सरकार अदालत के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देती। ऐसे में किसी विदेशी सरकार के प्रमुख के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वारंट को न्यूयॉर्क पुलिस के जरिए लागू करना सीधे तौर पर आसान मामला नहीं है।

सबसे बड़ा सवाल न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के अधिकार क्षेत्र को लेकर है। शहर का मेयर न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रभाव रखता है, लेकिन विदेश नीति, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और विदेशी नेताओं की कानूनी स्थिति संघीय सरकार के अधिकार क्षेत्र से जुड़ी होती है। किसी विदेशी प्रधानमंत्री को हिरासत में लेने की कोशिश में राजनयिक छूट यानी diplomatic immunity का सवाल भी सामने आ सकता है। यही कारण है कि ममदानी अब किसी तत्काल कार्रवाई की घोषणा करने के बजाय कानूनी सलाह लेने की बात कर रहे हैं। अगर नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा या किसी दूसरे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए न्यूयॉर्क पहुंचते हैं, तो मामला और पेचीदा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और हर साल दुनिया के कई राष्ट्राध्यक्ष तथा सरकार प्रमुख यहां आते हैं। उनकी सुरक्षा और आवाजाही में अमेरिकी संघीय एजेंसियों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में केवल नगर प्रशासन के स्तर पर गिरफ्तारी जैसा कदम उठाना कई संवैधानिक, कूटनीतिक और कानूनी सवाल खड़े कर सकता है।

ममदानी के मौजूदा बयान को उनके पुराने चुनावी वादे से जोड़कर भी देखा जा रहा है। मेयर पद की दौड़ के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून को समान रूप से लागू करने की बात कही थी। उनका कहना था कि न्यूयॉर्क ऐसा शहर होना चाहिए जहां अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाए। उस समय उन्होंने नेतन्याहू को लेकर काफी स्पष्ट रुख अपनाया था। हालांकि तभी विशेषज्ञों ने कहा था कि ICC वारंट को लागू करना किसी अमेरिकी शहर के मेयर के लिए व्यावहारिक रूप से बेहद मुश्किल हो सकता है और इससे संघीय सरकार के साथ सीधा टकराव पैदा होने की आशंका रहेगी। अमेरिका और इजराइल दोनों ICC के सदस्य नहीं हैं। अमेरिकी प्रशासन पहले भी नेतन्याहू के खिलाफ जारी ICC वारंट का विरोध कर चुका है। इसी वजह से अब मेयर कार्यालय के सामने राजनीतिक बयान और वास्तविक कानूनी अधिकार के बीच संतुलन बनाने की चुनौती दिखाई दे रही है।

नेतन्याहू पहले भी न्यूयॉर्क में संभावित गिरफ्तारी की चर्चाओं को ज्यादा महत्व नहीं देने की बात कह चुके हैं। 2025 में जब ममदानी की ओर से गिरफ्तारी की बात उठी थी, तब नेतन्याहू ने संकेत दिया था कि इससे उनकी न्यूयॉर्क यात्रा की योजना प्रभावित नहीं होगी। उस समय यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में भी चर्चा का विषय बना था। अब ममदानी मेयर पद संभाल चुके हैं, इसलिए यही सवाल केवल चुनावी बयान तक सीमित नहीं रहा। यदि नेतन्याहू भविष्य में न्यूयॉर्क आने की घोषणा करते हैं तो शहर प्रशासन, अमेरिकी विदेश विभाग, संघीय सुरक्षा एजेंसियों और कानूनी अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर रहेगी। खासतौर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान किसी संभावित यात्रा की स्थिति में यह विवाद फिर तेज हो सकता है।

ममदानी इजराइल की गाजा नीति के मुखर आलोचक रहे हैं और फिलिस्तीनी नागरिक अधिकारों के समर्थन में लगातार बयान देते रहे हैं। उनके राजनीतिक रुख को लेकर न्यूयॉर्क में पहले भी तीखी बहस होती रही है। शहर में यहूदी और मुस्लिम दोनों समुदायों की बड़ी आबादी रहती है, इसलिए इजराइल-गाजा युद्ध से जुड़े मुद्दे स्थानीय राजनीति में भी संवेदनशील बने हुए हैं। ममदानी ने अपने राजनीतिक बयानों में एक तरफ इजराइली सरकार की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है, वहीं दूसरी तरफ न्यूयॉर्क के सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी की बात भी कही है। उनके सामने अब चुनौती यह है कि अंतरराष्ट्रीय कानून को लेकर व्यक्त राजनीतिक रुख को अमेरिकी और न्यूयॉर्क के मौजूदा कानूनों की सीमाओं के भीतर कैसे देखा जाए। AP की पूर्व प्रोफाइलिंग में भी ममदानी को फिलिस्तीनी नागरिक अधिकारों का मुखर समर्थक और इजराइली सरकार की नीतियों का आलोचक बताया गया था।

ICC वारंट को लेकर विवाद केवल नेतन्याहू तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी उठता है कि अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश और अमेरिका की घरेलू कानूनी व्यवस्था के बीच संबंध क्या है। ICC के पास अपनी कोई पुलिस फोर्स नहीं होती और गिरफ्तारी के लिए वह सदस्य देशों के सहयोग पर निर्भर करता है। अमेरिका Rome Statute का पक्षकार नहीं होने के कारण सामान्य तौर पर ICC वारंट लागू करने के लिए बाध्य नहीं है। इसी वजह से न्यूयॉर्क पुलिस द्वारा सीधे गिरफ्तारी की संभावना कानूनी रूप से बेहद जटिल मानी जाती रही है। किसी भी कार्रवाई में संघीय कानून, विदेशी सरकार प्रमुख की संभावित प्रतिरक्षा और अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े नियम सामने आ सकते हैं। ममदानी ने इसी कानूनी उलझन के बीच संकेत दिया है कि कोई कदम उठाने से पहले उनकी टीम यह सुनिश्चित करना चाहती है कि फैसला कानून के दायरे में हो।

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18 Jul 2026 By Priyanka

Netanyahu Arrest: न्यूयॉर्क आए तो क्या गिरफ्तार होंगे नेतन्याहू? मेयर ममदानी ने कहा- अभी फैसला नहीं

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इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगर न्यूयॉर्क आते हैं तो क्या उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जाएगी, इस सवाल पर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। ममदानी का कहना है कि उनकी टीम इस मामले के कानूनी पहलुओं को समझ रही है और विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि मेयर चुनाव के दौरान ममदानी ने कहा था कि वह इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट यानी ICC की ओर से नेतन्याहू के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट का सम्मान करने की कोशिश करेंगे। अब मेयर बनने के बाद उनके रुख पर दोबारा सवाल उठ रहे हैं। ममदानी ने हालिया बातचीत में कहा कि उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि नेतन्याहू के न्यूयॉर्क पहुंचने की स्थिति में उनका प्रशासन वास्तव में क्या कदम उठाएगा। उनका यह बयान चुनाव प्रचार के दौरान अपनाए गए रुख की तुलना में ज्यादा सतर्क माना जा रहा है। ममदानी 1 जनवरी 2026 को न्यूयॉर्क सिटी के 112वें मेयर के रूप में शपथ ले चुके हैं।

इस पूरे विवाद की जड़ ICC का वह गिरफ्तारी वारंट है, जो इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजराइल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ जारी किया गया था। उन पर गाजा युद्ध से जुड़े कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप लगाए गए हैं। इजराइल इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है और ICC की कार्रवाई का विरोध करता आया है। ममदानी लंबे समय से गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई के आलोचक रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उनका रुख काफी स्पष्ट था। सितंबर 2025 में उन्होंने कहा था कि यदि नेतन्याहू न्यूयॉर्क आते हैं तो वह ICC वारंट के आधार पर कार्रवाई की दिशा में कदम उठाएंगे। उस समय भी कानूनी विशेषज्ञों ने इस दावे की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए थे। वजह यह है कि अमेरिका ICC की स्थापना करने वाली Rome Statute संधि का सदस्य नहीं है और अमेरिकी सरकार अदालत के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देती। ऐसे में किसी विदेशी सरकार के प्रमुख के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वारंट को न्यूयॉर्क पुलिस के जरिए लागू करना सीधे तौर पर आसान मामला नहीं है।

सबसे बड़ा सवाल न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के अधिकार क्षेत्र को लेकर है। शहर का मेयर न्यूयॉर्क पुलिस विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रभाव रखता है, लेकिन विदेश नीति, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और विदेशी नेताओं की कानूनी स्थिति संघीय सरकार के अधिकार क्षेत्र से जुड़ी होती है। किसी विदेशी प्रधानमंत्री को हिरासत में लेने की कोशिश में राजनयिक छूट यानी diplomatic immunity का सवाल भी सामने आ सकता है। यही कारण है कि ममदानी अब किसी तत्काल कार्रवाई की घोषणा करने के बजाय कानूनी सलाह लेने की बात कर रहे हैं। अगर नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा या किसी दूसरे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए न्यूयॉर्क पहुंचते हैं, तो मामला और पेचीदा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है और हर साल दुनिया के कई राष्ट्राध्यक्ष तथा सरकार प्रमुख यहां आते हैं। उनकी सुरक्षा और आवाजाही में अमेरिकी संघीय एजेंसियों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में केवल नगर प्रशासन के स्तर पर गिरफ्तारी जैसा कदम उठाना कई संवैधानिक, कूटनीतिक और कानूनी सवाल खड़े कर सकता है।

ममदानी के मौजूदा बयान को उनके पुराने चुनावी वादे से जोड़कर भी देखा जा रहा है। मेयर पद की दौड़ के दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून को समान रूप से लागू करने की बात कही थी। उनका कहना था कि न्यूयॉर्क ऐसा शहर होना चाहिए जहां अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाए। उस समय उन्होंने नेतन्याहू को लेकर काफी स्पष्ट रुख अपनाया था। हालांकि तभी विशेषज्ञों ने कहा था कि ICC वारंट को लागू करना किसी अमेरिकी शहर के मेयर के लिए व्यावहारिक रूप से बेहद मुश्किल हो सकता है और इससे संघीय सरकार के साथ सीधा टकराव पैदा होने की आशंका रहेगी। अमेरिका और इजराइल दोनों ICC के सदस्य नहीं हैं। अमेरिकी प्रशासन पहले भी नेतन्याहू के खिलाफ जारी ICC वारंट का विरोध कर चुका है। इसी वजह से अब मेयर कार्यालय के सामने राजनीतिक बयान और वास्तविक कानूनी अधिकार के बीच संतुलन बनाने की चुनौती दिखाई दे रही है।

नेतन्याहू पहले भी न्यूयॉर्क में संभावित गिरफ्तारी की चर्चाओं को ज्यादा महत्व नहीं देने की बात कह चुके हैं। 2025 में जब ममदानी की ओर से गिरफ्तारी की बात उठी थी, तब नेतन्याहू ने संकेत दिया था कि इससे उनकी न्यूयॉर्क यात्रा की योजना प्रभावित नहीं होगी। उस समय यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में भी चर्चा का विषय बना था। अब ममदानी मेयर पद संभाल चुके हैं, इसलिए यही सवाल केवल चुनावी बयान तक सीमित नहीं रहा। यदि नेतन्याहू भविष्य में न्यूयॉर्क आने की घोषणा करते हैं तो शहर प्रशासन, अमेरिकी विदेश विभाग, संघीय सुरक्षा एजेंसियों और कानूनी अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर रहेगी। खासतौर पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान किसी संभावित यात्रा की स्थिति में यह विवाद फिर तेज हो सकता है।

ममदानी इजराइल की गाजा नीति के मुखर आलोचक रहे हैं और फिलिस्तीनी नागरिक अधिकारों के समर्थन में लगातार बयान देते रहे हैं। उनके राजनीतिक रुख को लेकर न्यूयॉर्क में पहले भी तीखी बहस होती रही है। शहर में यहूदी और मुस्लिम दोनों समुदायों की बड़ी आबादी रहती है, इसलिए इजराइल-गाजा युद्ध से जुड़े मुद्दे स्थानीय राजनीति में भी संवेदनशील बने हुए हैं। ममदानी ने अपने राजनीतिक बयानों में एक तरफ इजराइली सरकार की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है, वहीं दूसरी तरफ न्यूयॉर्क के सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी की बात भी कही है। उनके सामने अब चुनौती यह है कि अंतरराष्ट्रीय कानून को लेकर व्यक्त राजनीतिक रुख को अमेरिकी और न्यूयॉर्क के मौजूदा कानूनों की सीमाओं के भीतर कैसे देखा जाए। AP की पूर्व प्रोफाइलिंग में भी ममदानी को फिलिस्तीनी नागरिक अधिकारों का मुखर समर्थक और इजराइली सरकार की नीतियों का आलोचक बताया गया था।

ICC वारंट को लेकर विवाद केवल नेतन्याहू तक सीमित नहीं है। यह सवाल भी उठता है कि अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश और अमेरिका की घरेलू कानूनी व्यवस्था के बीच संबंध क्या है। ICC के पास अपनी कोई पुलिस फोर्स नहीं होती और गिरफ्तारी के लिए वह सदस्य देशों के सहयोग पर निर्भर करता है। अमेरिका Rome Statute का पक्षकार नहीं होने के कारण सामान्य तौर पर ICC वारंट लागू करने के लिए बाध्य नहीं है। इसी वजह से न्यूयॉर्क पुलिस द्वारा सीधे गिरफ्तारी की संभावना कानूनी रूप से बेहद जटिल मानी जाती रही है। किसी भी कार्रवाई में संघीय कानून, विदेशी सरकार प्रमुख की संभावित प्रतिरक्षा और अमेरिकी विदेश नीति से जुड़े नियम सामने आ सकते हैं। ममदानी ने इसी कानूनी उलझन के बीच संकेत दिया है कि कोई कदम उठाने से पहले उनकी टीम यह सुनिश्चित करना चाहती है कि फैसला कानून के दायरे में हो।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/netanyahu-arrest-will-netanyahu-be-arrested-if-he-comes-to/article-59120

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