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MP Cabinet Meeting: जगदीशपुर में आज जुटेगी मोहन कैबिनेट, मानसून सत्र से पहले अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा
भोपाल,(म.प्र.)
20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र, CM मोहन यादव ने कैबिनेट एजेंडे और तैयारियों की समीक्षा की
मध्य प्रदेश की राजनीति और सरकार के फैसलों के लिहाज से रविवार, 19 जुलाई का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल जिले के ऐतिहासिक ग्राम जगदीशपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले होने जा रही इस बैठक में सरकार के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और विधायी विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने समत्व भवन स्थित मुख्यमंत्री निवास में वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर कैबिनेट बैठक के एजेंडे के साथ मानसून सत्र की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।
जगदीशपुर में होगी मंत्रि-परिषद की अहम बैठक
राजधानी भोपाल के नजदीक स्थित ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के ग्राम जगदीशपुर को इस बार मंत्रि-परिषद की बैठक के लिए चुना गया है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यहां कैबिनेट के सदस्य जुटेंगे। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों को मंत्रि-परिषद के सामने रखा जाएगा। इनमें से कुछ प्रस्ताव आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विधायी प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
सरकार का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थान पर कैबिनेट बैठक आयोजित करना भी खास माना जा रहा है। इससे पहले भी प्रदेश सरकार अलग-अलग महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक स्थानों पर बैठकें आयोजित कर क्षेत्र की विरासत और पहचान को प्रमुखता देती रही है। जगदीशपुर में बैठक के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की गई हैं।
कैबिनेट में आने वाले प्रस्तावों की CM ने ली जानकारी
शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद के सामने अनुमोदन के लिए रखे जाने वाले प्रस्तावों की विभागवार जानकारी ली। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति, उनसे जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं तथा आगे की प्रक्रिया के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कैबिनेट के सामने रखे जाने वाले प्रस्तावों की तैयारी पूरी होनी चाहिए और आवश्यक दस्तावेजों में किसी तरह की कमी नहीं रहे। जिन प्रस्तावों को विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जाना है, उनसे जुड़े सभी पहलुओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश देकर समय पर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
20 जुलाई से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र से ठीक पहले होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि सरकार को सदन में कई मुद्दों और विधायी प्रस्तावों पर अपनी रणनीति के साथ उतरना होगा।
मानसून सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों, विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, किसानों, रोजगार, नगरीय और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर सकता है। ऐसे में सरकार प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।
विधेयकों की तैयारियों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले संभावित विधेयकों और प्रस्तावों की स्थिति की भी जानकारी ली। संसदीय कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ सदन में सरकारी कामकाज को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को विभागीय जानकारी और जरूरी रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश दिए, ताकि विधानसभा में उठने वाले सवालों और विषयों पर तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध कराया जा सके। मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित प्रश्न, ध्यानाकर्षण और अन्य संसदीय कार्य सामने आ सकते हैं। इसी को देखते हुए विभागों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
समत्व भवन में जुटे वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी
मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, उच्च शिक्षा एवं संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, सामान्य प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी भी बैठक में उपस्थित रहे।
इसके अलावा औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह समेत सचिव, अपर सचिव और उप सचिव स्तर के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में कैबिनेट एजेंडे और विधानसभा सत्र से जुड़े प्रशासनिक विषयों पर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
जगदीशपुर के पुरातात्विक महत्व पर भी नजर
भोपाल जिले का जगदीशपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व रखने वाला स्थान है। ऐसे स्थल पर मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित होने से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को भी प्रमुखता मिलेगी। बैठक को देखते हुए आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के मद्देनजर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया गया है। बैठक के दौरान सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा और जिन विषयों को मंजूरी मिलेगी, उन पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होगी।
मानसून सत्र से पहले सरकार की रणनीतिक तैयारी
कैबिनेट बैठक और उसके अगले दिन विधानसभा सत्र शुरू होने के कारण सरकार के लिए यह दो दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। सरकार की कोशिश है कि सदन में आने वाले विषयों पर संबंधित विभाग पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहें। विभागीय अधिकारियों से लंबित जानकारी, विधायी प्रस्तावों और सदन से जुड़े जवाबों को समय पर तैयार रखने को कहा गया है।
विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी चर्चा देखने को मिल सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखने पर जोर दिया है। रविवार की मंत्रि-परिषद बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का असर भी आगामी विधानसभा कार्यवाही में दिखाई दे सकता है।
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MP Cabinet Meeting: जगदीशपुर में आज जुटेगी मोहन कैबिनेट, मानसून सत्र से पहले अहम प्रस्तावों पर होगी चर्चा
भोपाल,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश की राजनीति और सरकार के फैसलों के लिहाज से रविवार, 19 जुलाई का दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल जिले के ऐतिहासिक ग्राम जगदीशपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। विधानसभा के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले होने जा रही इस बैठक में सरकार के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और विधायी विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने समत्व भवन स्थित मुख्यमंत्री निवास में वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर कैबिनेट बैठक के एजेंडे के साथ मानसून सत्र की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।
जगदीशपुर में होगी मंत्रि-परिषद की अहम बैठक
राजधानी भोपाल के नजदीक स्थित ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के ग्राम जगदीशपुर को इस बार मंत्रि-परिषद की बैठक के लिए चुना गया है। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में यहां कैबिनेट के सदस्य जुटेंगे। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों को मंत्रि-परिषद के सामने रखा जाएगा। इनमें से कुछ प्रस्ताव आगामी विधानसभा सत्र के दौरान विधायी प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
सरकार का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थान पर कैबिनेट बैठक आयोजित करना भी खास माना जा रहा है। इससे पहले भी प्रदेश सरकार अलग-अलग महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक स्थानों पर बैठकें आयोजित कर क्षेत्र की विरासत और पहचान को प्रमुखता देती रही है। जगदीशपुर में बैठक के मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां की गई हैं।
कैबिनेट में आने वाले प्रस्तावों की CM ने ली जानकारी
शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद के सामने अनुमोदन के लिए रखे जाने वाले प्रस्तावों की विभागवार जानकारी ली। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावों की वर्तमान स्थिति, उनसे जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय पहलुओं तथा आगे की प्रक्रिया के बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कैबिनेट के सामने रखे जाने वाले प्रस्तावों की तैयारी पूरी होनी चाहिए और आवश्यक दस्तावेजों में किसी तरह की कमी नहीं रहे। जिन प्रस्तावों को विधानसभा में विधेयक के रूप में लाया जाना है, उनसे जुड़े सभी पहलुओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश देकर समय पर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया।
20 जुलाई से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र से ठीक पहले होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि सरकार को सदन में कई मुद्दों और विधायी प्रस्तावों पर अपनी रणनीति के साथ उतरना होगा।
मानसून सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े जनहित के मुद्दों, विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, किसानों, रोजगार, नगरीय और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर सकता है। ऐसे में सरकार प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।
विधेयकों की तैयारियों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले संभावित विधेयकों और प्रस्तावों की स्थिति की भी जानकारी ली। संसदीय कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ सदन में सरकारी कामकाज को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को विभागीय जानकारी और जरूरी रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश दिए, ताकि विधानसभा में उठने वाले सवालों और विषयों पर तथ्यात्मक जवाब उपलब्ध कराया जा सके। मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित प्रश्न, ध्यानाकर्षण और अन्य संसदीय कार्य सामने आ सकते हैं। इसी को देखते हुए विभागों की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
समत्व भवन में जुटे वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी
मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, उच्च शिक्षा एवं संसदीय कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, सामान्य प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला, नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी भी बैठक में उपस्थित रहे।
इसके अलावा औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव कौशलेंद्र विक्रम सिंह समेत सचिव, अपर सचिव और उप सचिव स्तर के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में कैबिनेट एजेंडे और विधानसभा सत्र से जुड़े प्रशासनिक विषयों पर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
जगदीशपुर के पुरातात्विक महत्व पर भी नजर
भोपाल जिले का जगदीशपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व रखने वाला स्थान है। ऐसे स्थल पर मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित होने से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को भी प्रमुखता मिलेगी। बैठक को देखते हुए आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्र में प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के मद्देनजर सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया गया है। बैठक के दौरान सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा और जिन विषयों को मंजूरी मिलेगी, उन पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होगी।
मानसून सत्र से पहले सरकार की रणनीतिक तैयारी
कैबिनेट बैठक और उसके अगले दिन विधानसभा सत्र शुरू होने के कारण सरकार के लिए यह दो दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। सरकार की कोशिश है कि सदन में आने वाले विषयों पर संबंधित विभाग पूरी तैयारी के साथ मौजूद रहें। विभागीय अधिकारियों से लंबित जानकारी, विधायी प्रस्तावों और सदन से जुड़े जवाबों को समय पर तैयार रखने को कहा गया है।
विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी चर्चा देखने को मिल सकती है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखने पर जोर दिया है। रविवार की मंत्रि-परिषद बैठक में लिए जाने वाले फैसलों का असर भी आगामी विधानसभा कार्यवाही में दिखाई दे सकता है।
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