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Datia By-Election: स्वागत के लिए आगे बढ़े कार्यकर्ताओं को नरोत्तम मिश्रा ने रोका, बोले- ‘दूल्हा पीछे आ रहा है, पहले उसे माला पहनाओ’
Digital Desk
दतिया उपचुनाव प्रचार में नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को दी प्राथमिकता, कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा में आया अंदाज
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का प्रचार तेज होने के साथ राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। भाजपा और कांग्रेस के नेता अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। इसी चुनावी माहौल के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक अलग अंदाज चर्चा में आ गया। चुनाव प्रचार के दौरान जब भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए फूल-माला लेकर आगे बढ़े, तो उन्होंने खुद माला पहनने के बजाय पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को पहले सम्मान देने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए प्रत्याशी की ओर इशारा किया और कहा कि “दूल्हा पीछे आ रहा है, माला उसे पहनाओ।”
यह घटनाक्रम शुक्रवार शाम दतिया शहर के वार्ड क्रमांक 6 और 7 में चुनाव प्रचार के दौरान सामने आया। भाजपा की ओर से इलाके में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा था। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। उनके पहुंचने की जानकारी मिलते ही स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक स्वागत के लिए जुट गए। फूल-मालाओं और तिलक के साथ उनके स्वागत की तैयारी की गई थी, लेकिन नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं का ध्यान अपने बजाय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी की तरफ कर दिया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा को माला पहनाने आगे आए, उन्होंने खुद को पीछे करते हुए पहले भाजपा प्रत्याशी का स्वागत करने को कहा। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में आशुतोष तिवारी को चुनाव का “दूल्हा” बताया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आशुतोष तिवारी को फूल-मालाएं पहनाईं और उनका स्वागत किया। इस दौरान मौजूद समर्थकों ने नरोत्तम मिश्रा की बात पर तालियां भी बजाईं। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जनसंपर्क अभियान आगे बढ़ा।
चुनावी कार्यक्रमों में आमतौर पर बड़े और वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने पर उनका स्वागत सबसे पहले किया जाता है। यही कारण है कि नरोत्तम मिश्रा का खुद स्वागत लेने से इनकार कर प्रत्याशी को आगे करने का यह अंदाज स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा समर्थक इसे चुनावी अभियान का फोकस प्रत्याशी पर बनाए रखने के संदेश के रूप में देख रहे हैं। हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने इस घटनाक्रम के राजनीतिक मायनों को लेकर अलग से कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है।
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक दतिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और इलाके में भाजपा के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती है। मध्य प्रदेश सरकार में गृह मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके मिश्रा का दतिया की स्थानीय राजनीति में प्रभाव रहा है। ऐसे में उपचुनाव के दौरान उनकी सक्रियता और भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में किए जा रहे जनसंपर्क को पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
वार्ड क्रमांक 6 और 7 में हुए प्रचार के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मतदाताओं से संपर्क किया और पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन मांगा। इस दौरान स्थानीय स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। प्रचार अभियान के बीच नरोत्तम मिश्रा का प्रत्याशी को आगे रखने वाला बयान तेजी से चर्चा में आया। समर्थकों के बीच उनकी “दूल्हा पीछे आ रहा है” वाली टिप्पणी भी चुनावी माहौल का हिस्सा बन गई।
इस घटनाक्रम के अलग-अलग राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। एक पक्ष इसे संगठनात्मक संदेश के तौर पर देख रहा है, जिसमें वरिष्ठ नेता खुद को केंद्र में रखने के बजाय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को प्राथमिकता देते नजर आए। चुनावी अभियान में अक्सर स्टार प्रचारकों और बड़े नेताओं की मौजूदगी उम्मीदवार से ज्यादा चर्चा बटोर लेती है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पहले प्रत्याशी का स्वागत करवाकर यह संकेत देने की कोशिश की कि चुनावी मैदान में पार्टी का चेहरा उम्मीदवार ही है।
दूसरी ओर, इसे नरोत्तम मिश्रा की परिचित राजनीतिक शैली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक मंचों पर अपने बयानों तथा संवाद के खास अंदाज के लिए जाने जाते रहे हैं। हालांकि उनके इस कदम के पीछे कोई विशेष राजनीतिक रणनीति थी या यह मौके पर कही गई सहज बात थी, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इसलिए इससे जुड़े राजनीतिक अर्थ फिलहाल अलग-अलग व्याख्याओं तक ही सीमित हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपने प्रचार अभियान को वार्ड और बूथ स्तर तक तेज कर दिया है। प्रत्याशी के समर्थन में वरिष्ठ नेताओं के दौरे, स्थानीय बैठकें, घर-घर संपर्क और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी की कोशिश स्थानीय संगठन को सक्रिय रखते हुए ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने की है। नरोत्तम मिश्रा भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पार्टी के लिए समर्थन जुटाने में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस भी चुनावी मुकाबले में अपनी रणनीति के साथ मैदान में है। दोनों प्रमुख दलों के नेताओं की सक्रियता बढ़ने के कारण दतिया में चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। स्थानीय मुद्दों के साथ उम्मीदवारों की छवि, राजनीतिक समीकरण और वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता चुनाव प्रचार के केंद्र में है। आने वाले दिनों में बड़े नेताओं की सभाओं, रोड शो और जनसंपर्क कार्यक्रमों के साथ चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है।
दतिया की राजनीति में नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को देखते हुए उनके प्रत्येक चुनावी कार्यक्रम पर भी राजनीतिक नजर बनी हुई है। भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करते समय उनका खुद स्वागत न लेकर आशुतोष तिवारी को आगे करना इसी वजह से चर्चा में आया। कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश भी गया कि चुनाव प्रचार के केंद्र में प्रत्याशी को रखा जाए और स्थानीय स्तर पर मतदाताओं के साथ सीधे संपर्क को प्राथमिकता दी जाए।
उपचुनाव के प्रचार में इस तरह के छोटे घटनाक्रम भी राजनीतिक संदेश का हिस्सा बन जाते हैं। वार्ड 6 और 7 में हुआ यह वाकया भी इसी कारण चर्चा में है। स्वागत के लिए लाई गई माला खुद पहनने के बजाय प्रत्याशी को पहनाने की बात कहकर नरोत्तम मिश्रा ने कुछ ही शब्दों में पूरा ध्यान आशुतोष तिवारी की ओर मोड़ दिया। अब भाजपा के चुनाव प्रचार में इस घटनाक्रम को प्रत्याशी के प्रति वरिष्ठ नेतृत्व के समर्थन और संगठनात्मक एकजुटता के तौर पर भी पेश किया जा रहा है।
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मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव का प्रचार तेज होने के साथ राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। भाजपा और कांग्रेस के नेता अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। इसी चुनावी माहौल के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का एक अलग अंदाज चर्चा में आ गया। चुनाव प्रचार के दौरान जब भाजपा कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए फूल-माला लेकर आगे बढ़े, तो उन्होंने खुद माला पहनने के बजाय पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को पहले सम्मान देने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए प्रत्याशी की ओर इशारा किया और कहा कि “दूल्हा पीछे आ रहा है, माला उसे पहनाओ।”
यह घटनाक्रम शुक्रवार शाम दतिया शहर के वार्ड क्रमांक 6 और 7 में चुनाव प्रचार के दौरान सामने आया। भाजपा की ओर से इलाके में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा था। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। उनके पहुंचने की जानकारी मिलते ही स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक स्वागत के लिए जुट गए। फूल-मालाओं और तिलक के साथ उनके स्वागत की तैयारी की गई थी, लेकिन नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं का ध्यान अपने बजाय चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी की तरफ कर दिया।
बताया जा रहा है कि जैसे ही कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा को माला पहनाने आगे आए, उन्होंने खुद को पीछे करते हुए पहले भाजपा प्रत्याशी का स्वागत करने को कहा। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में आशुतोष तिवारी को चुनाव का “दूल्हा” बताया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने आशुतोष तिवारी को फूल-मालाएं पहनाईं और उनका स्वागत किया। इस दौरान मौजूद समर्थकों ने नरोत्तम मिश्रा की बात पर तालियां भी बजाईं। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जनसंपर्क अभियान आगे बढ़ा।
चुनावी कार्यक्रमों में आमतौर पर बड़े और वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने पर उनका स्वागत सबसे पहले किया जाता है। यही कारण है कि नरोत्तम मिश्रा का खुद स्वागत लेने से इनकार कर प्रत्याशी को आगे करने का यह अंदाज स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। भाजपा समर्थक इसे चुनावी अभियान का फोकस प्रत्याशी पर बनाए रखने के संदेश के रूप में देख रहे हैं। हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने इस घटनाक्रम के राजनीतिक मायनों को लेकर अलग से कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है।
नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक दतिया विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और इलाके में भाजपा के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती है। मध्य प्रदेश सरकार में गृह मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके मिश्रा का दतिया की स्थानीय राजनीति में प्रभाव रहा है। ऐसे में उपचुनाव के दौरान उनकी सक्रियता और भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में किए जा रहे जनसंपर्क को पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
वार्ड क्रमांक 6 और 7 में हुए प्रचार के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मतदाताओं से संपर्क किया और पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन मांगा। इस दौरान स्थानीय स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। प्रचार अभियान के बीच नरोत्तम मिश्रा का प्रत्याशी को आगे रखने वाला बयान तेजी से चर्चा में आया। समर्थकों के बीच उनकी “दूल्हा पीछे आ रहा है” वाली टिप्पणी भी चुनावी माहौल का हिस्सा बन गई।
इस घटनाक्रम के अलग-अलग राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। एक पक्ष इसे संगठनात्मक संदेश के तौर पर देख रहा है, जिसमें वरिष्ठ नेता खुद को केंद्र में रखने के बजाय चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को प्राथमिकता देते नजर आए। चुनावी अभियान में अक्सर स्टार प्रचारकों और बड़े नेताओं की मौजूदगी उम्मीदवार से ज्यादा चर्चा बटोर लेती है। ऐसे में नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पहले प्रत्याशी का स्वागत करवाकर यह संकेत देने की कोशिश की कि चुनावी मैदान में पार्टी का चेहरा उम्मीदवार ही है।
दूसरी ओर, इसे नरोत्तम मिश्रा की परिचित राजनीतिक शैली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक मंचों पर अपने बयानों तथा संवाद के खास अंदाज के लिए जाने जाते रहे हैं। हालांकि उनके इस कदम के पीछे कोई विशेष राजनीतिक रणनीति थी या यह मौके पर कही गई सहज बात थी, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इसलिए इससे जुड़े राजनीतिक अर्थ फिलहाल अलग-अलग व्याख्याओं तक ही सीमित हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा ने अपने प्रचार अभियान को वार्ड और बूथ स्तर तक तेज कर दिया है। प्रत्याशी के समर्थन में वरिष्ठ नेताओं के दौरे, स्थानीय बैठकें, घर-घर संपर्क और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी की कोशिश स्थानीय संगठन को सक्रिय रखते हुए ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने की है। नरोत्तम मिश्रा भी विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पार्टी के लिए समर्थन जुटाने में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, कांग्रेस भी चुनावी मुकाबले में अपनी रणनीति के साथ मैदान में है। दोनों प्रमुख दलों के नेताओं की सक्रियता बढ़ने के कारण दतिया में चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। स्थानीय मुद्दों के साथ उम्मीदवारों की छवि, राजनीतिक समीकरण और वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता चुनाव प्रचार के केंद्र में है। आने वाले दिनों में बड़े नेताओं की सभाओं, रोड शो और जनसंपर्क कार्यक्रमों के साथ चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है।
दतिया की राजनीति में नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को देखते हुए उनके प्रत्येक चुनावी कार्यक्रम पर भी राजनीतिक नजर बनी हुई है। भाजपा प्रत्याशी के लिए प्रचार करते समय उनका खुद स्वागत न लेकर आशुतोष तिवारी को आगे करना इसी वजह से चर्चा में आया। कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश भी गया कि चुनाव प्रचार के केंद्र में प्रत्याशी को रखा जाए और स्थानीय स्तर पर मतदाताओं के साथ सीधे संपर्क को प्राथमिकता दी जाए।
उपचुनाव के प्रचार में इस तरह के छोटे घटनाक्रम भी राजनीतिक संदेश का हिस्सा बन जाते हैं। वार्ड 6 और 7 में हुआ यह वाकया भी इसी कारण चर्चा में है। स्वागत के लिए लाई गई माला खुद पहनने के बजाय प्रत्याशी को पहनाने की बात कहकर नरोत्तम मिश्रा ने कुछ ही शब्दों में पूरा ध्यान आशुतोष तिवारी की ओर मोड़ दिया। अब भाजपा के चुनाव प्रचार में इस घटनाक्रम को प्रत्याशी के प्रति वरिष्ठ नेतृत्व के समर्थन और संगठनात्मक एकजुटता के तौर पर भी पेश किया जा रहा है।
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