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मानसून में पिंपल्स और ऑयली स्किन से राहत, Niacinamide-Salicylic Acid बन सकते हैं परफेक्ट कॉम्बो
लाइफ स्टाइल
बारिश में बढ़ते ब्रेकआउट और एक्स्ट्रा सीबम को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं ये दोनों एक्टिव इंग्रीडिएंट्स, जानें सही स्किनकेयर रूटीन
मानसून आते ही गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलती है, लेकिन स्किन के लिए यह मौसम कई नई परेशानियां लेकर आ सकता है। हवा में नमी बढ़ने के कारण कुछ लोगों की त्वचा ज्यादा चिपचिपी और ऑयली महसूस होने लगती है। पसीना, सीबम, सनस्क्रीन और गंदगी मिलकर पोर्स को बंद कर सकते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और पिंपल्स की परेशानी बढ़ सकती है।
ऐसे में स्किनकेयर में Niacinamide और Salicylic Acid काफी लोकप्रिय एक्टिव इंग्रीडिएंट हैं। हालांकि दोनों का काम अलग है और हर व्यक्ति को दोनों की जरूरत हो, यह जरूरी नहीं।
Salicylic Acid कैसे करता है काम?
Salicylic Acid एक Beta Hydroxy Acid (BHA) है। यह ऑयल में घुलने वाला एक्सफोलिएंट है, इसलिए त्वचा की सतह के साथ पोर्स के अंदर जमा अतिरिक्त तेल और डेड स्किन को हटाने में मदद कर सकता है। इसी वजह से इसे खास तौर पर ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
मानसून में जिन लोगों को बार-बार बंद पोर्स, ब्लैकहेड्स या छोटे पिंपल्स होते हैं, उनके लिए Salicylic Acid वाला प्रोडक्ट उपयोगी हो सकता है। हालांकि ज्यादा मात्रा या बहुत अधिक बार लगाने से ड्राइनेस, जलन और त्वचा की संवेदनशीलता बढ़ सकती है।
Niacinamide क्यों है लोकप्रिय?
Niacinamide विटामिन B3 का एक रूप है। स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में इसका इस्तेमाल स्किन बैरियर को सपोर्ट करने, त्वचा की लालिमा और अतिरिक्त ऑयलीनेस को कम करने में मदद के लिए किया जाता है। यही वजह है कि ऑयली और कॉम्बिनेशन स्किन वाले लोगों के रूटीन में इसे अक्सर शामिल किया जाता है।
Niacinamide की अधिक मात्रा हमेशा बेहतर परिणाम दे, ऐसा जरूरी नहीं है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए कम कॉन्सन्ट्रेशन से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है।
दोनों को एक साथ कैसे इस्तेमाल करें?
अगर त्वचा दोनों एक्टिव्स को सहन करती है, तो इन्हें एक ही रूटीन में इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, रात में चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ करने के बाद Salicylic Acid लगाया जा सकता है और उसके बाद Niacinamide तथा मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है।
नई शुरुआत करने वाले लोग दोनों एक्टिव एक साथ शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे इन्हें रूटीन में शामिल कर सकते हैं। Salicylic Acid को सप्ताह में कुछ बार इस्तेमाल करके त्वचा की प्रतिक्रिया देखी जा सकती है, जबकि Niacinamide को प्रोडक्ट के निर्देश और त्वचा की सहनशीलता के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुबह के रूटीन में जेंटल क्लींजर, Niacinamide, हल्का मॉइस्चराइजर और ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन रखा जा सकता है। त्वचा को बहुत अधिक धोना या बार-बार स्क्रब करना अतिरिक्त ऑयल की समस्या का सही समाधान नहीं है और इससे स्किन बैरियर प्रभावित हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
एक साथ कई एक्सफोलिएटिंग एसिड या दूसरे स्ट्रॉन्ग एक्टिव्स जोड़ने से इरिटेशन का खतरा बढ़ सकता है। किसी नए प्रोडक्ट को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना भी बेहतर रहता है। जलन, खुजली, अत्यधिक लालिमा या त्वचा छिलने जैसी समस्या होने पर प्रोडक्ट का इस्तेमाल रोकना चाहिए।
अगर मुंहासे लगातार बढ़ रहे हों, दर्दनाक या गहरे सिस्टिक एक्ने हों अथवा दाग तेजी से बन रहे हों, तो केवल कॉस्मेटिक सीरम पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा उचित है।
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मानसून में पिंपल्स और ऑयली स्किन से राहत, Niacinamide-Salicylic Acid बन सकते हैं परफेक्ट कॉम्बो
लाइफ स्टाइल
मानसून आते ही गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलती है, लेकिन स्किन के लिए यह मौसम कई नई परेशानियां लेकर आ सकता है। हवा में नमी बढ़ने के कारण कुछ लोगों की त्वचा ज्यादा चिपचिपी और ऑयली महसूस होने लगती है। पसीना, सीबम, सनस्क्रीन और गंदगी मिलकर पोर्स को बंद कर सकते हैं, जिससे ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स और पिंपल्स की परेशानी बढ़ सकती है।
ऐसे में स्किनकेयर में Niacinamide और Salicylic Acid काफी लोकप्रिय एक्टिव इंग्रीडिएंट हैं। हालांकि दोनों का काम अलग है और हर व्यक्ति को दोनों की जरूरत हो, यह जरूरी नहीं।
Salicylic Acid कैसे करता है काम?
Salicylic Acid एक Beta Hydroxy Acid (BHA) है। यह ऑयल में घुलने वाला एक्सफोलिएंट है, इसलिए त्वचा की सतह के साथ पोर्स के अंदर जमा अतिरिक्त तेल और डेड स्किन को हटाने में मदद कर सकता है। इसी वजह से इसे खास तौर पर ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
मानसून में जिन लोगों को बार-बार बंद पोर्स, ब्लैकहेड्स या छोटे पिंपल्स होते हैं, उनके लिए Salicylic Acid वाला प्रोडक्ट उपयोगी हो सकता है। हालांकि ज्यादा मात्रा या बहुत अधिक बार लगाने से ड्राइनेस, जलन और त्वचा की संवेदनशीलता बढ़ सकती है।
Niacinamide क्यों है लोकप्रिय?
Niacinamide विटामिन B3 का एक रूप है। स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में इसका इस्तेमाल स्किन बैरियर को सपोर्ट करने, त्वचा की लालिमा और अतिरिक्त ऑयलीनेस को कम करने में मदद के लिए किया जाता है। यही वजह है कि ऑयली और कॉम्बिनेशन स्किन वाले लोगों के रूटीन में इसे अक्सर शामिल किया जाता है।
Niacinamide की अधिक मात्रा हमेशा बेहतर परिणाम दे, ऐसा जरूरी नहीं है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए कम कॉन्सन्ट्रेशन से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है।
दोनों को एक साथ कैसे इस्तेमाल करें?
अगर त्वचा दोनों एक्टिव्स को सहन करती है, तो इन्हें एक ही रूटीन में इस्तेमाल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, रात में चेहरे को हल्के क्लींजर से साफ करने के बाद Salicylic Acid लगाया जा सकता है और उसके बाद Niacinamide तथा मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है।
नई शुरुआत करने वाले लोग दोनों एक्टिव एक साथ शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे इन्हें रूटीन में शामिल कर सकते हैं। Salicylic Acid को सप्ताह में कुछ बार इस्तेमाल करके त्वचा की प्रतिक्रिया देखी जा सकती है, जबकि Niacinamide को प्रोडक्ट के निर्देश और त्वचा की सहनशीलता के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।
सुबह के रूटीन में जेंटल क्लींजर, Niacinamide, हल्का मॉइस्चराइजर और ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन रखा जा सकता है। त्वचा को बहुत अधिक धोना या बार-बार स्क्रब करना अतिरिक्त ऑयल की समस्या का सही समाधान नहीं है और इससे स्किन बैरियर प्रभावित हो सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
एक साथ कई एक्सफोलिएटिंग एसिड या दूसरे स्ट्रॉन्ग एक्टिव्स जोड़ने से इरिटेशन का खतरा बढ़ सकता है। किसी नए प्रोडक्ट को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना भी बेहतर रहता है। जलन, खुजली, अत्यधिक लालिमा या त्वचा छिलने जैसी समस्या होने पर प्रोडक्ट का इस्तेमाल रोकना चाहिए।
अगर मुंहासे लगातार बढ़ रहे हों, दर्दनाक या गहरे सिस्टिक एक्ने हों अथवा दाग तेजी से बन रहे हों, तो केवल कॉस्मेटिक सीरम पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा उचित है।
