स्पेन के सेउटा में 24 घंटे में करीब 49 हजार प्रवासी पहुंचे, सीमा पर सेना-पुलिस की तैनाती बढ़ी

Digital Desk

On

मोरक्को से जमीन और समुद्री रास्ते के जरिए बड़ी संख्या में लोगों ने किया प्रवेश; कम से कम 18 लोगों की मौत, अचानक बढ़ी भीड़ से यूरोप में सीमा सुरक्षा और माइग्रेशन नीति पर बहस तेज

स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में अचानक बढ़े प्रवासियों के प्रवेश ने गंभीर मानवीय और सुरक्षा संकट खड़ा कर दिया है। स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, महज 24 घंटे के दौरान मोरक्को से करीब 49 हजार लोग सेउटा में दाखिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद स्पेन और मोरक्को ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

सेउटा स्पेन का हिस्सा है, लेकिन भौगोलिक रूप से उत्तरी अफ्रीका में स्थित है और इसकी सीमा मोरक्को से लगती है। यही वजह है कि यह अफ्रीका से यूरोपीय संघ के क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के प्रमुख रास्तों में गिना जाता है।

जमीन के साथ समुद्र से भी पहुंचे लोग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की, जबकि कई प्रवासी तैरकर समुद्री रास्ते से सेउटा पहुंचे। सीमा पर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण स्थानीय सुरक्षा और रिसेप्शन व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा। स्पेन के अधिकारियों ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।

घटना से पहले भी सेउटा में प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। स्पेन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में सेउटा में जमीन के रास्ते अनियमित प्रवेश पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ा था। जुलाई के आखिरी सप्ताह में स्थानीय प्रशासन ने बड़ी संख्या में लोगों के तैरकर पहुंचने के कारण हालात को गंभीर बताया था।

कम से कम 18 लोगों की मौत

बड़े पैमाने पर सीमा पार करने की कोशिश के दौरान जानमाल का नुकसान भी हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। समुद्र के रास्ते पहुंचने की कोशिश और सीमा क्षेत्र में पैदा हुई अफरा-तफरी ने हालात को और गंभीर बना दिया।

प्रवासी समूहों में वयस्कों के साथ नाबालिग भी शामिल हैं। इस संकट से पहले ही सेउटा में नाबालिग प्रवासियों के लिए उपलब्ध व्यवस्था दबाव में थी। 28 जुलाई तक शहर की देखरेख में 472 अकेले आए विदेशी नाबालिग थे और स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव की बात कही थी।

स्पेन-मोरक्को ने सीमा पर बढ़ाई सख्ती

स्थिति बिगड़ने के बाद स्पेन और मोरक्को दोनों तरफ से सीमा सुरक्षा मजबूत की गई। स्पेन की ओर से पुलिस और अन्य सुरक्षा संसाधन बढ़ाए गए, जबकि मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमा की तरफ बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की। शुक्रवार तक सीमा पर अतिरिक्त बल तैनात होने के बाद नए प्रवेश की रफ्तार में कमी दिखाई दी।

सेउटा में पहले भी बड़े माइग्रेशन संकट सामने आ चुके हैं। मई 2021 में भी एक ही दिन में हजारों लोग मोरक्को से सेउटा पहुंचे थे। हालांकि इस बार सामने आया आंकड़ा पिछले बड़े माइग्रेशन दबाव की तुलना में कई गुना ज्यादा है।

इतनी बड़ी संख्या में लोग अचानक क्यों पहुंचे?

अब सबसे बड़ा सवाल इस अप्रत्याशित माइग्रेशन वेव की वजह को लेकर है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। स्पेन में कानूनी फैसलों और माइग्रेशन नियमों को लेकर फैली सूचनाओं को भी अचानक बढ़े प्रवाह के संभावित कारणों में देखा जा रहा है।

हालांकि प्रवासियों के इतनी बड़ी संख्या में एक साथ सीमा तक पहुंचने के पीछे सभी कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं। स्पेनिश प्रशासन का ध्यान फिलहाल सीमा नियंत्रण के साथ शहर में पहले से पहुंच चुके लोगों की पहचान, पंजीकरण और कानूनी प्रक्रिया पर है।

सेउटा की व्यवस्था पर भारी दबाव

करीब 49 हजार लोगों का 24 घंटे में पहुंचना सेउटा जैसे छोटे क्षेत्र के लिए असाधारण स्थिति है। हजारों लोगों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया की व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

स्पेन को यह भी तय करना होगा कि किन लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत देश में रहने की अनुमति मिल सकती है और किन मामलों में वापसी की प्रक्रिया लागू होगी। इतनी बड़ी संख्या में मामलों की जांच और प्रोसेसिंग में समय लग सकता है।

यूरोप में फिर गरमाया माइग्रेशन का मुद्दा

सेउटा की घटना के बाद यूरोपीय राजनीति में माइग्रेशन और बाहरी सीमाओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। यूरोपीय देशों में लंबे समय से इस बात पर मतभेद रहे हैं कि अनियमित प्रवास को रोकने, शरण मांगने वालों की प्रक्रिया और सदस्य देशों के बीच जिम्मेदारी बांटने की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए।

सेउटा यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा का हिस्सा होने के कारण यहां होने वाली बड़ी घटना का असर केवल स्पेन तक सीमित नहीं रहता। सीमा पर स्पेन और मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं, जबकि पहले ही सेउटा पहुंच चुके हजारों लोगों की पहचान और कानूनी स्थिति निर्धारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
31 Jul 2026 By Priyanka

स्पेन के सेउटा में 24 घंटे में करीब 49 हजार प्रवासी पहुंचे, सीमा पर सेना-पुलिस की तैनाती बढ़ी

Digital Desk

स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में अचानक बढ़े प्रवासियों के प्रवेश ने गंभीर मानवीय और सुरक्षा संकट खड़ा कर दिया है। स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, महज 24 घंटे के दौरान मोरक्को से करीब 49 हजार लोग सेउटा में दाखिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद स्पेन और मोरक्को ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

सेउटा स्पेन का हिस्सा है, लेकिन भौगोलिक रूप से उत्तरी अफ्रीका में स्थित है और इसकी सीमा मोरक्को से लगती है। यही वजह है कि यह अफ्रीका से यूरोपीय संघ के क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के प्रमुख रास्तों में गिना जाता है।

जमीन के साथ समुद्र से भी पहुंचे लोग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की, जबकि कई प्रवासी तैरकर समुद्री रास्ते से सेउटा पहुंचे। सीमा पर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण स्थानीय सुरक्षा और रिसेप्शन व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा। स्पेन के अधिकारियों ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।

घटना से पहले भी सेउटा में प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। स्पेन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में सेउटा में जमीन के रास्ते अनियमित प्रवेश पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ा था। जुलाई के आखिरी सप्ताह में स्थानीय प्रशासन ने बड़ी संख्या में लोगों के तैरकर पहुंचने के कारण हालात को गंभीर बताया था।

कम से कम 18 लोगों की मौत

बड़े पैमाने पर सीमा पार करने की कोशिश के दौरान जानमाल का नुकसान भी हुआ है। उपलब्ध रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 18 लोगों की मौत हुई है। समुद्र के रास्ते पहुंचने की कोशिश और सीमा क्षेत्र में पैदा हुई अफरा-तफरी ने हालात को और गंभीर बना दिया।

प्रवासी समूहों में वयस्कों के साथ नाबालिग भी शामिल हैं। इस संकट से पहले ही सेउटा में नाबालिग प्रवासियों के लिए उपलब्ध व्यवस्था दबाव में थी। 28 जुलाई तक शहर की देखरेख में 472 अकेले आए विदेशी नाबालिग थे और स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव की बात कही थी।

स्पेन-मोरक्को ने सीमा पर बढ़ाई सख्ती

स्थिति बिगड़ने के बाद स्पेन और मोरक्को दोनों तरफ से सीमा सुरक्षा मजबूत की गई। स्पेन की ओर से पुलिस और अन्य सुरक्षा संसाधन बढ़ाए गए, जबकि मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमा की तरफ बढ़ रही भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की। शुक्रवार तक सीमा पर अतिरिक्त बल तैनात होने के बाद नए प्रवेश की रफ्तार में कमी दिखाई दी।

सेउटा में पहले भी बड़े माइग्रेशन संकट सामने आ चुके हैं। मई 2021 में भी एक ही दिन में हजारों लोग मोरक्को से सेउटा पहुंचे थे। हालांकि इस बार सामने आया आंकड़ा पिछले बड़े माइग्रेशन दबाव की तुलना में कई गुना ज्यादा है।

इतनी बड़ी संख्या में लोग अचानक क्यों पहुंचे?

अब सबसे बड़ा सवाल इस अप्रत्याशित माइग्रेशन वेव की वजह को लेकर है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। स्पेन में कानूनी फैसलों और माइग्रेशन नियमों को लेकर फैली सूचनाओं को भी अचानक बढ़े प्रवाह के संभावित कारणों में देखा जा रहा है।

हालांकि प्रवासियों के इतनी बड़ी संख्या में एक साथ सीमा तक पहुंचने के पीछे सभी कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं। स्पेनिश प्रशासन का ध्यान फिलहाल सीमा नियंत्रण के साथ शहर में पहले से पहुंच चुके लोगों की पहचान, पंजीकरण और कानूनी प्रक्रिया पर है।

सेउटा की व्यवस्था पर भारी दबाव

करीब 49 हजार लोगों का 24 घंटे में पहुंचना सेउटा जैसे छोटे क्षेत्र के लिए असाधारण स्थिति है। हजारों लोगों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया की व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

स्पेन को यह भी तय करना होगा कि किन लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत देश में रहने की अनुमति मिल सकती है और किन मामलों में वापसी की प्रक्रिया लागू होगी। इतनी बड़ी संख्या में मामलों की जांच और प्रोसेसिंग में समय लग सकता है।

यूरोप में फिर गरमाया माइग्रेशन का मुद्दा

सेउटा की घटना के बाद यूरोपीय राजनीति में माइग्रेशन और बाहरी सीमाओं की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। यूरोपीय देशों में लंबे समय से इस बात पर मतभेद रहे हैं कि अनियमित प्रवास को रोकने, शरण मांगने वालों की प्रक्रिया और सदस्य देशों के बीच जिम्मेदारी बांटने की व्यवस्था कैसी होनी चाहिए।

सेउटा यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा का हिस्सा होने के कारण यहां होने वाली बड़ी घटना का असर केवल स्पेन तक सीमित नहीं रहता। सीमा पर स्पेन और मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं, जबकि पहले ही सेउटा पहुंच चुके हजारों लोगों की पहचान और कानूनी स्थिति निर्धारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/nearly-49-thousand-migrants-arrived-in-ceuta-spain-in-24/article-60333

खबरें और भी हैं

छिंदवाड़ा से शुरू होगा CM मोहन यादव का जन-विश्वास दौरा, शिकायतकर्ताओं से सीधे करेंगे बात

टाप न्यूज

छिंदवाड़ा से शुरू होगा CM मोहन यादव का जन-विश्वास दौरा, शिकायतकर्ताओं से सीधे करेंगे बात

7 अगस्त को जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री, CM हेल्पलाइन की चुनिंदा शिकायतों पर जानेंगे कार्रवाई की...
मध्य प्रदेश 
छिंदवाड़ा से शुरू होगा CM मोहन यादव का जन-विश्वास दौरा, शिकायतकर्ताओं से सीधे करेंगे बात

शिव मंदिर में सनग्लासेज पहनकर पूजा करने पर ट्रोल हुईं भूमि पेडनेकर, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

सावन में शिवलिंग पर जल अर्पित करने पहुंचीं अभिनेत्री ने पूजा के दौरान नहीं उतारा काला चश्मा, वीडियो सामने आने...
बालीवुड 
शिव मंदिर में सनग्लासेज पहनकर पूजा करने पर ट्रोल हुईं भूमि पेडनेकर, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

‘रामायण’ ट्रेलर की चर्चा के बीच सीता बनीं कंगना की पुरानी तस्वीर वायरल, पोस्ट में लिबरल्स पर कसा तंज

स्कूल के नाटक में माता सीता का किरदार निभा चुकी हैं कंगना रनोट; पुरानी तस्वीर में आशीर्वाद की मुद्रा में...
बालीवुड 
‘रामायण’ ट्रेलर की चर्चा के बीच सीता बनीं कंगना की पुरानी तस्वीर वायरल, पोस्ट में लिबरल्स पर कसा तंज

टीम इंडिया की ऑरेंज हॉकी जर्सी पर बढ़ा विवाद, खिलाड़ियों की सहमति के दावे पर उठे सवाल

वर्ल्ड कप से पहले बदला भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग; रिपोर्ट में खिलाड़ी ने कहा- हमसे नहीं मांगी...
स्पोर्ट्स 
टीम इंडिया की ऑरेंज हॉकी जर्सी पर बढ़ा विवाद, खिलाड़ियों की सहमति के दावे पर उठे सवाल

बिजनेस

त्वचा के अनुकूल मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग, डॉक्टरों ने सामग्री (Ingredients) पर ध्यान देने की दी सलाह त्वचा के अनुकूल मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग, डॉक्टरों ने सामग्री (Ingredients) पर ध्यान देने की दी सलाह
  महिलाओं की मासिक धर्म (पीरियड्स) से जुड़ी देखभाल अब केवल अधिक अवशोषण (Absorbency) और लीकेज से सुरक्षा तक सीमित
पीएम मोदी के कथित एडिटेड वीडियो मामले में कार्रवाई तेज, मेटा इंडिया हेड समेत कई पर FIR दर्ज
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सपाट शुरुआत, ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा
टेलीग्राम फाउंडर पर रूस का बड़ा एक्शन, अडाणी एंटरप्राइजेज को ₹1,160 करोड़ का घाटा; WhatsApp Web पर आया नया फीचर
शाहरुख खान का नया परफ्यूम बना लोगों का नया फेवरेट, Gen Z से मिल रहे हैं जबरदस्त रिव्यूज़... आखिर कौन सा है ये ब्रांड?
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.