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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सपाट शुरुआत, ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा
बिजनेस डेस्क
उपशीर्षक: सेंसेक्स 77,650 और निफ्टी 24,200 के आसपास कारोबार, बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में बिकवाली का दबाव; विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली पर निवेशकों की नजर
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 30 जुलाई की शुरुआत हल्की तेजी और गिरावट के बीच सपाट रुख के साथ की। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 77,650 के आसपास और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,200 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयर दबाव में रहे। निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक संकेतों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और कुछ सेक्टरों में खरीदारी के कारण बाजार को सहारा मिल रहा है, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों की कमजोरी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है।
आज के कारोबार की प्रमुख बातें
- सेंसेक्स 77,650 के आसपास सपाट कारोबार करता दिखा।
- निफ्टी 24,200 के स्तर पर सीमित दायरे में रहा।
- ऑटो और आईटी सेक्टर में निवेशकों ने खरीदारी दिखाई।
- बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।
ऑटो और IT सेक्टर ने संभाला बाजार
आज के शुरुआती कारोबार में ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। बेहतर बिक्री के आंकड़ों और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए निवेशकों ने इस सेक्टर में रुचि दिखाई। वहीं आईटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी रही। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक आईटी मांग में सुधार की उम्मीदों ने इस सेक्टर को मजबूती दी। यदि आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो आने वाले दिनों में इस सेक्टर में और तेजी देखने को मिल सकती है।
बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। कुछ बड़े बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही। रियल्टी सेक्टर में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। ब्याज दरों और आर्थिक संकेतकों को लेकर निवेशक फिलहाल सतर्क हैं, जिसका असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर दिखाई दे रहा है।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में आज मिश्रित कारोबार देखने को मिला।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
- जापान का निक्केई भी मजबूत स्थिति में रहा।
- हांगकांग का हैंगसेंग हल्की गिरावट में कारोबार करता नजर आया।
वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जिसके चलते निवेशक बड़ी खरीदारी से बचते दिखाई दिए।
अमेरिकी बाजारों में रही बड़ी गिरावट
बीते कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
- डाउ जोंस में 2 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी रही।
- नैस्डैक भी करीब 1.7 प्रतिशत गिरा।
- एसएंडपी 500 इंडेक्स में भी डेढ़ प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बनी हुई है। पिछले सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने लगभग ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर बाजार को सहारा दे रहे हैं। पिछले एक महीने में घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार में बड़ी गिरावट को रोकने में अहम भूमिका निभाई है।
मौजूदा समय में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए। कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक आर्थिक हालात, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अमेरिकी बाजारों का रुख आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि ऑटो और आईटी सेक्टर में खरीदारी बनी रहती है और बैंकिंग शेयरों में सुधार आता है, तो बाजार दोबारा तेजी की ओर बढ़ सकता है। वहीं वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहने पर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सपाट शुरुआत, ऑटो और IT शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा
बिजनेस डेस्क
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 30 जुलाई की शुरुआत हल्की तेजी और गिरावट के बीच सपाट रुख के साथ की। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 77,650 के आसपास और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,200 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयर दबाव में रहे। निवेशकों की नजर घरेलू और वैश्विक संकेतों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और कुछ सेक्टरों में खरीदारी के कारण बाजार को सहारा मिल रहा है, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों की कमजोरी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है।
आज के कारोबार की प्रमुख बातें
- सेंसेक्स 77,650 के आसपास सपाट कारोबार करता दिखा।
- निफ्टी 24,200 के स्तर पर सीमित दायरे में रहा।
- ऑटो और आईटी सेक्टर में निवेशकों ने खरीदारी दिखाई।
- बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा।
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली।
ऑटो और IT सेक्टर ने संभाला बाजार
आज के शुरुआती कारोबार में ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। बेहतर बिक्री के आंकड़ों और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए निवेशकों ने इस सेक्टर में रुचि दिखाई। वहीं आईटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी रही। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक आईटी मांग में सुधार की उम्मीदों ने इस सेक्टर को मजबूती दी। यदि आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो आने वाले दिनों में इस सेक्टर में और तेजी देखने को मिल सकती है।
बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर दबाव
दूसरी ओर बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। कुछ बड़े बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही। रियल्टी सेक्टर में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। ब्याज दरों और आर्थिक संकेतकों को लेकर निवेशक फिलहाल सतर्क हैं, जिसका असर बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर दिखाई दे रहा है।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों में आज मिश्रित कारोबार देखने को मिला।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
- जापान का निक्केई भी मजबूत स्थिति में रहा।
- हांगकांग का हैंगसेंग हल्की गिरावट में कारोबार करता नजर आया।
वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला, जिसके चलते निवेशक बड़ी खरीदारी से बचते दिखाई दिए।
अमेरिकी बाजारों में रही बड़ी गिरावट
बीते कारोबारी सत्र में अमेरिकी शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
- डाउ जोंस में 2 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी रही।
- नैस्डैक भी करीब 1.7 प्रतिशत गिरा।
- एसएंडपी 500 इंडेक्स में भी डेढ़ प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर एशियाई बाजारों के साथ भारतीय निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली बनी हुई है। पिछले सात कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने लगभग ₹9,400 करोड़ के शेयर बेचे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार खरीदारी कर बाजार को सहारा दे रहे हैं। पिछले एक महीने में घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार में बड़ी गिरावट को रोकने में अहम भूमिका निभाई है।
मौजूदा समय में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए। कंपनियों के तिमाही नतीजे, वैश्विक आर्थिक हालात, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अमेरिकी बाजारों का रुख आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि ऑटो और आईटी सेक्टर में खरीदारी बनी रहती है और बैंकिंग शेयरों में सुधार आता है, तो बाजार दोबारा तेजी की ओर बढ़ सकता है। वहीं वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहने पर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
