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टीम इंडिया की ऑरेंज हॉकी जर्सी पर बढ़ा विवाद, खिलाड़ियों की सहमति के दावे पर उठे सवाल
स्पोर्ट्स डेस्क
वर्ल्ड कप से पहले बदला भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग; रिपोर्ट में खिलाड़ी ने कहा- हमसे नहीं मांगी गई राय, पूर्व खिलाड़ियों ने भी जताई नाराजगी
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर शुरू हुई बहस अब खिलाड़ियों से सलाह लेने के मुद्दे तक पहुंच गई है। हॉकी इंडिया ने आगामी वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह नारंगी रंग की नई किट पेश की है। 27 जुलाई को इसके लॉन्च के बाद से ही हॉकी जगत के कई पूर्व खिलाड़ियों ने इस बदलाव पर सवाल खड़े किए हैं।
विवाद के बीच हॉकी इंडिया ने कहा था कि नई जर्सी का चयन अचानक नहीं किया गया। संगठन के मुताबिक, रंग और डिजाइन में बदलाव से पहले खिलाड़ियों तथा सपोर्ट स्टाफ के साथ चर्चा की गई थी। अब एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आए दावों ने इस बयान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खिलाड़ी ने कहा- जर्सी पर नहीं ली गई राय
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम के एक खिलाड़ी ने दावा किया है कि जर्सी का रंग बदलने से पहले उनसे कोई सुझाव नहीं लिया गया था। खिलाड़ी के अनुसार, न तो उनकी पसंद पूछी गई और न ही इस बदलाव को लेकर उनसे किसी तरह की चर्चा हुई।
यह दावा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हॉकी इंडिया की तरफ से कहा गया था कि नई किट को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से मिले फीडबैक के बाद अंतिम रूप दिया गया।
कार्यकारी समिति के सदस्य ने भी जताई अनभिज्ञता
रिपोर्ट में हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति से जुड़े एक सदस्य का पक्ष भी सामने आया है। सदस्य का दावा है कि उन्हें भी जर्सी का रंग बदलने के फैसले की जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, वे ऐसी किसी आधिकारिक बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसमें भारतीय टीम की नीली जर्सी को बदलकर नारंगी करने पर चर्चा की गई हो।
इन दावों के सामने आने के बाद अब सवाल यह है कि नई जर्सी पर चर्चा किस स्तर पर हुई और किन खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ सदस्यों की राय इसमें शामिल की गई थी।
27 जुलाई को सामने आई थी नई किट
हॉकी इंडिया ने 27 जुलाई को पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमों के लिए नई जर्सी पेश की थी। सबसे बड़ा बदलाव इसके रंग को लेकर था। लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम की पहचान रहे नीले रंग के स्थान पर इस बार नारंगी रंग को प्रमुखता दी गई है।
अगले महीने होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप से पहले टीम इसी नई किट के साथ मैदान पर दिखाई देगी। बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले किए गए बदलाव के कारण नई जर्सी तेजी से चर्चा का विषय बन गई।
पूर्व खिलाड़ियों को भी पसंद नहीं आया बदलाव
भारतीय हॉकी से जुड़े कई पूर्व खिलाड़ियों और दिग्गजों ने नई जर्सी पर अपनी असहमति जाहिर की है। आपत्ति मुख्य रूप से उस नीले रंग को हटाए जाने को लेकर है, जो लंबे समय से भारतीय टीम की खेल पहचान से जुड़ा रहा है।
दिग्गजों का मानना है कि टीम की जर्सी केवल खिलाड़ियों की पोशाक नहीं होती, बल्कि उससे वर्षों की पहचान और खेल इतिहास भी जुड़ा रहता है। ऐसे में बड़े बदलाव से पहले व्यापक स्तर पर चर्चा किए जाने की जरूरत थी।
हॉकी इंडिया ने दिया था स्पष्टीकरण
जर्सी को लेकर विरोध सामने आने के बाद हॉकी इंडिया ने गुरुवार को अपना पक्ष रखा था। संगठन ने कहा कि नई किट से जुड़े फैसले में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को शामिल किया गया था। इसी स्पष्टीकरण के बाद खिलाड़ी और कार्यकारी समिति के सदस्य से जुड़े दावे सामने आए हैं।
अब मामला केवल नारंगी और नीले रंग की पसंद तक सीमित नहीं रह गया है। चर्चा इस बात पर भी केंद्रित हो गई है कि राष्ट्रीय टीम की किट में इतने बड़े बदलाव की प्रक्रिया क्या थी और निर्णय लेने में किन लोगों की भूमिका रही।
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के सामने अगले महीने होने वाला वर्ल्ड कप बड़ा लक्ष्य है। टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच नई किट को लेकर पैदा हुआ विवाद चर्चा में आ गया है। जर्सी लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के भीतर पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और खिलाड़ियों से सलाह नहीं लेने के दावों ने मामले को और तूल दे दिया है।
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टीम इंडिया की ऑरेंज हॉकी जर्सी पर बढ़ा विवाद, खिलाड़ियों की सहमति के दावे पर उठे सवाल
स्पोर्ट्स डेस्क
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर शुरू हुई बहस अब खिलाड़ियों से सलाह लेने के मुद्दे तक पहुंच गई है। हॉकी इंडिया ने आगामी वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह नारंगी रंग की नई किट पेश की है। 27 जुलाई को इसके लॉन्च के बाद से ही हॉकी जगत के कई पूर्व खिलाड़ियों ने इस बदलाव पर सवाल खड़े किए हैं।
विवाद के बीच हॉकी इंडिया ने कहा था कि नई जर्सी का चयन अचानक नहीं किया गया। संगठन के मुताबिक, रंग और डिजाइन में बदलाव से पहले खिलाड़ियों तथा सपोर्ट स्टाफ के साथ चर्चा की गई थी। अब एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आए दावों ने इस बयान पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खिलाड़ी ने कहा- जर्सी पर नहीं ली गई राय
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम के एक खिलाड़ी ने दावा किया है कि जर्सी का रंग बदलने से पहले उनसे कोई सुझाव नहीं लिया गया था। खिलाड़ी के अनुसार, न तो उनकी पसंद पूछी गई और न ही इस बदलाव को लेकर उनसे किसी तरह की चर्चा हुई।
यह दावा इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हॉकी इंडिया की तरफ से कहा गया था कि नई किट को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से मिले फीडबैक के बाद अंतिम रूप दिया गया।
कार्यकारी समिति के सदस्य ने भी जताई अनभिज्ञता
रिपोर्ट में हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति से जुड़े एक सदस्य का पक्ष भी सामने आया है। सदस्य का दावा है कि उन्हें भी जर्सी का रंग बदलने के फैसले की जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, वे ऐसी किसी आधिकारिक बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसमें भारतीय टीम की नीली जर्सी को बदलकर नारंगी करने पर चर्चा की गई हो।
इन दावों के सामने आने के बाद अब सवाल यह है कि नई जर्सी पर चर्चा किस स्तर पर हुई और किन खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ सदस्यों की राय इसमें शामिल की गई थी।
27 जुलाई को सामने आई थी नई किट
हॉकी इंडिया ने 27 जुलाई को पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमों के लिए नई जर्सी पेश की थी। सबसे बड़ा बदलाव इसके रंग को लेकर था। लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम की पहचान रहे नीले रंग के स्थान पर इस बार नारंगी रंग को प्रमुखता दी गई है।
अगले महीने होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप से पहले टीम इसी नई किट के साथ मैदान पर दिखाई देगी। बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले किए गए बदलाव के कारण नई जर्सी तेजी से चर्चा का विषय बन गई।
पूर्व खिलाड़ियों को भी पसंद नहीं आया बदलाव
भारतीय हॉकी से जुड़े कई पूर्व खिलाड़ियों और दिग्गजों ने नई जर्सी पर अपनी असहमति जाहिर की है। आपत्ति मुख्य रूप से उस नीले रंग को हटाए जाने को लेकर है, जो लंबे समय से भारतीय टीम की खेल पहचान से जुड़ा रहा है।
दिग्गजों का मानना है कि टीम की जर्सी केवल खिलाड़ियों की पोशाक नहीं होती, बल्कि उससे वर्षों की पहचान और खेल इतिहास भी जुड़ा रहता है। ऐसे में बड़े बदलाव से पहले व्यापक स्तर पर चर्चा किए जाने की जरूरत थी।
हॉकी इंडिया ने दिया था स्पष्टीकरण
जर्सी को लेकर विरोध सामने आने के बाद हॉकी इंडिया ने गुरुवार को अपना पक्ष रखा था। संगठन ने कहा कि नई किट से जुड़े फैसले में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को शामिल किया गया था। इसी स्पष्टीकरण के बाद खिलाड़ी और कार्यकारी समिति के सदस्य से जुड़े दावे सामने आए हैं।
अब मामला केवल नारंगी और नीले रंग की पसंद तक सीमित नहीं रह गया है। चर्चा इस बात पर भी केंद्रित हो गई है कि राष्ट्रीय टीम की किट में इतने बड़े बदलाव की प्रक्रिया क्या थी और निर्णय लेने में किन लोगों की भूमिका रही।
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के सामने अगले महीने होने वाला वर्ल्ड कप बड़ा लक्ष्य है। टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच नई किट को लेकर पैदा हुआ विवाद चर्चा में आ गया है। जर्सी लॉन्च होने के कुछ ही दिनों के भीतर पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और खिलाड़ियों से सलाह नहीं लेने के दावों ने मामले को और तूल दे दिया है।
