- Hindi News
- देश विदेश
- दिल्ली में पाक हाई कमीशन के बाहर हटे बैरिकेड, बढ़ी कूटनीतिक हलचल
दिल्ली में पाक हाई कमीशन के बाहर हटे बैरिकेड, बढ़ी कूटनीतिक हलचल
Sandeep Patel
दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर बैरिकेड हटाए गए। यह कदम इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर अवरोध हटाने के बाद आया।
नई दिल्ली में गुरुवार को पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर लगाए गए बाहरी बैरिकेड और अन्य सुरक्षा ढांचे हटा दिए गए। यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर इसी तरह के अवरोध हटाए जाने के कुछ दिन बाद हुई है।
शांतिपथ स्थित राजनयिक क्षेत्र में नागरिक कर्मचारियों और भारी मशीनरी की मदद से ट्रैफिक बोलार्ड, कंक्रीट ब्लॉक, कतार प्रबंधन के लिए लगाए गए अवरोध और अस्थायी बैरिकेड हटाए गए।
रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने इन ढांचों के स्वीकृत सीमा से बाहर होने और सार्वजनिक स्थान के इस्तेमाल को कार्रवाई का आधार बताया।
इस्लामाबाद से जुड़ा घटनाक्रम
दिल्ली की कार्रवाई से करीब तीन दिन पहले पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे सुरक्षा अवरोध हटाए गए थे।
इस्लामाबाद में पार्किंग पोल और अन्य बाहरी सुरक्षा ढांचे हटाए जाने के बाद भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी।
इसके बाद नई दिल्ली में हुई कार्रवाई को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक पारस्परिकता के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने इसे औपचारिक रूप से दोनों घटनाओं के बीच प्रत्यक्ष जवाबी कार्रवाई के रूप में परिभाषित नहीं किया है।
सार्वजनिक जगह का मुद्दा
नई दिल्ली में हटाए गए ढांचे पाकिस्तान उच्चायोग की निर्धारित सीमा के बाहर स्थित थे।
विशेष रूप से वीजा अनुभाग के आसपास कतार नियंत्रित करने के लिए लगाए गए कुछ अवरोध भी कार्रवाई की जद में आए।
अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर स्वीकृत सीमा से बाहर बने ऐसे ढांचों को हटाना प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा था।
इस कार्रवाई से उच्चायोग की इमारत या उसके भीतर की सुरक्षा व्यवस्था समाप्त नहीं हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था जारी
बाहरी बैरिकेड हटाने और राजनयिक मिशन की सुरक्षा वापस लेने के बीच अंतर है।
पाकिस्तान उच्चायोग की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं जारी हैं। इसी तरह, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर अवरोध हटाए जाने का अर्थ भी यह नहीं था कि भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा पूरी तरह समाप्त कर दी गई।
राजनयिक मिशनों की सुरक्षा मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है और स्थानीय प्रशासन सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए ढांचों को नियंत्रित कर सकता है।
रिश्तों में तनाव बरकरार
भारत और पाकिस्तान के संबंध लंबे समय से राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मतभेदों से प्रभावित रहे हैं।
ऐसे माहौल में दोनों देशों के राजनयिक परिसरों से जुड़े छोटे प्रशासनिक फैसले भी कूटनीतिक महत्व हासिल कर लेते हैं।
नई दिल्ली में पाकिस्तानी मिशन के बाहर बैरिकेड हटाने का समय इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे कुछ ही दिन पहले इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर इसी तरह की कार्रवाई हुई थी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे व्यापक राजनयिक संबंधों में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं माना जा सकता।
पहले भी हुए कदम
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौर में राजनयिक परिसरों के बाहर सुरक्षा या प्रशासनिक ढांचों को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं।
ऐसी कार्रवाइयों में सुरक्षा आवश्यकताओं, सार्वजनिक स्थान के इस्तेमाल और राजनयिक पारस्परिकता जैसे मुद्दे एक साथ जुड़े रहते हैं।
मौजूदा मामले में उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, नई दिल्ली में अधिकारियों ने पाकिस्तान उच्चायोग की निर्धारित सीमा के बाहर बने ढांचों को हटाया है। यह कदम इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर हुई समान कार्रवाई के बाद आया।
अब आगे क्या होगा?
अब नजर इस बात पर होगी कि पाकिस्तान नई दिल्ली की कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच इसी तरह के अन्य प्रशासनिक कदम सामने आते हैं।
फिलहाल दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिक मिशनों की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था में किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की है।
नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर बैरिकेड हटाने की कार्रवाई को प्रशासनिक फैसले के रूप में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन इसके समय ने इसे स्पष्ट कूटनीतिक महत्व दे दिया है। भारत-पाकिस्तान संबंधों में आगे किसी भी पारस्परिक कदम पर क्षेत्रीय और राजनयिक हलकों की नजर बनी रहेगी।
दिल्ली में पाक हाई कमीशन के बाहर हटे बैरिकेड, बढ़ी कूटनीतिक हलचल
Sandeep Patel
नई दिल्ली में गुरुवार को पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर लगाए गए बाहरी बैरिकेड और अन्य सुरक्षा ढांचे हटा दिए गए। यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर इसी तरह के अवरोध हटाए जाने के कुछ दिन बाद हुई है।
शांतिपथ स्थित राजनयिक क्षेत्र में नागरिक कर्मचारियों और भारी मशीनरी की मदद से ट्रैफिक बोलार्ड, कंक्रीट ब्लॉक, कतार प्रबंधन के लिए लगाए गए अवरोध और अस्थायी बैरिकेड हटाए गए।
रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने इन ढांचों के स्वीकृत सीमा से बाहर होने और सार्वजनिक स्थान के इस्तेमाल को कार्रवाई का आधार बताया।
इस्लामाबाद से जुड़ा घटनाक्रम
दिल्ली की कार्रवाई से करीब तीन दिन पहले पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे सुरक्षा अवरोध हटाए गए थे।
इस्लामाबाद में पार्किंग पोल और अन्य बाहरी सुरक्षा ढांचे हटाए जाने के बाद भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी।
इसके बाद नई दिल्ली में हुई कार्रवाई को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक पारस्परिकता के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार ने इसे औपचारिक रूप से दोनों घटनाओं के बीच प्रत्यक्ष जवाबी कार्रवाई के रूप में परिभाषित नहीं किया है।
सार्वजनिक जगह का मुद्दा
नई दिल्ली में हटाए गए ढांचे पाकिस्तान उच्चायोग की निर्धारित सीमा के बाहर स्थित थे।
विशेष रूप से वीजा अनुभाग के आसपास कतार नियंत्रित करने के लिए लगाए गए कुछ अवरोध भी कार्रवाई की जद में आए।
अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर स्वीकृत सीमा से बाहर बने ऐसे ढांचों को हटाना प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा था।
इस कार्रवाई से उच्चायोग की इमारत या उसके भीतर की सुरक्षा व्यवस्था समाप्त नहीं हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था जारी
बाहरी बैरिकेड हटाने और राजनयिक मिशन की सुरक्षा वापस लेने के बीच अंतर है।
पाकिस्तान उच्चायोग की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं जारी हैं। इसी तरह, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर अवरोध हटाए जाने का अर्थ भी यह नहीं था कि भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा पूरी तरह समाप्त कर दी गई।
राजनयिक मिशनों की सुरक्षा मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है और स्थानीय प्रशासन सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए ढांचों को नियंत्रित कर सकता है।
रिश्तों में तनाव बरकरार
भारत और पाकिस्तान के संबंध लंबे समय से राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी मतभेदों से प्रभावित रहे हैं।
ऐसे माहौल में दोनों देशों के राजनयिक परिसरों से जुड़े छोटे प्रशासनिक फैसले भी कूटनीतिक महत्व हासिल कर लेते हैं।
नई दिल्ली में पाकिस्तानी मिशन के बाहर बैरिकेड हटाने का समय इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे कुछ ही दिन पहले इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर इसी तरह की कार्रवाई हुई थी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे व्यापक राजनयिक संबंधों में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं माना जा सकता।
पहले भी हुए कदम
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौर में राजनयिक परिसरों के बाहर सुरक्षा या प्रशासनिक ढांचों को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं।
ऐसी कार्रवाइयों में सुरक्षा आवश्यकताओं, सार्वजनिक स्थान के इस्तेमाल और राजनयिक पारस्परिकता जैसे मुद्दे एक साथ जुड़े रहते हैं।
मौजूदा मामले में उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, नई दिल्ली में अधिकारियों ने पाकिस्तान उच्चायोग की निर्धारित सीमा के बाहर बने ढांचों को हटाया है। यह कदम इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर हुई समान कार्रवाई के बाद आया।
अब आगे क्या होगा?
अब नजर इस बात पर होगी कि पाकिस्तान नई दिल्ली की कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच इसी तरह के अन्य प्रशासनिक कदम सामने आते हैं।
फिलहाल दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिक मिशनों की व्यापक सुरक्षा व्यवस्था में किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की है।
नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर बैरिकेड हटाने की कार्रवाई को प्रशासनिक फैसले के रूप में प्रस्तुत किया गया है, लेकिन इसके समय ने इसे स्पष्ट कूटनीतिक महत्व दे दिया है। भारत-पाकिस्तान संबंधों में आगे किसी भी पारस्परिक कदम पर क्षेत्रीय और राजनयिक हलकों की नजर बनी रहेगी।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
