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370 रुपये की बिरयानी वाले बयान पर बढ़ा विवाद, मुंबई पुलिस भी कूदी मैदान में
Digital Desk
कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में की गई एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ी, मुंबई पुलिस ने ‘सहमति’ पर जागरूकता संदेश जारी कर विवाद को नया मोड़ दे दिया
कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक स्टैंड-अप शो से जुड़ा ‘370 रुपये की बिरयानी’ वाला विवाद अब सोशल मीडिया की बहस से निकलकर आधिकारिक संस्थाओं तक पहुंच गया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो क्लिप के बाद शुरू हुई चर्चा अब सहमति, महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक मंचों पर कही जाने वाली बातों की जिम्मेदारी जैसे बड़े मुद्दों तक पहुंच चुकी है।
विवाद की शुरुआत प्रणित मोरे के एक स्टैंड-अप शो के दौरान हुई। शो में ‘क्राउड वर्क’ सेगमेंट के दौरान दर्शकों में मौजूद वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा से बातचीत की गई थी। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने कथित तौर पर एक महिला के साथ बाहर जाने और उस पर 370 रुपये की बिरयानी खर्च करने का जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक और सहमति की अवधारणा के खिलाफ बताया।
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा किसी महिला पर पैसा खर्च करने का मतलब यह नहीं होता कि उसे बदले में किसी तरह की निजी या शारीरिक अपेक्षा रखने का अधिकार मिल जाता है। आलोचकों का कहना था कि यह सोच महिलाओं को एक स्वतंत्र व्यक्ति की बजाय लेन-देन का हिस्सा मानने जैसी मानसिकता को बढ़ावा देती है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मुंबई पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक जागरूकता पोस्ट साझा किया। पोस्ट में बड़े अक्षरों में ₹370 लिखा गया था, जिसमें शून्य की जगह बिरयानी की प्लेट दिखाई गई थी। इसके साथ लिखा गया था कि “₹370 में आपको बिरयानी की एक प्लेट मिलती है। हमारे लॉक-अप में ज्यादा समय बिताने पर मुफ्त खाना मिलता है।” पोस्ट के अंत में #BiryaniIsNotConsent हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था।
मुंबई पुलिस का यह संदेश सीधे तौर पर सहमति यानी ‘कंसेंट’ के महत्व को रेखांकित करने वाला माना गया। हालांकि पोस्ट में किसी व्यक्ति या घटना का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे सीधे इसी विवाद से जोड़कर देखा। कुछ यूजर्स ने पुलिस के इस रचनात्मक अंदाज की सराहना की और कहा कि गंभीर सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का यह प्रभावी तरीका है।
दूसरी ओर कुछ लोगों ने मुंबई पुलिस की आलोचना भी की। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था संभालने वाली संस्था को सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर इस तरह की प्रतिक्रियाओं से बचना चाहिए। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस को हर वायरल मुद्दे पर टिप्पणी करनी चाहिए। हालांकि इसके बावजूद पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया और यह तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर चल रही बहस के दौरान कई लोगों ने महिलाओं की सहमति और व्यक्तिगत अधिकारों को लेकर अपने विचार रखे। कुछ यूजर्स ने कहा कि किसी भी रिश्ते, दोस्ती, डेट या मुलाकात में सहमति सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसे किसी आर्थिक खर्च या उपहार से नहीं जोड़ा जा सकता। कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने भी इस विषय पर अपनी राय व्यक्त की।
विवाद बढ़ने के बाद कॉमेडियन प्रणित मोरे ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में स्वीकार किया कि उस समय उन्हें संबंधित टिप्पणी पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह से महिलाओं का अपमान करना नहीं था और यदि किसी को ठेस पहुंची है तो इसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं।
माफी के बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ। कई लोगों ने सवाल उठाया कि यदि टिप्पणी आपत्तिजनक थी तो उस क्लिप को सोशल मीडिया पर प्रमोट क्यों किया गया। कुछ इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया हस्तियों ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि सार्वजनिक मंचों पर कही गई बातों के प्रभाव को समझना जरूरी है। इसी बीच कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशु जांगड़ा को उनकी नौकरी से हटा दिया गया। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई है। वहीं विवाद बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डीएक्टिवेट कर दिया, जिससे मामले को लेकर और चर्चाएं शुरू हो गईं।
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370 रुपये की बिरयानी वाले बयान पर बढ़ा विवाद, मुंबई पुलिस भी कूदी मैदान में
Digital Desk
कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक स्टैंड-अप शो से जुड़ा ‘370 रुपये की बिरयानी’ वाला विवाद अब सोशल मीडिया की बहस से निकलकर आधिकारिक संस्थाओं तक पहुंच गया है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसने पूरे विवाद को नया मोड़ दे दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो क्लिप के बाद शुरू हुई चर्चा अब सहमति, महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक मंचों पर कही जाने वाली बातों की जिम्मेदारी जैसे बड़े मुद्दों तक पहुंच चुकी है।
विवाद की शुरुआत प्रणित मोरे के एक स्टैंड-अप शो के दौरान हुई। शो में ‘क्राउड वर्क’ सेगमेंट के दौरान दर्शकों में मौजूद वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा से बातचीत की गई थी। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने कथित तौर पर एक महिला के साथ बाहर जाने और उस पर 370 रुपये की बिरयानी खर्च करने का जिक्र किया। इसके बाद उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने महिलाओं के प्रति अपमानजनक और सहमति की अवधारणा के खिलाफ बताया।
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा किसी महिला पर पैसा खर्च करने का मतलब यह नहीं होता कि उसे बदले में किसी तरह की निजी या शारीरिक अपेक्षा रखने का अधिकार मिल जाता है। आलोचकों का कहना था कि यह सोच महिलाओं को एक स्वतंत्र व्यक्ति की बजाय लेन-देन का हिस्सा मानने जैसी मानसिकता को बढ़ावा देती है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मुंबई पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक जागरूकता पोस्ट साझा किया। पोस्ट में बड़े अक्षरों में ₹370 लिखा गया था, जिसमें शून्य की जगह बिरयानी की प्लेट दिखाई गई थी। इसके साथ लिखा गया था कि “₹370 में आपको बिरयानी की एक प्लेट मिलती है। हमारे लॉक-अप में ज्यादा समय बिताने पर मुफ्त खाना मिलता है।” पोस्ट के अंत में #BiryaniIsNotConsent हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था।
मुंबई पुलिस का यह संदेश सीधे तौर पर सहमति यानी ‘कंसेंट’ के महत्व को रेखांकित करने वाला माना गया। हालांकि पोस्ट में किसी व्यक्ति या घटना का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे सीधे इसी विवाद से जोड़कर देखा। कुछ यूजर्स ने पुलिस के इस रचनात्मक अंदाज की सराहना की और कहा कि गंभीर सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का यह प्रभावी तरीका है।
दूसरी ओर कुछ लोगों ने मुंबई पुलिस की आलोचना भी की। उनका कहना था कि कानून-व्यवस्था संभालने वाली संस्था को सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर इस तरह की प्रतिक्रियाओं से बचना चाहिए। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस को हर वायरल मुद्दे पर टिप्पणी करनी चाहिए। हालांकि इसके बावजूद पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने साझा किया और यह तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर चल रही बहस के दौरान कई लोगों ने महिलाओं की सहमति और व्यक्तिगत अधिकारों को लेकर अपने विचार रखे। कुछ यूजर्स ने कहा कि किसी भी रिश्ते, दोस्ती, डेट या मुलाकात में सहमति सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसे किसी आर्थिक खर्च या उपहार से नहीं जोड़ा जा सकता। कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने भी इस विषय पर अपनी राय व्यक्त की।
विवाद बढ़ने के बाद कॉमेडियन प्रणित मोरे ने भी सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में स्वीकार किया कि उस समय उन्हें संबंधित टिप्पणी पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह से महिलाओं का अपमान करना नहीं था और यदि किसी को ठेस पहुंची है तो इसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं।
माफी के बावजूद विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ। कई लोगों ने सवाल उठाया कि यदि टिप्पणी आपत्तिजनक थी तो उस क्लिप को सोशल मीडिया पर प्रमोट क्यों किया गया। कुछ इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया हस्तियों ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि सार्वजनिक मंचों पर कही गई बातों के प्रभाव को समझना जरूरी है। इसी बीच कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशु जांगड़ा को उनकी नौकरी से हटा दिया गया। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई विस्तृत पुष्टि सामने नहीं आई है। वहीं विवाद बढ़ने के बाद प्रणित मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डीएक्टिवेट कर दिया, जिससे मामले को लेकर और चर्चाएं शुरू हो गईं।
