सुमित अंतिल ने फिर रचा इतिहास, अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा

स्पोर्ट्स डेस्क

On

बेंगलुरु में 74.82 मीटर दूर भाला फेंककर पैरा जैवलिन स्टार ने बनाया नया विश्व रिकॉर्ड, दो बार पैरालंपिक गोल्ड जीत चुके सुमित ने फिर बढ़ाया भारत का गौरव

भारतीय पैरा एथलेटिक्स के स्टार खिलाड़ी सुमित अंतिल ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत और प्रतिभा का एहसास कराया है। बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में 74.82 मीटर दूर भाला फेंककर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। यह उपलब्धि उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में हासिल की और इसके साथ ही भारतीय पैरा खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया।

स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने जैसे ही भाला 74 मीटर के पार जाते देखा, तालियों और उत्साह से पूरा माहौल गूंज उठा। सुमित के चेहरे पर भी संतोष साफ दिखाई दे रहा था। लंबे समय से वह अपने रिकॉर्ड को और बेहतर करने की कोशिश कर रहे थे। आखिरकार बेंगलुरु में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने दुनिया के सामने फिर साबित कर दिया कि वह पैरा जैवलिन में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे हैं।

इससे पहले सुमित ने 2023 में चीन के हांगझोउ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। अब उन्होंने अपने ही उस प्रदर्शन को 1.53 मीटर बेहतर कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ने की उनकी क्षमता उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक पैरा जैवलिन खिलाड़ियों में शामिल करती है।

रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा कि वह लंबे समय से सोच रहे थे कि आखिर नया विश्व रिकॉर्ड क्यों नहीं बन पा रहा। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में उनका लक्ष्य सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। सुमित ने कहा, “मुझे खुशी है कि मैंने अपने पुराने रिकॉर्ड को बेहतर किया। उम्मीद है कि आने वाले पैरा एशियन गेम्स में मैं इससे भी शानदार प्रदर्शन कर सकूंगा।”

हरियाणा के सोनीपत से आने वाले सुमित अंतिल की कहानी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल मानी जाती है। उन्होंने अपने करियर में अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है। पहली बार उन्होंने जून 2019 में इटली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 60.45 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया था।

इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो कर फिर नया रिकॉर्ड बनाया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 66.90 मीटर दूर भाला फेंका और दुनिया को चौंका दिया।

हालांकि सुमित को सबसे ज्यादा पहचान टोक्यो पैरालंपिक 2021 में मिली। उस प्रतियोगिता के फाइनल में उन्होंने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। पहले 66.95 मीटर, फिर 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो कर उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनका यह प्रदर्शन भारतीय पैरा खेल इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है।

इसके बाद भी उनका शानदार सफर नहीं रुका। जुलाई 2023 में पेरिस में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया और 70.83 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। उसी साल एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने 73.29 मीटर का थ्रो कर एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अब बेंगलुरु में 74.82 मीटर का नया रिकॉर्ड उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।

सुमित अंतिल की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और मजबूत मानसिकता का बड़ा योगदान माना जाता है। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त उनके आदर्श हैं। इसके अलावा भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। सुमित मानते हैं कि नीरज की उपलब्धियों ने देश में जैवलिन को नई पहचान दी और युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाया।

उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने भी उन्हें कई बड़े सम्मानों से नवाजा है। साल 2021 में उन्हें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार दिया गया, जबकि 2022 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सुमित भारत के सबसे बड़े पैरा स्पोर्ट्स आइकन बन सकते हैं।

पैरा जैवलिन स्पर्धा में F64 वर्ग के खिलाड़ी वे होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। ये खिलाड़ी कार्बन फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। उसी की मदद से वे दौड़ते हैं और फिर पूरी ताकत से भाला फेंकते हैं। इस खेल में संतुलन, गति और तकनीक बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में 74.82 मीटर का थ्रो करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।

भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए यह रिकॉर्ड बेहद खास माना जा रहा है। इससे आने वाले पैरा एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ेगा। सुमित अंतिल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई सीमा मायने नहीं रखती।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
28 May 2026 By Vaishnavi.J

सुमित अंतिल ने फिर रचा इतिहास, अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा

स्पोर्ट्स डेस्क

भारतीय पैरा एथलेटिक्स के स्टार खिलाड़ी सुमित अंतिल ने एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत और प्रतिभा का एहसास कराया है। बुधवार को बेंगलुरु में आयोजित 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में 74.82 मीटर दूर भाला फेंककर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। यह उपलब्धि उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में हासिल की और इसके साथ ही भारतीय पैरा खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया।

स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने जैसे ही भाला 74 मीटर के पार जाते देखा, तालियों और उत्साह से पूरा माहौल गूंज उठा। सुमित के चेहरे पर भी संतोष साफ दिखाई दे रहा था। लंबे समय से वह अपने रिकॉर्ड को और बेहतर करने की कोशिश कर रहे थे। आखिरकार बेंगलुरु में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने दुनिया के सामने फिर साबित कर दिया कि वह पैरा जैवलिन में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे हैं।

इससे पहले सुमित ने 2023 में चीन के हांगझोउ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। अब उन्होंने अपने ही उस प्रदर्शन को 1.53 मीटर बेहतर कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ने की उनकी क्षमता उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक पैरा जैवलिन खिलाड़ियों में शामिल करती है।

रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा कि वह लंबे समय से सोच रहे थे कि आखिर नया विश्व रिकॉर्ड क्यों नहीं बन पा रहा। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में उनका लक्ष्य सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। सुमित ने कहा, “मुझे खुशी है कि मैंने अपने पुराने रिकॉर्ड को बेहतर किया। उम्मीद है कि आने वाले पैरा एशियन गेम्स में मैं इससे भी शानदार प्रदर्शन कर सकूंगा।”

हरियाणा के सोनीपत से आने वाले सुमित अंतिल की कहानी संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल मानी जाती है। उन्होंने अपने करियर में अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा है। पहली बार उन्होंने जून 2019 में इटली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 60.45 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया था।

इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो कर फिर नया रिकॉर्ड बनाया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 66.90 मीटर दूर भाला फेंका और दुनिया को चौंका दिया।

हालांकि सुमित को सबसे ज्यादा पहचान टोक्यो पैरालंपिक 2021 में मिली। उस प्रतियोगिता के फाइनल में उन्होंने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। पहले 66.95 मीटर, फिर 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो कर उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उनका यह प्रदर्शन भारतीय पैरा खेल इतिहास के सबसे यादगार पलों में गिना जाता है।

इसके बाद भी उनका शानदार सफर नहीं रुका। जुलाई 2023 में पेरिस में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया और 70.83 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। उसी साल एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने 73.29 मीटर का थ्रो कर एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अब बेंगलुरु में 74.82 मीटर का नया रिकॉर्ड उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।

सुमित अंतिल की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और मजबूत मानसिकता का बड़ा योगदान माना जाता है। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त उनके आदर्श हैं। इसके अलावा भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। सुमित मानते हैं कि नीरज की उपलब्धियों ने देश में जैवलिन को नई पहचान दी और युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाया।

उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने भी उन्हें कई बड़े सम्मानों से नवाजा है। साल 2021 में उन्हें मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार दिया गया, जबकि 2022 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सुमित भारत के सबसे बड़े पैरा स्पोर्ट्स आइकन बन सकते हैं।

पैरा जैवलिन स्पर्धा में F64 वर्ग के खिलाड़ी वे होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। ये खिलाड़ी कार्बन फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। उसी की मदद से वे दौड़ते हैं और फिर पूरी ताकत से भाला फेंकते हैं। इस खेल में संतुलन, गति और तकनीक बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में 74.82 मीटर का थ्रो करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है।

भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए यह रिकॉर्ड बेहद खास माना जा रहा है। इससे आने वाले पैरा एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल और बढ़ेगा। सुमित अंतिल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई सीमा मायने नहीं रखती।

https://www.dainikjagranmpcg.com/sports/sumit-antil-again-created-history-and-broke-his-own-world/article-54419

खबरें और भी हैं

बकरीद पर देशभर में अमन और भाईचारे का संदेश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

टाप न्यूज

बकरीद पर देशभर में अमन और भाईचारे का संदेश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

ईदगाहों में अदा हुई नमाज, कई राज्यों में ड्रोन से निगरानी; नमाजियों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की...
देश विदेश 
बकरीद पर देशभर में अमन और भाईचारे का संदेश, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पटना में गंगा नदी में नाव हादसा, 15 लोगों से भरी नाव डूबी

बाढ़ क्षेत्र में बड़ा हादसा, तीन लोगों की मौत; चार अब भी लापता, SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
देश विदेश 
पटना में गंगा नदी में नाव हादसा, 15 लोगों से भरी नाव डूबी

होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रम्प की नई धमकी, ओमान और ईरान को चेतावनी

डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ओमान और ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री...
देश विदेश 
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रम्प की नई धमकी, ओमान और ईरान को चेतावनी

भारत को समझना है तो ट्रेन और बस से सफर करें: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारत की आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए कहा कि भारत को...
देश विदेश 
भारत को समझना है तो ट्रेन और बस से सफर करें: ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.