- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- वैभव सूर्यवंशी बोले- रिकॉर्ड नहीं, टीम की जीत थी सबसे बड़ी प्राथमिकता
वैभव सूर्यवंशी बोले- रिकॉर्ड नहीं, टीम की जीत थी सबसे बड़ी प्राथमिकता
स्पोर्ट्स
IPL एलिमिनेटर में 29 गेंदों पर 97 रन ठोकने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कहा- शतक से ज्यादा जरूरी टीम को फाइनल तक पहुंचाना है, क्रिस गेल का रिकॉर्ड आउट होने के बाद पता चला।
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने क्रिकेट जगत को रोमांचित कर दिया। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए इस अहम मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन बनाकर राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि वे महज तीन रन से आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनने से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने टीम की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
मुकाबले के बाद जब उनसे क्रिस गेल के रिकॉर्ड को लेकर सवाल पूछा गया तो वैभव ने बेहद सादगी और परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस रिकॉर्ड की जानकारी आउट होने के बाद मिली। मैदान पर उनका पूरा ध्यान सिर्फ टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर था। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धियां बाद में आती हैं, लेकिन टीम की जीत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
वैभव की इस पारी ने राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम में नया आत्मविश्वास भर दिया है। युवा बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और हैदराबाद के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। मैदान के चारों तरफ खेले गए उनके शॉट्स ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। खासकर पावरप्ले के दौरान उन्होंने जिस तरह तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स पर हमला बोला, उससे मैच का रुख पूरी तरह राजस्थान की ओर मुड़ गया।
क्रिस गेल ने आईपीएल में 30 गेंदों पर शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया था। वैभव जब 97 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब सभी की नजरें इस रिकॉर्ड पर टिक गई थीं। लेकिन 8वें ओवर में प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर थर्ड मैन की दिशा में खेला गया शॉट सीधे फील्डर के हाथों में चला गया और वे शतक से चूक गए।
इस बारे में वैभव ने कहा कि वे उस समय शतक के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे थे। उन्होंने फील्ड सेटिंग को देखकर शॉट खेलने की कोशिश की थी, लेकिन टाइमिंग सही नहीं बैठ पाई। वैभव ने बताया कि अगर गेंद सही तरीके से लगती तो वह आसानी से बाउंड्री पार चली जाती।
युवा बल्लेबाज ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को भी दिया। उन्होंने कहा कि मैच से पहले कोच ने उन्हें सिर्फ वही खेलने को कहा था, जो वे नेट्स में अभ्यास करते हैं। कोचिंग स्टाफ ने उन्हें दबाव से दूर रहकर खेल का आनंद लेने की सलाह दी थी। यही कारण रहा कि उन्होंने बिना किसी डर के खुलकर बल्लेबाजी की।
वैभव ने कहा कि जब टीम लगातार जीत हासिल करती है तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान रॉयल्स का पूरा फोकस अब अगले मुकाबले पर है और टीम फाइनल में पहुंचकर ट्रॉफी जीतना चाहती है।
उन्होंने यह भी माना कि राजस्थान इस मुकाबले में और बड़ा स्कोर बना सकती थी। वैभव के अनुसार, जिस तरह की बल्लेबाजी पिच थी, उस पर 260 से ज्यादा रन भी संभव थे। हालांकि उनकी पारी के दम पर टीम ने इतना बड़ा स्कोर बनाया कि हैदराबाद दबाव में आ गई।
वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी है। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। अब उनके नाम इस सीजन में 65 छक्के दर्ज हो चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें आईपीएल का नया सुपरस्टार बना दिया है।
मैच के बाद वैभव ने अपनी बल्लेबाजी की तैयारी को लेकर भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे हर मुकाबले से पहले गेंदबाजों, विकेट की प्रकृति और बाउंड्री के आकार का गहराई से अध्ययन करते हैं। इससे उन्हें मैदान पर तेजी से फैसले लेने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा पॉजिटिव क्रिकेट खेलना होता है। जब बल्लेबाज आत्मविश्वास के साथ खेलता है तो गेंदबाज खुद दबाव महसूस करने लगते हैं।
राजस्थान रॉयल्स के लिए यह जीत बेहद अहम मानी जा रही है। टीम अब क्वालिफायर-2 में पहुंचेगी, जहां उसकी नजरें फाइनल के टिकट पर होंगी। वैभव सूर्यवंशी की फॉर्म को देखते हुए राजस्थान के समर्थकों को उम्मीद है कि युवा बल्लेबाज आगे भी इसी अंदाज में खेलकर टीम को चैंपियन बना सकते हैं। कम उम्र में जिस तरह वैभव ने बड़े मंच पर खुद को साबित किया है, उसने भारतीय क्रिकेट को एक नया उभरता सितारा दे दिया है। इसी निरंतरता के साथ खेलते रहे तो आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के लिए भी महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकते हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
वैभव सूर्यवंशी बोले- रिकॉर्ड नहीं, टीम की जीत थी सबसे बड़ी प्राथमिकता
स्पोर्ट्स
आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी तूफानी बल्लेबाजी की, जिसने क्रिकेट जगत को रोमांचित कर दिया। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए इस अहम मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन बनाकर राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि वे महज तीन रन से आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बनने से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने टीम की जीत में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
मुकाबले के बाद जब उनसे क्रिस गेल के रिकॉर्ड को लेकर सवाल पूछा गया तो वैभव ने बेहद सादगी और परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस रिकॉर्ड की जानकारी आउट होने के बाद मिली। मैदान पर उनका पूरा ध्यान सिर्फ टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर था। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत उपलब्धियां बाद में आती हैं, लेकिन टीम की जीत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
वैभव की इस पारी ने राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम में नया आत्मविश्वास भर दिया है। युवा बल्लेबाज ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और हैदराबाद के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। मैदान के चारों तरफ खेले गए उनके शॉट्स ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। खासकर पावरप्ले के दौरान उन्होंने जिस तरह तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स पर हमला बोला, उससे मैच का रुख पूरी तरह राजस्थान की ओर मुड़ गया।
क्रिस गेल ने आईपीएल में 30 गेंदों पर शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया था। वैभव जब 97 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब सभी की नजरें इस रिकॉर्ड पर टिक गई थीं। लेकिन 8वें ओवर में प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर थर्ड मैन की दिशा में खेला गया शॉट सीधे फील्डर के हाथों में चला गया और वे शतक से चूक गए।
इस बारे में वैभव ने कहा कि वे उस समय शतक के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहे थे। उन्होंने फील्ड सेटिंग को देखकर शॉट खेलने की कोशिश की थी, लेकिन टाइमिंग सही नहीं बैठ पाई। वैभव ने बताया कि अगर गेंद सही तरीके से लगती तो वह आसानी से बाउंड्री पार चली जाती।
युवा बल्लेबाज ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट और कोचिंग स्टाफ को भी दिया। उन्होंने कहा कि मैच से पहले कोच ने उन्हें सिर्फ वही खेलने को कहा था, जो वे नेट्स में अभ्यास करते हैं। कोचिंग स्टाफ ने उन्हें दबाव से दूर रहकर खेल का आनंद लेने की सलाह दी थी। यही कारण रहा कि उन्होंने बिना किसी डर के खुलकर बल्लेबाजी की।
वैभव ने कहा कि जब टीम लगातार जीत हासिल करती है तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने बताया कि राजस्थान रॉयल्स का पूरा फोकस अब अगले मुकाबले पर है और टीम फाइनल में पहुंचकर ट्रॉफी जीतना चाहती है।
उन्होंने यह भी माना कि राजस्थान इस मुकाबले में और बड़ा स्कोर बना सकती थी। वैभव के अनुसार, जिस तरह की बल्लेबाजी पिच थी, उस पर 260 से ज्यादा रन भी संभव थे। हालांकि उनकी पारी के दम पर टीम ने इतना बड़ा स्कोर बनाया कि हैदराबाद दबाव में आ गई।
वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी है। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। अब उनके नाम इस सीजन में 65 छक्के दर्ज हो चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें आईपीएल का नया सुपरस्टार बना दिया है।
मैच के बाद वैभव ने अपनी बल्लेबाजी की तैयारी को लेकर भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे हर मुकाबले से पहले गेंदबाजों, विकेट की प्रकृति और बाउंड्री के आकार का गहराई से अध्ययन करते हैं। इससे उन्हें मैदान पर तेजी से फैसले लेने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा पॉजिटिव क्रिकेट खेलना होता है। जब बल्लेबाज आत्मविश्वास के साथ खेलता है तो गेंदबाज खुद दबाव महसूस करने लगते हैं।
राजस्थान रॉयल्स के लिए यह जीत बेहद अहम मानी जा रही है। टीम अब क्वालिफायर-2 में पहुंचेगी, जहां उसकी नजरें फाइनल के टिकट पर होंगी। वैभव सूर्यवंशी की फॉर्म को देखते हुए राजस्थान के समर्थकों को उम्मीद है कि युवा बल्लेबाज आगे भी इसी अंदाज में खेलकर टीम को चैंपियन बना सकते हैं। कम उम्र में जिस तरह वैभव ने बड़े मंच पर खुद को साबित किया है, उसने भारतीय क्रिकेट को एक नया उभरता सितारा दे दिया है। इसी निरंतरता के साथ खेलते रहे तो आने वाले वर्षों में भारतीय टीम के लिए भी महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन सकते हैं।
