- Hindi News
- देश विदेश
- होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाएगा ईरान, इजराइल बोला- युद्ध कब खत्म होगा तय नहीं
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाएगा ईरान, इजराइल बोला- युद्ध कब खत्म होगा तय नहीं
Digital Desk
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का प्रस्ताव मंजूर किया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर की आशंका बढ़ गई है।
ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना को आगे बढ़ाया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान को उसकी स्थानीय मुद्रा रियाल में शुल्क देना होगा। इसके साथ ही अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों को इस मार्ग में प्रवेश से रोकने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
हालांकि, यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है। इसे लागू होने से पहले ईरान की संसद, गार्जियन काउंसिल और राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी आवश्यक होगी।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर संभावित असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यहां से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई होती है। ऐसे में ईरान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तरह की बाधा से तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इजराइल का बयान और युद्ध पर अनिश्चितता
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के खत्म होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई जा सकती। एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि अब तक युद्ध के आधे से अधिक लक्ष्य हासिल किए जा चुके हैं और आने वाले समय में ईरान का मौजूदा शासन कमजोर पड़ सकता है।
ईरान के इस्फहान में अमेरिका की एयरस्ट्राइक
इस बीच अमेरिका ने ईरान के शहर Isfahan में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे भूमिगत ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हमले के बाद डिपो में जोरदार विस्फोट हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार वहां बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री मौजूद थी।
ट्रंप का वीडियो और अमेरिका का दावा
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर हमले से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि यह कार्रवाई सैन्य ठिकानों को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान की ओर से टोल नीति और अमेरिका-इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों ने वैश्विक तेल बाजार और कूटनीतिक संबंधों पर दबाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाएगा ईरान, इजराइल बोला- युद्ध कब खत्म होगा तय नहीं
Digital Desk
ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना को आगे बढ़ाया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार, इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान को उसकी स्थानीय मुद्रा रियाल में शुल्क देना होगा। इसके साथ ही अमेरिका और इजराइल से जुड़े जहाजों को इस मार्ग में प्रवेश से रोकने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
हालांकि, यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है। इसे लागू होने से पहले ईरान की संसद, गार्जियन काउंसिल और राष्ट्रपति की अंतिम मंजूरी आवश्यक होगी।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर संभावित असर
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यहां से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल और एलएनजी की सप्लाई होती है। ऐसे में ईरान का यह कदम अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तरह की बाधा से तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इजराइल का बयान और युद्ध पर अनिश्चितता
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के खत्म होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई जा सकती। एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि अब तक युद्ध के आधे से अधिक लक्ष्य हासिल किए जा चुके हैं और आने वाले समय में ईरान का मौजूदा शासन कमजोर पड़ सकता है।
ईरान के इस्फहान में अमेरिका की एयरस्ट्राइक
इस बीच अमेरिका ने ईरान के शहर Isfahan में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे भूमिगत ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हमले के बाद डिपो में जोरदार विस्फोट हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार वहां बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री मौजूद थी।
ट्रंप का वीडियो और अमेरिका का दावा
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर हमले से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि यह कार्रवाई सैन्य ठिकानों को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान की ओर से टोल नीति और अमेरिका-इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों ने वैश्विक तेल बाजार और कूटनीतिक संबंधों पर दबाव बढ़ा दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।
