इज़राइल चुनाव पोल: गादी ईज़नकोट की याशर पार्टी नेतन्याहू की लिकुड से आगे

Digital desk

इज़राइल के नए ओपिनियन पोल में गादी ईज़नकोट की याशर पार्टी को 25 और नेतन्याहू की लिकुड को 21 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है।

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को आगामी चुनावों में कड़ी राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक नए ओपिनियन पोल के अनुसार, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी ईज़नकोट की पार्टी 'याशर' (Yashar) नेतन्याहू की पार्टी 'लिकुड' (Likud) से आगे निकल गई है।

'ज़मान इज़राइल' (Zman Israel) द्वारा जारी किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, 120 सदस्यों वाली नेसेट (इजरायली संसद) में ईज़नकोट की याशर पार्टी को 25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 21 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

दोनों मुख्य पार्टियों के बीच चार सीटों का यह अंतर हाल के दौर के सर्वेक्षणों की तुलना में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे पहले के कई पोल में याशर पार्टी को लिकुड पर केवल मामूली बढ़त मिलती दिख रही थी या दोनों दलों में बराबरी की टक्कर दर्ज की जा रही थी।

चुनाव प्रक्रिया, मतदान दिशा-निर्देशों और चुनाव संबंधी आधिकारिक जानकारियों के लिए नागरिक इज़राइल केंद्रीय चुनाव समिति (Central Elections Committee) के आधिकारिक पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।

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दोनों प्रमुख गुटों के पास स्पष्ट बहुमत का अभाव

यद्यपि नए सर्वे में याशर सबसे बड़ी एकल पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन ईज़नकोट के लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा। इज़राइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 61 सीटों का है।

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  • एंटी-नेतन्याहू गुट (Change Bloc): सर्वेक्षण के अनुसार, इस गठबंधन को लगभग 58 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो बहुमत से 3 सीट कम हैं।

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  • नेतन्याहू समर्थक गुट: इस समूह के खाते में कुल मिलाकर लगभग 50 सीटें जाने का अनुमान है।

  • अरब पार्टियां: अरब प्रतिनिधित्व वाले दलों को 12 सीटें मिल सकती हैं, जिनमें राम (Ra'am) पार्टी और हदश-ताअल (Hadash-Ta'al) प्रत्येक को 6-6 सीटें मिलने का अनुमान है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि फिलहाल कोई भी गुट स्वतंत्र रूप से सरकार बनाने की स्थिति में नहीं दिख रहा है, जिससे मतदान के बाद गठबंधन की बातचीत की भूमिका निर्णायक हो जाएगी।

ईज़नकोट का 'सबसे बड़े दल' का दावा

गादी ईज़नकोट ने यह तर्क प्रस्तुत किया है कि एंटी-नेतन्याहू गुट में सबसे बड़ी पार्टी का नेतृत्व करने वाले नेता को ही नई सरकार बनाने का पहला अवसर मिलना चाहिए।

प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर विपक्षी खेमे में पहले से ही खींचतान चल रही है। याइर लापिद की पार्टी 'येश अतिद' / 'बियाखाद' ने यह तो स्पष्ट किया है कि वे विकल्प सरकार के गठन में बाधा नहीं बनेंगे, लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वे ईज़नकोट को प्रधानमंत्री के रूप में समर्थन देंगे, तो उन्होंने स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट भी इस पद के अन्य दावेदारों में शामिल हैं।

बेनेट का उदाहरण क्यों महत्वपूर्ण है?

2021 में नफ्ताली बेनेट केवल 7 सीटों के साथ प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं वाले व्यापक गठबंधन का नेतृत्व किया था जो 2022 में समाप्त हो गया था। यही कारण है कि ईज़नकोट का "सबसे बड़ी पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बने" वाला प्रस्ताव विपक्षी राजनीति में विशेष महत्व रखता है।

सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं

राजनीतिक सरगर्मियों के बीच गादी ईज़नकोट की निजी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायली राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने के संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए इज़राइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' (Shin Bet) ईज़नकोट को सशस्त्र सुरक्षा कवच प्रदान करने पर विचार कर रही है।

आगामी चुनाव अभियान के और अधिक तीखे होने की उम्मीद है। केवल सबसे ज्यादा सीटें जीतना ही नहीं, बल्कि बहुमत का आंकड़ा (61 सीटें) जुटाने के लिए रणनीतिक गठबंधन बनाना भी दलों के लिए अनिवार्य होगा। इज़राइल में जारी राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी रुझानों से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए The Times of Israel Election Coverage पोर्टल देखा जा सकता है।

 

www.dainikjagranmpcg.com
16 Aug 2026 By दैनिक जागरण

इज़राइल चुनाव पोल: गादी ईज़नकोट की याशर पार्टी नेतन्याहू की लिकुड से आगे

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इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को आगामी चुनावों में कड़ी राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एक नए ओपिनियन पोल के अनुसार, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी ईज़नकोट की पार्टी 'याशर' (Yashar) नेतन्याहू की पार्टी 'लिकुड' (Likud) से आगे निकल गई है।

'ज़मान इज़राइल' (Zman Israel) द्वारा जारी किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, 120 सदस्यों वाली नेसेट (इजरायली संसद) में ईज़नकोट की याशर पार्टी को 25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 21 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

दोनों मुख्य पार्टियों के बीच चार सीटों का यह अंतर हाल के दौर के सर्वेक्षणों की तुलना में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे पहले के कई पोल में याशर पार्टी को लिकुड पर केवल मामूली बढ़त मिलती दिख रही थी या दोनों दलों में बराबरी की टक्कर दर्ज की जा रही थी।

चुनाव प्रक्रिया, मतदान दिशा-निर्देशों और चुनाव संबंधी आधिकारिक जानकारियों के लिए नागरिक इज़राइल केंद्रीय चुनाव समिति (Central Elections Committee) के आधिकारिक पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।

दोनों प्रमुख गुटों के पास स्पष्ट बहुमत का अभाव

यद्यपि नए सर्वे में याशर सबसे बड़ी एकल पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन ईज़नकोट के लिए सरकार बनाना आसान नहीं होगा। इज़राइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 61 सीटों का है।

  • एंटी-नेतन्याहू गुट (Change Bloc): सर्वेक्षण के अनुसार, इस गठबंधन को लगभग 58 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो बहुमत से 3 सीट कम हैं।

  • नेतन्याहू समर्थक गुट: इस समूह के खाते में कुल मिलाकर लगभग 50 सीटें जाने का अनुमान है।

  • अरब पार्टियां: अरब प्रतिनिधित्व वाले दलों को 12 सीटें मिल सकती हैं, जिनमें राम (Ra'am) पार्टी और हदश-ताअल (Hadash-Ta'al) प्रत्येक को 6-6 सीटें मिलने का अनुमान है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि फिलहाल कोई भी गुट स्वतंत्र रूप से सरकार बनाने की स्थिति में नहीं दिख रहा है, जिससे मतदान के बाद गठबंधन की बातचीत की भूमिका निर्णायक हो जाएगी।

ईज़नकोट का 'सबसे बड़े दल' का दावा

गादी ईज़नकोट ने यह तर्क प्रस्तुत किया है कि एंटी-नेतन्याहू गुट में सबसे बड़ी पार्टी का नेतृत्व करने वाले नेता को ही नई सरकार बनाने का पहला अवसर मिलना चाहिए।

प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर विपक्षी खेमे में पहले से ही खींचतान चल रही है। याइर लापिद की पार्टी 'येश अतिद' / 'बियाखाद' ने यह तो स्पष्ट किया है कि वे विकल्प सरकार के गठन में बाधा नहीं बनेंगे, लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वे ईज़नकोट को प्रधानमंत्री के रूप में समर्थन देंगे, तो उन्होंने स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट भी इस पद के अन्य दावेदारों में शामिल हैं।

बेनेट का उदाहरण क्यों महत्वपूर्ण है?

2021 में नफ्ताली बेनेट केवल 7 सीटों के साथ प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं वाले व्यापक गठबंधन का नेतृत्व किया था जो 2022 में समाप्त हो गया था। यही कारण है कि ईज़नकोट का "सबसे बड़ी पार्टी का नेता ही प्रधानमंत्री बने" वाला प्रस्ताव विपक्षी राजनीति में विशेष महत्व रखता है।

सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं

राजनीतिक सरगर्मियों के बीच गादी ईज़नकोट की निजी सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इज़रायली राजनीतिक हस्तियों को निशाना बनाने के संभावित सुरक्षा खतरों को देखते हुए इज़राइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' (Shin Bet) ईज़नकोट को सशस्त्र सुरक्षा कवच प्रदान करने पर विचार कर रही है।

आगामी चुनाव अभियान के और अधिक तीखे होने की उम्मीद है। केवल सबसे ज्यादा सीटें जीतना ही नहीं, बल्कि बहुमत का आंकड़ा (61 सीटें) जुटाने के लिए रणनीतिक गठबंधन बनाना भी दलों के लिए अनिवार्य होगा। इज़राइल में जारी राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी रुझानों से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए The Times of Israel Election Coverage पोर्टल देखा जा सकता है।

 

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