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LPG को लेकर डर फैलाने वालों पर सख्ती होगी: प्रधानमंत्री मोदी
नेशनल न्यूज
दिल्ली के भारत मंडपम में NXT समिट में बोले प्रधानमंत्री; वैश्विक युद्ध के कारण ऊर्जा संकट की चुनौती, लेकिन आम लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में एलपीजी को लेकर फैल रही आशंकाओं और अफवाहों पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग जानबूझकर डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एनएक्सटी समिट में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं, लेकिन देश को शांति और धैर्य के साथ स्थिति का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट के समय अफवाह फैलाने से हालात और बिगड़ते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए गलत जानकारी फैला रहे हैं और इससे फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे तत्वों पर नजर रख रही है और कालाबाजारी या जमाखोरी जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी संकट से निपटने में पूरे समाज की जिम्मेदारी होती है। इसमें सरकार के साथ-साथ राजनीतिक दलों, मीडिया, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भी भूमिका होती है। उन्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश एकजुट होकर काम करता है तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने इस क्षेत्र में बड़ा विस्तार किया है। वर्ष 2014 में देश में करीब 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 33 करोड़ से अधिक हो चुके हैं। इसी अवधि में गैस बॉटलिंग क्षमता भी लगभग दोगुनी हो गई है।
उन्होंने बताया कि 2014 में देश में केवल चार एलएनजी टर्मिनल थे, जबकि अब उनकी संख्या दोगुनी हो चुकी है। इसी तरह पाइप गैस की पहुंच भी तेजी से बढ़ी है। पहले जहां करीब 25 से 26 लाख घरों तक पाइप गैस पहुंचती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1.25 करोड़ से अधिक हो गई है।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रेलवे के तेजी से विद्युतीकरण से ईंधन की खपत में बड़ी कमी आई है। वर्ष 2014 तक केवल लगभग 20 प्रतिशत रेलवे लाइनें ही विद्युतीकृत थीं, जबकि अब लगभग पूरी रेलवे नेटवर्क बिजली से संचालित हो रहा है। इससे वर्ष 2024-25 में करीब 180 करोड़ लीटर ईंधन की बचत हुई है।
एनएक्सटी समिट 2026 एक तीन दिवसीय वैश्विक नेतृत्व मंच है, जिसमें विभिन्न देशों के राजनीतिक नेता, राजनयिक, वैज्ञानिक और उद्योग जगत से जुड़े प्रमुख लोग भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, जितेंद्र सिंह, मनोहर लाल खट्टर और अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन भारत ने हमेशा कठिन परिस्थितियों में संयम और एकजुटता से आगे बढ़ने का रास्ता चुना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदारी के साथ परिस्थितियों का सामना करें।
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