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INTACH में भारतीय फोटोग्राफी के 111 वर्ष पूरे होने का उत्सव, ‘महाकुंभ: ए स्पिरिचुअल ओडिसी’ पुस्तक का विमोचन
डिजिटल डेस्क
महत्ता एंड कंपनी ने व्याख्यान और पुस्तक लोकार्पण के जरिए फोटोग्राफी, विरासत और सांस्कृतिक जिम्मेदारी पर केंद्रित संवाद को दी नई दिशा
भारतीय फोटोग्राफी की 111 वर्षों लंबी यात्रा को समर्पित एक विशेष आयोजन शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित किया गया। ऐतिहासिक लोधी एस्टेट स्थित इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) भवन में महत्ता एंड कंपनी ने “द क्राफ्टिंग ऑफ फोटोग्राफी: फ्रॉम इंटेंट टू ऑब्जेक्ट” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया, जिसके बाद उनकी नई पुस्तक ‘महाकुंभ: ए स्पिरिचुअल ओडिसी’ का औपचारिक विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में महत्ता एंड कंपनी के प्रतिनिधि पवन महत्ता, पंकज महत्ता और अर्जुन महत्ता ने फोटोग्राफी को केवल तकनीकी माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्मृति और ऐतिहासिक दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 1915 में श्रीनगर में स्थापित पहले स्टूडियो से शुरू हुई यह यात्रा आज चार पीढ़ियों तक पहुँच चुकी है, जिसमें भारत के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिवर्तन कैमरे के माध्यम से दर्ज किए गए हैं।
व्याख्यान के दौरान वक्ताओं ने फोटोग्राफी की रचनात्मक प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। फ्रेमिंग, रोशनी, समय और दृष्टिकोण जैसे तत्वों को तस्वीर की आत्मा बताते हुए यह रेखांकित किया गया कि फोटोग्राफर का हर निर्णय भविष्य की स्मृति को आकार देता है। पवन महत्ता ने कहा कि फोटोग्राफी सिर्फ दृश्य को कैद करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह तय करती है कि इतिहास कैसे देखा और समझा जाएगा।
पोस्ट-प्रोडक्शन और एडिटिंग पर बात करते हुए पंकज महत्ता ने स्पष्ट किया कि संपादन वास्तविकता को बदलने का नहीं, बल्कि तस्वीर को पूर्णता देने का माध्यम है। उन्होंने इसे फोटोग्राफिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा बताया, जो संदेश को स्पष्ट और प्रभावी बनाता है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पुस्तक ‘महाकुंभ: ए स्पिरिचुअल ओडिसी’ का विमोचन रहा। यह पुस्तक प्रयागराज में आयोजित 2025 के महाकुंभ मेले का दृश्यात्मक दस्तावेज़ है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, साधना, अनुष्ठान और मानवीय भावनाओं को कैमरे के माध्यम से सहेजा गया है। अर्जुन महत्ता ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य महाकुंभ की विशालता के साथ-साथ उसकी आत्मीयता को भी दर्ज करना था।
इस अवसर पर देश के जाने-माने कलाकार, फोटोग्राफर, इतिहासकार और सांस्कृतिक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। INTACH के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम को भारतीय फोटोग्राफी और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संवाद के रूप में देखा जा रहा है।
महत्ता एंड कंपनी ने INTACH को इस आयोजन के लिए सहयोग और मंच प्रदान करने हेतु आभार व्यक्त किया। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि फोटोग्राफी न केवल अतीत को सहेजती है, बल्कि भविष्य के लिए सांस्कृतिक संदर्भ भी तैयार करती है।
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