- Hindi News
- राज्य
- छत्तीसगढ़
- दुर्ग-भिलाई में म्यूल अकाउंट से 12.78 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग-भिलाई में म्यूल अकाउंट से 12.78 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग-भिलाई (छ.ग.)
समन्वय पोर्टल से मिले इनपुट पर सुपेला पुलिस की कार्रवाई, संदिग्ध बैंक खाते में दर्जनों ट्रांजैक्शन से जुड़ा था ठगी नेटवर्क
छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। सुपेला थाना पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए 12.78 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल से प्राप्त संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी के आधार पर की गई, जिससे पूरे मामले की परतें खुल सकीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, समन्वय पोर्टल के माध्यम से दुर्ग पुलिस को कुछ बैंक खातों को लेकर अलर्ट मिला था, जिनमें असामान्य और संदिग्ध लेन-देन दर्ज किए गए थे। इन खातों की प्राथमिक जांच में सामने आया कि सुपेला स्थित जेना स्मॉल फाइनेंस बैंक के एक खाते में विभिन्न साइबर ठगी मामलों से जुड़ी रकम जमा की जा रही है। इसके बाद सुपेला थाना पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की।
जांच के दौरान पता चला कि 16 अक्टूबर 2024 को संबंधित बैंक खाते में एक ही दिन में 12 लाख 78 हजार 997 रुपये ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से जमा हुए थे। यह राशि अलग-अलग राज्यों और पीड़ितों से जुड़ी साइबर ठगी की घटनाओं से संबंधित थी। पुलिस ने इसे म्यूल अकाउंट का मामला मानते हुए खाताधारक की भूमिका की गहन जांच की।
पुलिस ने खाताधारक की पहचान मोहम्मद गुलाम अंसारी (36 वर्ष) के रूप में की है, जो दुर्ग जिले के वैशाली नगर क्षेत्र का निवासी है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर अपना बैंक खाता अन्य लोगों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया था। इसके बदले उसे कमीशन या आर्थिक लाभ मिलने की बात भी जांच में उजागर हुई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे म्यूल अकाउंट साइबर ठगों के लिए अहम कड़ी होते हैं, जिनके जरिए वे ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करते हैं।
सुपेला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) और 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में केवल एक खाते तक सीमित न रहकर पूरे साइबर ठगी नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा ठगी की रकम आगे किन खातों या माध्यमों से ट्रांसफर की गई। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने बैंक खाते किसी भी व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
-----
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
