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“धान खरीदी और मनरेगा विरोध में छत्तीसगढ़ सड़कों पर कांग्रेस का चक्का-जाम, हाईवे पर लगी लंबी वाहनों की कतारें”
बिलासपुर (छ.ग.)
“रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में सड़क जाम, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा एक्ट के नाम बदलने और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन”
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायपुर और रायगढ़ में मनरेगा बचाओ संग्राम और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और चक्का-जाम किया गया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य सड़कों पर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
बिलासपुर-अंबिकापुर हाईवे पर प्रदर्शन करीब आधे घंटे तक चला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर नारेबाजी की, जिसके कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रायपुर-जगदलपुर और ओडिशा एनएच-30 मार्ग पर भी इसी तरह का जाम देखा गया। सड़क पर फंसे लोगों ने कुछ समय तक इंतजार किया, जबकि प्रदर्शनकारी लगातार सरकार के खिलाफ अपना विरोध प्रकट करते रहे।
रायगढ़ जिले के कोलाईबहाल में भी कांग्रेसियों ने चक्का-जाम और सांकेतिक धरना दिया। यहां उन्होंने मनरेगा योजना का नाम बदलने और धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग दोहराई। शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों का धान पूरी तरह नहीं खरीद रही है, इसलिए कांग्रेस किसानों के हित में धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग कर रही है।
गरियाबंद जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरंगा चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर मनरेगा योजना के नाम बदलने का विरोध किया। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग की और जल्द ही बड़े पैमाने पर घेराव का एलान करने की चेतावनी भी दी।
इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं और ग्रामीण रोजगार योजनाओं पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना बताया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा योजना का नाम बदलने और धान खरीदी की तिथि न बढ़ाने से किसानों और ग्रामीण मजदूरों को नुकसान होगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सड़क और हाईवे पर पर्याप्त सुरक्षा और मार्गदर्शन सुनिश्चित किया, जिससे कि जाम के प्रभाव को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, कई क्षेत्रों में वाहन चालकों को लगभग आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
इस तरह के चक्का-जाम और धरना-प्रदर्शन राज्य में राजनीतिक और किसान संगठनों के बीच बढ़ते तनाव की ओर इशारा कर रहे हैं। कांग्रेस का यह प्रदर्शन राज्य में किसानों और ग्रामीण कामगारों के हितों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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