- Hindi News
- धर्म
- सोमवार के उपाय: भगवान शिव की पूजा से सुख-समृद्धि का मार्ग, जानें कौन से उपाय माने जाते हैं प्रभावी
सोमवार के उपाय: भगवान शिव की पूजा से सुख-समृद्धि का मार्ग, जानें कौन से उपाय माने जाते हैं प्रभावी
धर्म डेस्क
शिवलिंग अभिषेक से लेकर महामृत्युंजय मंत्र जाप तक, सोमवार को किए जाने वाले उपायों को क्यों माना जाता है धन, नौकरी और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन शिव भक्ति के लिए समर्पित है और इसी कारण देश के कई हिस्सों में श्रद्धालु सोमवार को शिव मंदिरों में जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं। ज्योतिष और धर्मशास्त्रों में वर्णित उपायों के अनुसार, सोमवार को किए गए कुछ विशेष अनुष्ठान जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और स्थिरता लाने में सहायक माने जाते हैं।
उपाय
शिव भक्तों का मानना है कि भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। नौकरी, आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याओं या पारिवारिक तनाव से जूझ रहे लोग सोमवार के दिन शिवलिंग पर अभिषेक और मंत्र जाप करते हैं। यही कारण है कि हर सोमवार शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जाती है।
क्या हैं प्रमुख सोमवार उपाय
धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, सोमवार को सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल, कच्चा दूध, गंगाजल, शहद और बेलपत्र चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति की कामना की जाती है।
इसके साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप रोग, भय और बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है। कई श्रद्धालु रुद्राक्ष, दूध या शक्कर का दान भी करते हैं, जिसे आर्थिक स्थिति मजबूत करने से जोड़ा जाता है।
कैसे जुड़े हैं ये उपाय दैनिक जीवन से
कुछ मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र पर शहद लगाकर शिवलिंग पर अर्पित करने से घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है। वहीं, आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे लोग सोमवार की शाम शिव मंदिर में घी का दीपक जलाते हैं। करियर में तरक्की की कामना करने वाले श्रद्धालु शिवलिंग पर शहद अर्पित कर सफलता की प्रार्थना करते हैं।
सेहत और मानसिक शांति से जुड़ी आस्थाएं
स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवलिंग पर जल, दूध, अक्षत और काले तिल चढ़ाकर आरती करने की परंपरा भी प्रचलित है। सोमवार को सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनने को मन की शांति और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है। कुछ क्षेत्रों में आक या मदार का फूल अर्पित करने को दरिद्रता नाश का प्रतीक माना जाता है।
धर्माचार्यों का कहना है कि ये उपाय आस्था और विश्वास से जुड़े हैं। इन्हें जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम भी माना जा सकता है। उनका मानना है कि नियमित पूजा-पाठ और संयमित जीवनशैली व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है।
--------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
