- Hindi News
- धर्म
- वरुथिनी एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें 5 जरूरी नियम
वरुथिनी एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें 5 जरूरी नियम
धर्म डेस्क
वरुथिनी एकादशी पर व्रत न रखने पर भी अपनाएं ये नियम, मिलेगा पुण्य और जीवन में आएगी समृद्धि
आज वरुथिनी एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। सनातन धर्म में एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, जो पापों के नाश और सुख-समृद्धि की प्राप्ति का मार्ग खोलता है। यदि कोई व्यक्ति व्रत नहीं रख पा रहा है, तो भी कुछ विशेष नियमों का पालन करके इसका लाभ प्राप्त कर सकता है।
1. सात्विक भोजन कापालन करें
एकादशी के दिन भोजन पूरी तरह सात्विक होना चाहिए। लहसुन, प्याज, मांसाहार और नशीली चीजों से दूर रहना जरूरी है। यह दिन शरीर और मन की शुद्धि के लिए माना जाता है।
2. बाल और नाखून न काटें
इस दिन बाल धोना, कटवाना या नाखून काटना अशुभ माना गया है। साथ ही कपड़े धोने से भी बचना चाहिए, क्योंकि यह दिन तप और संयम का होता है।
3. क्रोध और नकारात्मकता से दूरी रखें
एकादशी का मुख्य उद्देश्य मन को शांत और पवित्र बनाना है। इसलिए इस दिन किसी से विवाद न करें, क्रोध से बचें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
4. भगवान विष्णु का स्मरण करें
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। भजन-कीर्तन करने से मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
5. दान-पुण्य अवश्य करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब जरूरतमंदों की मदद की जाए। एकादशी के दिन गरीबों को भोजन कराना या दान देना विशेष पुण्यदायी माना गया है।
धार्मिक गुरुओं और संतों के अनुसार, एकादशी के नियमों का पालन करने से जीवन में सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता आती है। यह दिन आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का अवसर भी देता है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
वरुथिनी एकादशी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें 5 जरूरी नियम
धर्म डेस्क
आज वरुथिनी एकादशी का पावन व्रत रखा जा रहा है। सनातन धर्म में एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, जो पापों के नाश और सुख-समृद्धि की प्राप्ति का मार्ग खोलता है। यदि कोई व्यक्ति व्रत नहीं रख पा रहा है, तो भी कुछ विशेष नियमों का पालन करके इसका लाभ प्राप्त कर सकता है।
1. सात्विक भोजन कापालन करें
एकादशी के दिन भोजन पूरी तरह सात्विक होना चाहिए। लहसुन, प्याज, मांसाहार और नशीली चीजों से दूर रहना जरूरी है। यह दिन शरीर और मन की शुद्धि के लिए माना जाता है।
2. बाल और नाखून न काटें
इस दिन बाल धोना, कटवाना या नाखून काटना अशुभ माना गया है। साथ ही कपड़े धोने से भी बचना चाहिए, क्योंकि यह दिन तप और संयम का होता है।
3. क्रोध और नकारात्मकता से दूरी रखें
एकादशी का मुख्य उद्देश्य मन को शांत और पवित्र बनाना है। इसलिए इस दिन किसी से विवाद न करें, क्रोध से बचें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।
4. भगवान विष्णु का स्मरण करें
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। भजन-कीर्तन करने से मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
5. दान-पुण्य अवश्य करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब जरूरतमंदों की मदद की जाए। एकादशी के दिन गरीबों को भोजन कराना या दान देना विशेष पुण्यदायी माना गया है।
धार्मिक गुरुओं और संतों के अनुसार, एकादशी के नियमों का पालन करने से जीवन में सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता आती है। यह दिन आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का अवसर भी देता है।
